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सर्वाधिक गन्ना और सेंटर झटकने के लिए मारामारी
Updated Mon, 25 Sep 2017 02:48 AM IST
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- गन्ना आयुक्त कार्यालय में दिया जा रहा गन्ना सुरक्षण आदेश को अंतिम रूप
मेरठ। गन्ना सुरक्षण आदेश जारी होने से पहले शुगर इंडस्ट्री ने सर्वाधिक गन्ना रकबा और सेंटर झटकने के लिए पूरा जोर लगा दिया है।
प्रदेश में इस बार पिछले साल के मुकाबले करीब 2.5 लाख हेक्टेयर गन्ना रकबा ज्यादा है। साथ ही गन्ना उत्पादन भी 66.39 टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 72.38 टन प्रति हेक्टेयर हो गया है। इस हिसाब से पेराई सत्र 2017-18 में गन्ने का उत्पादन 166.5 लाख टन उत्पादित होने की संभावना जताई गई है। मेरठ मंडल में भी पिछले साल के मुकाबले करीब 10.50 फीसदी ज्यादा रकबा है। साथ ही क्षेत्र में इस बार अगेती प्रजाति का गन्ना सामान्य प्रजाति से ज्यादा होने के चलते चीनी मिलों की बांछें खिली हुई है। गन्ना सुरक्षण की बैठक में ज्यादा से ज्यादा गन्ना झटकने और अपनी तारीफों के पुल बांधने के लिए चीनी मिलों ने ने केवल क्षेत्र के सत्ता व विपक्ष के नेताओं को लगाया था बल्कि चहेते किसानों को भी अपनी बात मिल के हक में रखने के लिए लखनऊ भेजा था। प्रदेश के सभी मंडलों की सुरक्षण बैठक खत्म होने के बाद अब गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी की निगरानी में सुरक्षण आदेश को को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रदेश के सभी उप गन्ना आयुक्त, डीसीओ अपने स्टाफ के साथ लखनऊ में डटे हुए हैं और सुरक्षण आदेश को फाइनल कराने में माथपच्ची कर रहे हैं।
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मेरठ। गन्ना सुरक्षण आदेश जारी होने से पहले शुगर इंडस्ट्री ने सर्वाधिक गन्ना रकबा और सेंटर झटकने के लिए पूरा जोर लगा दिया है।
प्रदेश में इस बार पिछले साल के मुकाबले करीब 2.5 लाख हेक्टेयर गन्ना रकबा ज्यादा है। साथ ही गन्ना उत्पादन भी 66.39 टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 72.38 टन प्रति हेक्टेयर हो गया है। इस हिसाब से पेराई सत्र 2017-18 में गन्ने का उत्पादन 166.5 लाख टन उत्पादित होने की संभावना जताई गई है। मेरठ मंडल में भी पिछले साल के मुकाबले करीब 10.50 फीसदी ज्यादा रकबा है। साथ ही क्षेत्र में इस बार अगेती प्रजाति का गन्ना सामान्य प्रजाति से ज्यादा होने के चलते चीनी मिलों की बांछें खिली हुई है। गन्ना सुरक्षण की बैठक में ज्यादा से ज्यादा गन्ना झटकने और अपनी तारीफों के पुल बांधने के लिए चीनी मिलों ने ने केवल क्षेत्र के सत्ता व विपक्ष के नेताओं को लगाया था बल्कि चहेते किसानों को भी अपनी बात मिल के हक में रखने के लिए लखनऊ भेजा था। प्रदेश के सभी मंडलों की सुरक्षण बैठक खत्म होने के बाद अब गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी की निगरानी में सुरक्षण आदेश को को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रदेश के सभी उप गन्ना आयुक्त, डीसीओ अपने स्टाफ के साथ लखनऊ में डटे हुए हैं और सुरक्षण आदेश को फाइनल कराने में माथपच्ची कर रहे हैं।