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शहर के बीचोंबीच हत्या, बेखबर रही पुलिस
Updated Mon, 20 Nov 2017 03:06 AM IST
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शहर के बीचोंबीच हत्या, बेखबर रही पुलिस
मेरठ। लोहा कारोबारी की अपहरण के बाद शहर के बीचोंबीच हत्या कर दी गई और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। ऐसे समय जब निकाय चुनाव को लेकर शहर अलर्ट पर है। कारोबारी के परिजन जहां रंजिश से इंकार कर रहे हैं तो पुलिस अधिकारी लेन-देन में हत्या होना मान रहे हैं।
लोहा कारोबारी सुनील गर्ग पुत्र शिवकुमार गर्ग रविवार शाम करीब 4 बजे घर से बाइक से निकले थे। परिजनों से कहा था कि उन्हें फूलबाग कॉलोनी में जरूरी काम से जाना है। करीब एक घंटे बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। काफी तलाश के बाद परिजन रात करीब दस बजे सिविल लाइन थाने पहुंचे और तहरीर दी। इस बीच उनकी बाइक सूरजकुंड के पास शिवलोक अस्पताल के सामने खड़ी मिली। सूरजकुंड पुलिस चौकी पर दो थानों का बार्डर लगता है। रात में भीड़भाड़ वाले इलाके में कारोबारी की हत्या कर दी जाती है। पुलिस का कहना है कि कारोबारी की हत्या या तो किसी कार में या मकान में की गई।
नाले के पास छोड़कर भागे
पुलिस के अनुसार जहां से कारोबारी का शव बोरे में बंद मिला, पास ही एक राजनैतिक दल का कार्यालय है। संभवत: हत्यारे बोरे को नाले में फेंकना चाहते थे। लेकिन हो सकता है कि चुनावी चहल-पहल के चलते किसी को आता देख शव नाले के पास फेंक दिया गया हो। पुलिस को एक जगह सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से कुछ सफलता मिली है।
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मिलनसार थे सुनील
कारोबारी सुनील मिलनसार थे। जिनका किसी से कोई विवाद नहीं होना बताया गया। बेटा शुभम भी पिता के साथ हाथ बंटाता है। दो बेटियों में एक की शादी हो चुकी है। सुनील के भाई संजीव गर्ग ने बताया कि रंजिश जैसी कोई बात नहीं है।
बचाव के लिए किया संघर्ष
कारोबारी के एक हाथ की अंगुली कटी मिली। हाथ और चेहरे पर भी चाकू से कई वार किए गए। पुलिस का मानना है कि सुनील ने बचाव के लिए संघर्ष किया था।
मोबाइल खोलेगा राज
कारोबारी के मोबाइल फोन पर दोपहर बाद आधा दर्जन कॉल आई थीं। जिनमें एक नंबर को पुलिस संदिग्ध मान रही है। बीच में उन्होंने एक बार कॉल भी की थी। पुलिस का कहना है कि सीडीआर से कामयाबी मिल सकती है।
बड़ी रकम लेनी थी लोगों से
पुलिस के अनुसार कारोबारी ने नौचंदी व लिसाड़ी गेट की कई फैक्ट्रियों में लाखों रुपये का उधार माल दिया था। एक सप्ताह पूर्व शहर के एक व्यापारी ने होटल में सुसाइड कर लिया था। जिस पर भी कारोबारी का उधार था। लिसाड़ी गेट से भी हत्या के तार जुड़ रहे हैं। वहीं, एसएसपी मंजिल सैनी के अनुसार परिजनों ने किसी रंजिश से इंकार किया है। कई बिंदुओं पर गहनता से जांच हो रही है। बेटे से भी जानकारी ली गई है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा करेंगे।
लोहा कारोबारी की हत्या का मामला
- अपहरण कर किसी मकान या अज्ञात स्थान पर की गई हत्या
- बोरे में बंद शव को नाले में फेंककर ठिकाने लगाना चाहते थे
- परिजनोें का रंजिश से इंकार, लेनदेन में हत्या होना मान रही पुलिस
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मेरठ। लोहा कारोबारी की अपहरण के बाद शहर के बीचोंबीच हत्या कर दी गई और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। ऐसे समय जब निकाय चुनाव को लेकर शहर अलर्ट पर है। कारोबारी के परिजन जहां रंजिश से इंकार कर रहे हैं तो पुलिस अधिकारी लेन-देन में हत्या होना मान रहे हैं।
लोहा कारोबारी सुनील गर्ग पुत्र शिवकुमार गर्ग रविवार शाम करीब 4 बजे घर से बाइक से निकले थे। परिजनों से कहा था कि उन्हें फूलबाग कॉलोनी में जरूरी काम से जाना है। करीब एक घंटे बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। काफी तलाश के बाद परिजन रात करीब दस बजे सिविल लाइन थाने पहुंचे और तहरीर दी। इस बीच उनकी बाइक सूरजकुंड के पास शिवलोक अस्पताल के सामने खड़ी मिली। सूरजकुंड पुलिस चौकी पर दो थानों का बार्डर लगता है। रात में भीड़भाड़ वाले इलाके में कारोबारी की हत्या कर दी जाती है। पुलिस का कहना है कि कारोबारी की हत्या या तो किसी कार में या मकान में की गई।
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नाले के पास छोड़कर भागे
पुलिस के अनुसार जहां से कारोबारी का शव बोरे में बंद मिला, पास ही एक राजनैतिक दल का कार्यालय है। संभवत: हत्यारे बोरे को नाले में फेंकना चाहते थे। लेकिन हो सकता है कि चुनावी चहल-पहल के चलते किसी को आता देख शव नाले के पास फेंक दिया गया हो। पुलिस को एक जगह सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से कुछ सफलता मिली है।
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मिलनसार थे सुनील
कारोबारी सुनील मिलनसार थे। जिनका किसी से कोई विवाद नहीं होना बताया गया। बेटा शुभम भी पिता के साथ हाथ बंटाता है। दो बेटियों में एक की शादी हो चुकी है। सुनील के भाई संजीव गर्ग ने बताया कि रंजिश जैसी कोई बात नहीं है।
बचाव के लिए किया संघर्ष
कारोबारी के एक हाथ की अंगुली कटी मिली। हाथ और चेहरे पर भी चाकू से कई वार किए गए। पुलिस का मानना है कि सुनील ने बचाव के लिए संघर्ष किया था।
मोबाइल खोलेगा राज
कारोबारी के मोबाइल फोन पर दोपहर बाद आधा दर्जन कॉल आई थीं। जिनमें एक नंबर को पुलिस संदिग्ध मान रही है। बीच में उन्होंने एक बार कॉल भी की थी। पुलिस का कहना है कि सीडीआर से कामयाबी मिल सकती है।
बड़ी रकम लेनी थी लोगों से
पुलिस के अनुसार कारोबारी ने नौचंदी व लिसाड़ी गेट की कई फैक्ट्रियों में लाखों रुपये का उधार माल दिया था। एक सप्ताह पूर्व शहर के एक व्यापारी ने होटल में सुसाइड कर लिया था। जिस पर भी कारोबारी का उधार था। लिसाड़ी गेट से भी हत्या के तार जुड़ रहे हैं। वहीं, एसएसपी मंजिल सैनी के अनुसार परिजनों ने किसी रंजिश से इंकार किया है। कई बिंदुओं पर गहनता से जांच हो रही है। बेटे से भी जानकारी ली गई है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा करेंगे।
लोहा कारोबारी की हत्या का मामला
- अपहरण कर किसी मकान या अज्ञात स्थान पर की गई हत्या
- बोरे में बंद शव को नाले में फेंककर ठिकाने लगाना चाहते थे
- परिजनोें का रंजिश से इंकार, लेनदेन में हत्या होना मान रही पुलिस