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खेल विवि का 70 फीसदी निर्माण पूरा, नवंबर तक तैयार होने की उम्मीद
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खेल विवि में निर्माणाधीन प्रशासनिक भवन।
- फोटो : mrt
सरधना (मेरठ)। सलावा गांव में बन रहा मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्वविद्यालय तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। अब तक 69.05 फीसदी भौतिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि तय कार्यक्रम के अनुसार यह प्रगति 94.80 फीसदी होनी चाहिए थी। आईआईटी की रिपोर्ट के अनुसार नहर किनारे भूकंप संभावित क्षेत्र में यह निर्माण हो रहा है। यहां कक्षा भवन, छात्रावास और कुलपति आवास लगभग तैयार हो चुके हैं। अब नवंबर तक प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद है। वहींं, बीपीईएस कोर्स में सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
इस परियोजना के लिए कुल 247.13 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। इसमें से 175.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। विश्वविद्यालय परिसर गंगनहर के किनारे स्थित है। यहां 21 भवनों के लिए कुल 5371 पाइलिंग का कार्य पूरा किया गया है। सभी भवनों की नींव तैयार हो चुकी है और ढांचे का निर्माण कार्य जारी है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हितेंद्र सिंह ने बताया कि निर्माण स्थल की भू-तकनीकी जांच आईआईटी रुड़की से कराई गई है। नहर के किनारे होने के कारण इस स्थल को भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील माना गया है। इसे ध्यान में रखते हुए ही निर्माण कराया जा रहा है।
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शैक्षणिक और छात्रावास के भवन लगभग तैयार
शैक्षणिक ब्लॉक और कक्षा परिसर का 98 फीसदी संरचना कार्य पूरा हो चुका है। कुलपति आवास और कार्यशाला भवन का ढांचा तैयार है। बालक और बालिका छात्रावास (एकल सीटर) भवनों का 98 फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है। स्वास्थ्य केंद्र और सुविधा केंद्र की संरचना तैयार हो चुकी है। हालांकि परिष्करण कार्य अभी बाकी है। इनडोर खेल परिसर का अधिरचना कार्य फिलहाल स्थगित है। विश्वविद्यालय परिसर की बाउंड्री वॉल का 75 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है, जबकि आंतरिक सड़कों का समतलीकरण कार्य भी जारी है। अब तक 45 कार्य समतल स्तर तक पूरे किए जा चुके हैं। वर्तमान में औसतन 970 श्रमिक प्रतिदिन निर्माण कार्य में लगे हैं। परियोजना की निर्धारित पूर्णता तिथि 14 अगस्त 2025 है, लेकिन पॉकेट-1 के अंतर्गत कार्य नवंबर 2025 तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है।
डिजिटल शैक्षणिक नेटवर्क से जुड़ेंगे शोधार्थी
खेल विश्वविद्यालय ने सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क केंद्र गांधीनगर के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी से विश्वविद्यालय के छात्र, शोधार्थी और फैकल्टी अब राष्ट्रीय डिजिटल शैक्षणिक नेटवर्क से सीधे जुड़ सकेंगे। इससे उच्च गुणवत्ता की अध्ययन सामग्री, शोध संसाधनों और शैक्षणिक पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस करार से संस्थान को देश के अग्रणी शिक्षण व शोध संस्थानों की कतार में लाने में मदद मिलेगी।
निर्माण में देरी पर लग चुका है छह करोड़ का जुर्माना
सरधना। खेल विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य में देरी के कारण कार्यदायी संस्था दिपांशु प्रमोटर एंड बिल्डर्स पर अब तक छह करोड़ रुपये का जुर्माना लग चुका है। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन हितेंद्र सिंह ने बताया कि यदि तय समय सीमा तक निर्माण कार्य पूरा नहीं होता तो अतिरिक्त तीन करोड़ रुपये की और पेनल्टी लगाई जा सकती है। बता दें कि विश्वविद्यालय परिसर के कई भवनों का कार्य निर्धारित समय से पीछे चल रहा है, जिस कारण शासन ने सख्ती दिखाई है।
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इस परियोजना के लिए कुल 247.13 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। इसमें से 175.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। विश्वविद्यालय परिसर गंगनहर के किनारे स्थित है। यहां 21 भवनों के लिए कुल 5371 पाइलिंग का कार्य पूरा किया गया है। सभी भवनों की नींव तैयार हो चुकी है और ढांचे का निर्माण कार्य जारी है।
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हितेंद्र सिंह ने बताया कि निर्माण स्थल की भू-तकनीकी जांच आईआईटी रुड़की से कराई गई है। नहर के किनारे होने के कारण इस स्थल को भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील माना गया है। इसे ध्यान में रखते हुए ही निर्माण कराया जा रहा है।
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शैक्षणिक और छात्रावास के भवन लगभग तैयार
शैक्षणिक ब्लॉक और कक्षा परिसर का 98 फीसदी संरचना कार्य पूरा हो चुका है। कुलपति आवास और कार्यशाला भवन का ढांचा तैयार है। बालक और बालिका छात्रावास (एकल सीटर) भवनों का 98 फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है। स्वास्थ्य केंद्र और सुविधा केंद्र की संरचना तैयार हो चुकी है। हालांकि परिष्करण कार्य अभी बाकी है। इनडोर खेल परिसर का अधिरचना कार्य फिलहाल स्थगित है। विश्वविद्यालय परिसर की बाउंड्री वॉल का 75 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है, जबकि आंतरिक सड़कों का समतलीकरण कार्य भी जारी है। अब तक 45 कार्य समतल स्तर तक पूरे किए जा चुके हैं। वर्तमान में औसतन 970 श्रमिक प्रतिदिन निर्माण कार्य में लगे हैं। परियोजना की निर्धारित पूर्णता तिथि 14 अगस्त 2025 है, लेकिन पॉकेट-1 के अंतर्गत कार्य नवंबर 2025 तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है।
डिजिटल शैक्षणिक नेटवर्क से जुड़ेंगे शोधार्थी
खेल विश्वविद्यालय ने सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क केंद्र गांधीनगर के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी से विश्वविद्यालय के छात्र, शोधार्थी और फैकल्टी अब राष्ट्रीय डिजिटल शैक्षणिक नेटवर्क से सीधे जुड़ सकेंगे। इससे उच्च गुणवत्ता की अध्ययन सामग्री, शोध संसाधनों और शैक्षणिक पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस करार से संस्थान को देश के अग्रणी शिक्षण व शोध संस्थानों की कतार में लाने में मदद मिलेगी।
निर्माण में देरी पर लग चुका है छह करोड़ का जुर्माना
सरधना। खेल विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य में देरी के कारण कार्यदायी संस्था दिपांशु प्रमोटर एंड बिल्डर्स पर अब तक छह करोड़ रुपये का जुर्माना लग चुका है। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन हितेंद्र सिंह ने बताया कि यदि तय समय सीमा तक निर्माण कार्य पूरा नहीं होता तो अतिरिक्त तीन करोड़ रुपये की और पेनल्टी लगाई जा सकती है। बता दें कि विश्वविद्यालय परिसर के कई भवनों का कार्य निर्धारित समय से पीछे चल रहा है, जिस कारण शासन ने सख्ती दिखाई है।