फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   अपराजिता अभियान... सहारनपुर.... नवाज देवबंदी

अपराजिता अभियान... सहारनपुर.... नवाज देवबंदी

Sat, 24 Nov 2018 12:39 AM IST
kapil sharma kapil sharma
Updated Sat, 24 Nov 2018 12:39 AM IST
विज्ञापन
अपराजिता अभियान... सहारनपुर.... नवाज देवबंदी
कोहिनूर हैं बेटियां, इनका साहस बढ़ाना सराहनीय : नवाज देवबंद
विज्ञापन

सहारनपुर। ‘एक आंखों के पास है, एक आंखों से दूर/ बेटा हीरा होता है और बेटी कोहिनूर।’ प्रख्यात
शायर नवाज देवबंदी ने इस शेर के साथ शुक्रवार को देवबंद में अमर उजाला फाउंडेशन के अभियान ‘अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स’ का पोस्टर लांच किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान सराहनीय और अनुकरणीय है। ऐसे अभियान की बदौलत ऐसी महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लाई जा सकती है, जो अपने अंदर बेहिसाब खूबियां समेटे हुए हैं लेकिन उचित प्लेटफार्म न मिलने की वजह से उनकी प्रतिभा छिपी हुई है।
महिलाओं के प्रति आदर को प्रदर्शित करते हुए उन्होंने अपना मशहूर शेर भी पढ़ा, ‘उसकी एड़ी पर्वत चोटी लगती है, मां के पांव से जन्नत छोटी लगती है।’ उन्होंने बेटियों को साहस और सम्मान के रास्ते पर प्रेरित करते हुए कुछ यूं कहा, ‘जो सफर इख्तियार करते हैंऽ वो ही दरिया को पार करते हैं/ चलके तो देखिए मुसाफिर का, रास्ते इंतजार करते हैं।’
विज्ञापन

बोले, समाज में ऐसी बहुत महिलाएं हैं, जिन्होंने अलग अलग क्षेत्र में अपना, परिवार का, समाज का और देश का नाम रोशन किया है। आज हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। जिंदगी जीतने के लिए होती है, हारने के लिए नहीं। बहुत से लोग मंजिल पाने से पहले ही रुक जाते हैं, लेकिन मंजिल उन्हीं को मिलती है, जो मकसद पर नजर रखकर मेहनत करते रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------
‘बेटियां पढ़ेंगी तो आएगा बदलाव’
नवाज देवबंदी ने कहा कि अपराजिता अभियान की जितनी तारीफ की जाए, वह कम है। महिलाओं को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनमें आत्मबल मजबूत करना भी हम सबकी जिम्मेदारी है। बोले, मेरा शौक शायरी है और मिशन शिक्षा है। शिक्षा भी बेटियों की खातिर। बताया कि वह देवबंद, मुजफ्फरनगर सहित विभिन्न जनपदों में बालिकाओं की शिक्षा के लिए 25 विद्यालयों का संचालन करते हैं। नवाज गर्ल्स पब्लिक स्कूल, देवबंद में बेटियों को इंटर तक की शिक्षा निशुल्क दी जा रही है। जल्दी ही मुजफ्फरनगर में छात्राओं के लिए सिविल सर्विसेज कोचिंग सेंटर स्थापित करने को प्रयासरत हैं। जिन बेटियों के मां बाप नहीं हैं, हम उन्हें अपनी बेटी बनाते हैं और फिर उसकी पढ़ाई के खर्च से लेकर तमाम जिम्मेदारियां भी उठाते हैं। उनका कहना है कि सामाजिक क्रांति बेटियों के शिक्षित होने से ही आ सकती है, क्योंकि एक बेटी बड़ी होकर मां बनती है, जो शिक्षित होने पर ही अपनी संतान को अच्छे संस्कार और शिक्षा दे सकती है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed