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Meerut News: 500 बीघा फसल जलमग्न, किसानों में रोष
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सरधना। गांव झिटकरी में रजबहे की पटरी टूटने से फसलें हुई जलमग्न। संवाद
- झिटकरी गांव में रजबहे की पटरी टूटने से हुआ नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। झिटकरी गांव में बुधवार देर रात सलावा राइट रजबहे की पटरी टूटने से 50 किसानों की लगभग 500 बीघा फसल जलमग्न हो गई। घटना ने किसानों के बीच भारी नाराजगी पैदा कर दी है। किसानों आरोप है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण यह नुकसान हुआ।
किसानों का कहना है कि रजबहे में पिछले दो दिनों से पानी ओवरफ्लो की स्थिति बनी हुई थी। इस संबंध में उन्होंने बार-बार फोन पर जेई सुरेश कुमार को जानकारी दी थी, लेकिन किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की गई। बुधवार देर रात पटरी टूटने के बाद रजबहे का पानी खेतों में भर गया, जिससे फसलें पूरी तरह डूब गईं। बृहस्पतिवार सुबह बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंचे और सिंचाई विभाग की लापरवाही पर विरोध जताया।
किसानों ने बताया कि रजबहे पर झिटकरी में बने पुल की ऊंचाई कम होने के कारण पानी का दबाव अधिक बन गया, इससे ओवरफ्लो हो गया। अगर पुल ऊंचा होता तो संभवतः यह नुकसान कम होता। दोपहर बाद सिंचाई विभाग के एसडीओ राजेश बाबू, जेई और जिलेदार रविकांत बालियान मौके पर पहुंचे। किसानों ने उनका घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया और फसल के नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की।
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किसानों ने चेतावनी दी कि अगर मुआवजा नहीं मिला तो तहसील का घेराव और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। किसान सहंसरपाल सिरोही, नीरज, कपिल, आदेश, सचिन, सुधीर सिरोही, प्रभाकर सिंह समेत ने आरोप लगाया कि जेई की लापरवाही के कारण समय पर पानी का फ्लो नियंत्रित नहीं किया गया। किसानों ने स्थानीय प्रशासन और सिंचाई विभाग से तत्काल कार्रवाई और भविष्य में सुरक्षा उपायों की मांग की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। झिटकरी गांव में बुधवार देर रात सलावा राइट रजबहे की पटरी टूटने से 50 किसानों की लगभग 500 बीघा फसल जलमग्न हो गई। घटना ने किसानों के बीच भारी नाराजगी पैदा कर दी है। किसानों आरोप है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण यह नुकसान हुआ।
किसानों का कहना है कि रजबहे में पिछले दो दिनों से पानी ओवरफ्लो की स्थिति बनी हुई थी। इस संबंध में उन्होंने बार-बार फोन पर जेई सुरेश कुमार को जानकारी दी थी, लेकिन किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की गई। बुधवार देर रात पटरी टूटने के बाद रजबहे का पानी खेतों में भर गया, जिससे फसलें पूरी तरह डूब गईं। बृहस्पतिवार सुबह बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंचे और सिंचाई विभाग की लापरवाही पर विरोध जताया।
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किसानों ने बताया कि रजबहे पर झिटकरी में बने पुल की ऊंचाई कम होने के कारण पानी का दबाव अधिक बन गया, इससे ओवरफ्लो हो गया। अगर पुल ऊंचा होता तो संभवतः यह नुकसान कम होता। दोपहर बाद सिंचाई विभाग के एसडीओ राजेश बाबू, जेई और जिलेदार रविकांत बालियान मौके पर पहुंचे। किसानों ने उनका घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया और फसल के नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की।
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किसानों ने चेतावनी दी कि अगर मुआवजा नहीं मिला तो तहसील का घेराव और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। किसान सहंसरपाल सिरोही, नीरज, कपिल, आदेश, सचिन, सुधीर सिरोही, प्रभाकर सिंह समेत ने आरोप लगाया कि जेई की लापरवाही के कारण समय पर पानी का फ्लो नियंत्रित नहीं किया गया। किसानों ने स्थानीय प्रशासन और सिंचाई विभाग से तत्काल कार्रवाई और भविष्य में सुरक्षा उपायों की मांग की है।