{"_id":"5c50c3a1bdec22738004eb91","slug":"61548796833-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चैंबर की तरफ से बजट को लेकर भेजे गये सुझाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चैंबर की तरफ से बजट को लेकर भेजे गये सुझाव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री की तरफ से वित्त मंत्री को 8 सूत्रीय सुझाव भेजे गए हैं। इसमें आयकर सीमा को 5 लाख रुपये करने के साथ ही अन्य सुझाव हैं।
चेंबर की तरफ से भेजे सुझाव में पत्र कहा गया कि मुद्रा स्फीति को देखते हुए आयकर की धारा 80 सी के अंतर्गत छूट की सीमा 1.50 लाख से 3 लाख की जाए। आयकर की धारा 80 डी के अंतर्गत मेडिकल प्रीमियम की छूट बढ़ाकर 50 हजार की जाए। इसके साथ ही गृह ऋण की किस्त व ब्याज को कर मुक्ति की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 4 लाख व मूल किस्त की रकम 80 सी में बढ़ाकर छूट लाभ को 2 लाख में समायोजित किया जाए। इसके अलावा प्रोफेेशनल व्यवसायी के अनिवार्य रूप से एकाउंट रखने की सीमा 1.50 लाख से बढ़ाकर 5 लाख की जानी चाहिए। सुधाव दिया कि धारा 147-148 के अंतर्गत व्यापारियों को अपने खाते आदि छह वर्ष तक रखने का प्रावधान है। इससे व्यापारियों को परेशानियों के साथ उत्पीड़न होने का हमेशा भय रहता है। इसकी समय सीमा अधिकतम 2 वर्ष होनी चाहिए। वहीं आयकर की धारा 259 ए नगद लेनदेन की सीमा 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये होनी चाहिए। व्यापारियों व उद्यमियों के लिए आयकर में ट्रस्ट के नियम उपनियम को और सरल बनाना चाहिए ताकि उद्योग ट्रस्ट के रूप में अधिक पनप सके। इसके अलावा चेंबर ने हवाई अड्डा, मेरठ दिल्ली रैपिड रेल प्रोजेक्ट को भी बजट में लाने की मांग की।
विज्ञापन
चेंबर की तरफ से भेजे सुझाव में पत्र कहा गया कि मुद्रा स्फीति को देखते हुए आयकर की धारा 80 सी के अंतर्गत छूट की सीमा 1.50 लाख से 3 लाख की जाए। आयकर की धारा 80 डी के अंतर्गत मेडिकल प्रीमियम की छूट बढ़ाकर 50 हजार की जाए। इसके साथ ही गृह ऋण की किस्त व ब्याज को कर मुक्ति की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 4 लाख व मूल किस्त की रकम 80 सी में बढ़ाकर छूट लाभ को 2 लाख में समायोजित किया जाए। इसके अलावा प्रोफेेशनल व्यवसायी के अनिवार्य रूप से एकाउंट रखने की सीमा 1.50 लाख से बढ़ाकर 5 लाख की जानी चाहिए। सुधाव दिया कि धारा 147-148 के अंतर्गत व्यापारियों को अपने खाते आदि छह वर्ष तक रखने का प्रावधान है। इससे व्यापारियों को परेशानियों के साथ उत्पीड़न होने का हमेशा भय रहता है। इसकी समय सीमा अधिकतम 2 वर्ष होनी चाहिए। वहीं आयकर की धारा 259 ए नगद लेनदेन की सीमा 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये होनी चाहिए। व्यापारियों व उद्यमियों के लिए आयकर में ट्रस्ट के नियम उपनियम को और सरल बनाना चाहिए ताकि उद्योग ट्रस्ट के रूप में अधिक पनप सके। इसके अलावा चेंबर ने हवाई अड्डा, मेरठ दिल्ली रैपिड रेल प्रोजेक्ट को भी बजट में लाने की मांग की।
विज्ञापन