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बस अड्डों को शहर से बाहर करने पर हाईकोर्ट ने रोडवेज व एमडीए को दिया नोटिस

Thu, 18 Apr 2019 01:43 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Apr 2019 01:43 AM IST
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बस अड्डों को शहर से बाहर करने पर हाईकोर्ट ने रोडवेज व एमडीए को दिया नोटिस
-आरटीआई एक्टिविस्ट ने बस अड्डों को शहर से बाहर करने की डाली है याचिका
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- 12 जुलाई को होनी है मामले की सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
शहर में आबादी के बीच आए रोडवेज बस अड्डों को बाहर करने का मामला फिर से गरमा गया है। इस संबंध में डाली गई याचिका पर हाईकोर्ट ने रोडवेज और एमडीए को नोटिस देकर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 12 जुलाई को होनी है।
दिल्ली रोड स्थित भैसाली बस अड्डा और गढ़ रोड स्थित सोहराबगेट बस अड्डा शहर में आबादी के बीच आ गए हैं। दोनों बस अड्डों से रोजाना 1200 से ज्यादा बसों का संचालन होता है। इसके चलते शहर में जाम लगता है। वायु प्रदूषण भी होता है। आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना ने बस अड्डों को शहर से बाहर करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। खुराना ने बताया कि मामले में कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए रोडवेज आरएम और एमडीए वीसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। खुराना ने बताया कि एमडीए ने वर्ष 2006 में बस अड्डों को महायोजना 2021 में शामिल किया था। लेकिन अभी तक इनको बाहर नहीं किया है।
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एमडीए का कहना है कि वे रोडवेज को जमीन दिखा चुके हैं, लेकिन वे बाहर जाना नहीं चाहते। जबकि रोडवेज का कहना है कि सही जगह मिलने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। दोनों विभागों के बीच शहर के लोग पिस रहे हैं। याचिका पर अगली सुनवाई 12 जुलाई को होनी है। रोडवेज के आरएम नीरज सक्सेना ने बताया कि इस मामले को अभी तक उन्होंने देखा नहीं है। पूरी रिट देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। वहीं एमडीए वीसी राजेश कुमार पांडे ने बताया कि वे मामले को दिखवा रहे हैं। जहां भी जमीन मिलेगी प्राधिकरण मुहैया करा देगा। लेकिन रोडवेज को इसका पैसा देना होगा।
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एक नजर में रोडवेज बस अड्डे
- 1934 में कैंट बोर्ड ने प्रदेश सरकार को दी भैसाली अड्डे की जमीन
- भैसाली बस अड्डे का क्षेत्रफल 11671 वर्गमीटर
- 1952 से जमीन पर यूपी रोडवेज काबिज
- मेरठ कार्यशाला का क्षेत्रफल 13430 वर्गमीटर
- सोहराबगेट डिपो की स्थापना वर्ष 1978
- सोहराबगेट बस अड्डे का क्षेत्रफल 4954 वर्गमीटर
- सोहराबगेट कार्यशाला का क्षेत्रफल 12733 वर्गमीटर
- दोनों बस अड्डों से संचालित बसें करीब 650
- भैसाली अड्डे के यात्रियों की संख्या करीब 60 हजार प्रतिदिन
- सोहरागेट अड्डे के यात्रियों की संख्या करीब 12 हजार प्रतिदिन
- दोनों बस अड्डों को निगम मुख्यालय द्वारा ‘ए’ श्रेणी में रखा गया है
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