50 लाख की डकैती का खुलासा : एसपी साहब, डकैत असली हैं लेकिन माल नकली
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मेरठ के लिसाड़ीगेट में 20 मार्च को मीट व्यापारी के घर पड़ी 50 लाख की डकैती का रविवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने मीट व्यापारी के रिश्तेदार समेत छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। प्रेसवार्ता के दौरान पीड़ित व्यापारी ने एसपी क्राइम से कहा कि डकैती की घटना खोलने में पुलिस ने पूरा खेल रचा है। डकैत तो असली गिरफ्तार किये हैं, लेकिन बरामद माल नकली है। मुख्य सरगना चार दिन पहले ही पुराने मामले में जेल जा चुका है। पीड़ित ने पुलिस और क्राइम बांच पर सवाल उठाये हैं। एसपी सिटी ने पीड़ित की शिकायत पर क्राइम ब्रांच की टीम के खिलाफ जांच के निर्देश दिए हैं।
बच्चों को को बंधक बनाकर लाखों रुपये की डकैती डाली थी
एसपी क्राइम अजय सहदेव और एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने रविवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि लिसाड़ीगेट के श्यामनगर निवासी मोहम्मद बिलाल पुत्र हाजी बाबू मीट व्यापारी है। जिसका पशुओं की खरीद फरोख्त का भी बड़ा काम है। 20 मार्च की दोपहर को हथियार बंद बदमाशों ने व्यापारी के घर में घुसकर व्यापारी की पत्नी और बच्चों को को बंधक बनाकर लाखों रुपये की डकैती डाल ली थी। पुलिस ने मौके की जांच पड़ताल और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की तो पता चला कि नफीस सपाटा ने अपने गैंग के साथ डकैती की घटना को अंजाम दिया है। शनिवार दोपहर को जामिया रेजीडेंसी लिसाड़ीगेट से लिसाड़ीगेट पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। बदमाशों के पास से घटना में प्रयुक्त सेंट्रो कार, तीन तमंचे, कारतूस और चाकू बरामद किये हैं। इसके अलावा 4950 रुपये, कंगन, चूड़ी, एक जोड़ी झुमकी, तीन अंगूठी, और अन्य ज्वैलरी बरामद की है। पुलिस ने बताया कि नफीस और सलमान पीड़ित व्यापारी के रिश्तेदार हैं, जिन्होंने सरधना पशु पैंठ में मिलकर आना जाना शुरू किया था।
शादी का न्यौता देने के बाहने घुसे
एसपी क्राइम ने बताया कि गैंग का लीडर नफीस सपाटा निवासी इस्लामाबाद थाना सरधना है। जो इससे पहले डकैती की कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। आरोपी सलमान रिश्तेदार भी है। नफीस एवं सलमान नेमिलकर इस डकैती की योजना बनाई थी। अभियुक्त दानिश भी पीड़ित बिलाल के भाईयों को अच्छी तरह जानता है। सातों अभियुक्तों ने गांव मिलक में जान मोहम्मद के घर डकैती की योजना बनाई थी। मोबीन, नफीस और साबुउदीन और सलमान शादी का कार्ड देने के बाहने घर में घुसे थे। जान मोहम्मद और दानिश घर के बाहर रेकी कर रहे थे। बाद में उन्हें पता चला कि घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में उनकी फोटो आ गई है। जिसके बाद नफीस सपाटा पुराने मामले में जेल चला गया। नफीस को छोड़कर अन्य सभी आरोपी अपने मोबाईल को बंद कर मुजफ्फरनगर में पहुंच गये। अधिकांश सामान भी नफीस के पास था उनके पास जो सामान था उसे पुलिस ने बरामद किया।
खुलासा देखकर अफसरों के सामने बिलख पड़ा पीड़ित
पुलिस लाइन में एसपी क्राइम अजय सहदेव और एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी के सामने पीड़ित व्यापारी बिलाल बिलख पड़ा। पीड़ित ने एसपी क्राइम से कहा कि साहब मेरे घर से चार लाख रुपये, और डेढ़ किलो सोना व चांदी के जेवरात गये हैं। उसके बच्चों ने बदमाशों को पहचाना है, डकैत का सही पकड़े गये। लेकिन पुलिस ने नफीस को मुजफ्फरनगर से पकड़कर नहीं दिखाया है। उसका 45 लाख का सामान गया है। शनिवार रात को उसे लिसाड़ीगेट थाने में बुलाया गया। पुलिस ने जबरन दबाव डाला कि दो लाख बरामद हुए हैं और जो जेवर मिले हैं उन्हें अपने ही बताना। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने दो लाख रुपये भी नहीं दिखाए। दो लाख से सोने का पानी फिरी ज्वैलरी खरीदकर दिखा दी। वह इस सामान को नहीं लेगा और मुख्यमंत्री से शिकाय कर इंसाफ मांगेगा। उसके परिवार की जान का खतरा है। पुलिस ने सुरक्षा नहीं दी। आरोपी कभी भी घटना को अंजाम दे सकते हैं। इस मामले में लिसाड़ीगेट पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम पर भी गंभीर आरोप लगाये गये हैं। एसपी क्राइम ने कहा कि नफीस को पकड़ा नहीं गया है, वह 28 मार्च को सरेंडर कर जेल चला गया। एसपी सिटी ने पीड़ित से कहा कि घटना सही अधिकांश जेवरात नफीस के पास है जिसे रिमांड पर लिया जायेगा। यदि क्राइम ब्रांच ने दो लाख से जेवर खरीदे हैं जांच कराकर कार्रवाई की जायेगी।