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आरटीओ करा रहा डीएल के लिए इंतजार
Updated Sat, 31 Mar 2018 01:47 AM IST
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डीएल के लिए महीनों इंतजार करा रहा आरटीओ
लोग काट रहे आरटीओ के चक्कर, बाबू बता रहे डाक विभाग के पास जा चुके डीएल
मेरठ।
स्मार्ट सॉफ्टवेयर के जरिये कुछ ही देर में बनने वाले डीएल के लिए लोगों को महीनों का इंतजार करना पड़ रहा है। लोग डीएल की जानकारी करने आरटीओ पहुंच रहे हैं तो यहां से उनका डीएल डाक विभाग को भेजे जाने की बात कहकर टरकाया जा रहा है।
केस नंबर एक: शताब्दी नगर निवासी श्याम भारती ने 16 फरवरी को परमानेंट डीएल बनवाया था। श्याम का कहना है कि एक महीने के अंदर डीएल घर पहुंचने की जानकारी दी गई थी। लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी उनका डीएल घर नहीं पहुंचा है। वो जानकारी करने आरटीओ पहुंचे तो यहां से डीएल डाक द्वारा भेजे जाने की जानकारी दी गई।
केस नंबर दो: पल्लवपुरम निवासी राहुल चौधरी ने बताया कि उन्होंने 14 फरवरी को डीएल बनवाया था। उनका डीएल आज तक नहीं मिला है। उन्होंने इस बारे में आरटीओ जाकर पता किया तो डिस्पैच अनुभाग से डीएल डाक विभाग भेजे जाने की जानकारी दी।
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डीएल घर नहीं पहुंचने के ये दो मामले ही नहीं हैं, बल्कि सैकड़ों मामले हैं। रोजाना दर्जनों लोग अपने डीएल की जानकारी करने आफिस पहुंच रहे हैं। यहां से सभी को एक ही जवाब दिया जा रहा है कि उनका डीएल यहां से डिस्पैच करके डाक विभाग को भेजा जा चुका है। कुछ दिन में घर पहुंच जाएगा।
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बिना डीएल कट रहा चालान
लोगों का कहना है महीनों पहले डीएल तो बनवा लिया, लेकिन वह हाथ में नहीं आया। डीएल बनने के बाद भी पहले की तरह पुलिस विदाउट डीएल में चालान काट रही है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
...............
क्या बोले अधिकारी
यहां से समय पर डीएल तैयार कर डाक विभाग को भेज दिए जाते हैं। जो भी समय लगता है वह डाक विभाग स्तर पर ही लगता है। उन्होंने लोगों की शिकायत का निस्तारण करने के लिए कर्मचारी को तैनात किया है।
डॉ. विजय कुमार, आरटीओ मेरठ
खास बातें:
लखनऊ विवि के हिंदी एवं पत्रकारिता विभाग के पूर्व अध्यक्ष ने संगोष्ठी में रखे विचार
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लोग काट रहे आरटीओ के चक्कर, बाबू बता रहे डाक विभाग के पास जा चुके डीएल
मेरठ।
स्मार्ट सॉफ्टवेयर के जरिये कुछ ही देर में बनने वाले डीएल के लिए लोगों को महीनों का इंतजार करना पड़ रहा है। लोग डीएल की जानकारी करने आरटीओ पहुंच रहे हैं तो यहां से उनका डीएल डाक विभाग को भेजे जाने की बात कहकर टरकाया जा रहा है।
केस नंबर एक: शताब्दी नगर निवासी श्याम भारती ने 16 फरवरी को परमानेंट डीएल बनवाया था। श्याम का कहना है कि एक महीने के अंदर डीएल घर पहुंचने की जानकारी दी गई थी। लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी उनका डीएल घर नहीं पहुंचा है। वो जानकारी करने आरटीओ पहुंचे तो यहां से डीएल डाक द्वारा भेजे जाने की जानकारी दी गई।
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केस नंबर दो: पल्लवपुरम निवासी राहुल चौधरी ने बताया कि उन्होंने 14 फरवरी को डीएल बनवाया था। उनका डीएल आज तक नहीं मिला है। उन्होंने इस बारे में आरटीओ जाकर पता किया तो डिस्पैच अनुभाग से डीएल डाक विभाग भेजे जाने की जानकारी दी।
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बिना डीएल कट रहा चालान
लोगों का कहना है महीनों पहले डीएल तो बनवा लिया, लेकिन वह हाथ में नहीं आया। डीएल बनने के बाद भी पहले की तरह पुलिस विदाउट डीएल में चालान काट रही है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
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क्या बोले अधिकारी
यहां से समय पर डीएल तैयार कर डाक विभाग को भेज दिए जाते हैं। जो भी समय लगता है वह डाक विभाग स्तर पर ही लगता है। उन्होंने लोगों की शिकायत का निस्तारण करने के लिए कर्मचारी को तैनात किया है।
डॉ. विजय कुमार, आरटीओ मेरठ
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