{"_id":"5c65cdcbbdec2273a5197119","slug":"61550175691-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल इमरजेंसी में फैली गैस की दुर्गंध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल इमरजेंसी में फैली गैस की दुर्गंध
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
मेडिकल इमरजेंसी में फैली गैस, नर्स-मरीजों को आया गश
ऑक्सीजन पाइप चेक किया, फायर एस्टिंग्यूशर भी बदला गया
मगर कुछ पता नहीं चला, इस दौरान मची रही अफरातफरी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बृहस्पतिवार दोपहर करीब ढाई बजे उस समय अफरातफरी मच गई, जब गैस की दुर्गंध से मरीजों, तीमारदारों और मेडिकल स्टाफ को चक्कर आने लगे। एक नर्स भी चक्कर खाकर गिर गईं। मरीज-तीमारदार घबरा गए। इससे अफरातफरी मच गई। सूचना पर मेडिकल के अधिकारी, पुलिस और गैस प्रबंधन करने वाले पदाधिकारी वहां पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक मेडिकल स्टाफ और कई मरीजों को सांस लेने में परेशानी हुई। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी गई। पहले ऑक्सीजन पाइप लाइन को चेक किया गया। इसमें ऑक्सीजन की पाइप लाइन में आवाज आती नजर आई, जिसे दुरुस्त कराया गया। इसके बाद फायर एस्टिंग्यूशर चेक किया गया। महसूस किया गया कि इसमें से भी गैस लीक हो सकती है। उसे हटाया गया और नया फायर एस्टिंग्यूशर लगवाया गया। इसके बाद दुर्गंध आनी बंद हुई, तो सब ने राहत की सांस ली।
नहीं समझ पाए कहां से आ रही थी दुर्गंध
सीएमएस डॉ. धीरज राज ने बताया कि फायर एस्टिंग्यूशर के अलावा ऐसी कोई चीज नहीं मिली, जिससे दुर्गंध आ सकती थी। ऑक्सीजन की पाइप लाइन को दुरुस्त कराया गया। गैस की वजह से किसी से चक्कर नहीं आए, बल्कि घबराहट में ऐसा हो गया होगा। कई बार जले हुए मरीजों से भी दुर्गंध आती है।
विज्ञापन
फायर एस्टिंग्यूशर से नहीं आते चक्कर
सीएफएसओ अजय शर्मा ने बताया कि मेडिकल से फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई थी, लेकिन चंद मिनट बाद ही सूचना आई है कि अब सब ठीक है, इसलिए टीम नहीं गई। फायर एस्टिंग्यूशर में सीओ2 गैस होती है, जो बहुत हल्की होती है, उससे चक्कर नहीं आते हैं।
विज्ञापन
मेडिकल इमरजेंसी में फैली गैस, नर्स-मरीजों को आया गश
ऑक्सीजन पाइप चेक किया, फायर एस्टिंग्यूशर भी बदला गया
मगर कुछ पता नहीं चला, इस दौरान मची रही अफरातफरी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बृहस्पतिवार दोपहर करीब ढाई बजे उस समय अफरातफरी मच गई, जब गैस की दुर्गंध से मरीजों, तीमारदारों और मेडिकल स्टाफ को चक्कर आने लगे। एक नर्स भी चक्कर खाकर गिर गईं। मरीज-तीमारदार घबरा गए। इससे अफरातफरी मच गई। सूचना पर मेडिकल के अधिकारी, पुलिस और गैस प्रबंधन करने वाले पदाधिकारी वहां पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक मेडिकल स्टाफ और कई मरीजों को सांस लेने में परेशानी हुई। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी गई। पहले ऑक्सीजन पाइप लाइन को चेक किया गया। इसमें ऑक्सीजन की पाइप लाइन में आवाज आती नजर आई, जिसे दुरुस्त कराया गया। इसके बाद फायर एस्टिंग्यूशर चेक किया गया। महसूस किया गया कि इसमें से भी गैस लीक हो सकती है। उसे हटाया गया और नया फायर एस्टिंग्यूशर लगवाया गया। इसके बाद दुर्गंध आनी बंद हुई, तो सब ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
नहीं समझ पाए कहां से आ रही थी दुर्गंध
सीएमएस डॉ. धीरज राज ने बताया कि फायर एस्टिंग्यूशर के अलावा ऐसी कोई चीज नहीं मिली, जिससे दुर्गंध आ सकती थी। ऑक्सीजन की पाइप लाइन को दुरुस्त कराया गया। गैस की वजह से किसी से चक्कर नहीं आए, बल्कि घबराहट में ऐसा हो गया होगा। कई बार जले हुए मरीजों से भी दुर्गंध आती है।
विज्ञापन
फायर एस्टिंग्यूशर से नहीं आते चक्कर
सीएफएसओ अजय शर्मा ने बताया कि मेडिकल से फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई थी, लेकिन चंद मिनट बाद ही सूचना आई है कि अब सब ठीक है, इसलिए टीम नहीं गई। फायर एस्टिंग्यूशर में सीओ2 गैस होती है, जो बहुत हल्की होती है, उससे चक्कर नहीं आते हैं।