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योगेश वर्मा का जेल में खतरा
Updated Sat, 14 Jul 2018 02:24 AM IST
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पुलिस की कड़ी सुरक्षा में योगेश कोर्ट में पेश
मेरठ। जेल में बंद बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा को शुक्रवार पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में पेश किया। पुलिस का कहना है कि कचहरी में उनसे मिलने के लिए काफी संख्या में बसपा समर्थक आए थे। उनको रोकने के लिए पुलिस लगाई गई। अधिवक्ता संजीव गुर्जर का कहना है कि योगेश वर्मा को जान का खतरा है। प्रशासन को उनकी सुरक्षा में और पुलिस बल लगाना चाहिए।
दो अप्रैल की हिंसा में योगेश वर्मा को मुख्य आरोपी बनाकर पुलिस ने जेल भेजा था। योगेश वर्मा पर रासुका की कार्रवाई भी हुई। शुक्रवार को पुलिस सुरक्षा में योगेश को कोर्ट में पेश किया गया। योगेश के अधिवक्ता संजीव गुर्जर का कहना है कि सिविल लाइन के दो मुकदमे और हस्तिनापुर का एक जानलेवा हमले में पूर्व विधायक को कोर्ट में पेश किया गया था। उनको देखने के लिए बसपा के कई समर्थक आए थे। इंस्पेक्टर सिविल लाइन नीरज मलिक का कहना है कि एहतियात के तौर पर कचहरी में पुलिस बल लगाया था। किसी ने कोई हंगामा नहीं किया। पुलिस सुरक्षा में योगेश वर्मा को कोर्ट में पेश किया गया और पेशी कराने के बाद उसको कोर्ट में दाखिल कराया। योगेश से मिलने वाले उसके समर्थकों को हटाया गया था।
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मेरठ। जेल में बंद बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा को शुक्रवार पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में पेश किया। पुलिस का कहना है कि कचहरी में उनसे मिलने के लिए काफी संख्या में बसपा समर्थक आए थे। उनको रोकने के लिए पुलिस लगाई गई। अधिवक्ता संजीव गुर्जर का कहना है कि योगेश वर्मा को जान का खतरा है। प्रशासन को उनकी सुरक्षा में और पुलिस बल लगाना चाहिए।
दो अप्रैल की हिंसा में योगेश वर्मा को मुख्य आरोपी बनाकर पुलिस ने जेल भेजा था। योगेश वर्मा पर रासुका की कार्रवाई भी हुई। शुक्रवार को पुलिस सुरक्षा में योगेश को कोर्ट में पेश किया गया। योगेश के अधिवक्ता संजीव गुर्जर का कहना है कि सिविल लाइन के दो मुकदमे और हस्तिनापुर का एक जानलेवा हमले में पूर्व विधायक को कोर्ट में पेश किया गया था। उनको देखने के लिए बसपा के कई समर्थक आए थे। इंस्पेक्टर सिविल लाइन नीरज मलिक का कहना है कि एहतियात के तौर पर कचहरी में पुलिस बल लगाया था। किसी ने कोई हंगामा नहीं किया। पुलिस सुरक्षा में योगेश वर्मा को कोर्ट में पेश किया गया और पेशी कराने के बाद उसको कोर्ट में दाखिल कराया। योगेश से मिलने वाले उसके समर्थकों को हटाया गया था।
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