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नहीं है बैंक खाता, कैसे मिले जननी सुरक्षा योजना का लाभ
Updated Wed, 06 Dec 2017 09:45 PM IST
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अरीश रिज़वी
मेरठ।
जानकारी का अभाव या लापरवाही, वजह चाहे जो कहें, मगर हकीकत यह है कि बैंक खाता नहीं होने से मेरठ की 1892 महिलाएं जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के लाभ से वंचित हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की सर्वे रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, मेरठ जिले में एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक 15045 महिलाओं की डिलिवरी हुई। एक अप्रैल 2017 से 20 नवंबर 2017 तक 1638 महिलाओं ने शिशुओं को जन्म दिया। यानि बीते करीब 20 माह में 16 हजार 683 महिलाओं को संस्थागत प्रसव हुआ। इनमें 12521 महिलाएं देहात की हैं और 4162 शहरी क्षेत्र की। इनमें से 14791 प्रसूता को जननी सुरक्षा योजना का लाभ मिला है, जबकि 1892 महिलाएं ऐसी हैं जो लाभ से वंचित हैं। इनमें से अधिकतर का बैंक खाता नहीं है। वहीं, कई महिलाओं का बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है। जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव वाली महिलाओं को एक हजार रुपये (शहरी क्षेत्र) और 1400 रुपये (देहात क्षेत्र) मिलते हैं। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्र की महिला को 300 रुपये चिकित्सालय तक पहुंचाने केलिए बतौर किराया भी दिया जाता है।
अफसरों को दी हिदायत
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार ने कहा कि कोई भी प्रसूता जननी सुरक्षा योजना के लाभ से वंचित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने इसकेलिए विभाग के अफसरों को हिदायत दी है। उन्होंने कि वे इन महिलाओं को बैंक खाता खुलवाने के लिए जागरूक करें। जिससे उन्हें लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए जल्द ही जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
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ये हैं नियम
जननी सुरक्षा योजना के लाभ के लिए प्रसूता का राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता होना जरूरी है। चिकित्सालय में खाता नंबर देने के बाद राशि उसके खाते में पहुंचती है। इससे प्रसूता एवं उसके परिजनों को चेक के लिए चिकित्सालय केचक्कर नहीं काटने पड़ते हैं। इसके अतिरिक्त चेक बैंक में जमा करने के झंझट से भी मुक्ति मिली है। पहले चेक के जरिए यह रकम खाते में जाती थी।
19011 लाभार्थी महिलाएं चिह्नित
मेरठ। एक जनवरी 2017 केबाद होने वाले पहले बच्चे के लिए सरकार ने प्रोत्साहन राशि पांच हजार रुपये कर दी है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत यह राशि सामान्य तौर पर दिए जाने वाले जननी सुरक्षा योजना के लाभ से अतिरिक्त होगी। यह सुविधा निजी चिकित्सालयों में प्रसव कराने पर भी मिलेगी। सीएमओ ने बताया कि इसके लिए चिह्निकरण किया जा रहा है। अब तक 19011 महिलाएं चिह्नित की जा चुकी हैं। इसमें गर्भवती महिलाओं को भी रखा गया है। यह डाटा वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया है। यह रकम तीन किस्तों में पात्र महिला को मिलेगी। पहली किस्त एक हजार रुपये गर्भावस्था के पंजीकरण के समय, दूसरी किस्त दो हजार रुपये प्रसव पूर्व जांच के लिए तथा तीसरी किस्त शिशु के जन्म पंजीकरण के समय दी जाएगी।
मुख्य बातें
1892 महिलाएं अब भी जननी सुरक्षा योजना से वंचित
स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में हुआ खुलासा
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मेरठ।
जानकारी का अभाव या लापरवाही, वजह चाहे जो कहें, मगर हकीकत यह है कि बैंक खाता नहीं होने से मेरठ की 1892 महिलाएं जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के लाभ से वंचित हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की सर्वे रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, मेरठ जिले में एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक 15045 महिलाओं की डिलिवरी हुई। एक अप्रैल 2017 से 20 नवंबर 2017 तक 1638 महिलाओं ने शिशुओं को जन्म दिया। यानि बीते करीब 20 माह में 16 हजार 683 महिलाओं को संस्थागत प्रसव हुआ। इनमें 12521 महिलाएं देहात की हैं और 4162 शहरी क्षेत्र की। इनमें से 14791 प्रसूता को जननी सुरक्षा योजना का लाभ मिला है, जबकि 1892 महिलाएं ऐसी हैं जो लाभ से वंचित हैं। इनमें से अधिकतर का बैंक खाता नहीं है। वहीं, कई महिलाओं का बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है। जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव वाली महिलाओं को एक हजार रुपये (शहरी क्षेत्र) और 1400 रुपये (देहात क्षेत्र) मिलते हैं। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्र की महिला को 300 रुपये चिकित्सालय तक पहुंचाने केलिए बतौर किराया भी दिया जाता है।
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अफसरों को दी हिदायत
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार ने कहा कि कोई भी प्रसूता जननी सुरक्षा योजना के लाभ से वंचित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने इसकेलिए विभाग के अफसरों को हिदायत दी है। उन्होंने कि वे इन महिलाओं को बैंक खाता खुलवाने के लिए जागरूक करें। जिससे उन्हें लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए जल्द ही जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
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ये हैं नियम
जननी सुरक्षा योजना के लाभ के लिए प्रसूता का राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता होना जरूरी है। चिकित्सालय में खाता नंबर देने के बाद राशि उसके खाते में पहुंचती है। इससे प्रसूता एवं उसके परिजनों को चेक के लिए चिकित्सालय केचक्कर नहीं काटने पड़ते हैं। इसके अतिरिक्त चेक बैंक में जमा करने के झंझट से भी मुक्ति मिली है। पहले चेक के जरिए यह रकम खाते में जाती थी।
19011 लाभार्थी महिलाएं चिह्नित
मेरठ। एक जनवरी 2017 केबाद होने वाले पहले बच्चे के लिए सरकार ने प्रोत्साहन राशि पांच हजार रुपये कर दी है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत यह राशि सामान्य तौर पर दिए जाने वाले जननी सुरक्षा योजना के लाभ से अतिरिक्त होगी। यह सुविधा निजी चिकित्सालयों में प्रसव कराने पर भी मिलेगी। सीएमओ ने बताया कि इसके लिए चिह्निकरण किया जा रहा है। अब तक 19011 महिलाएं चिह्नित की जा चुकी हैं। इसमें गर्भवती महिलाओं को भी रखा गया है। यह डाटा वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया है। यह रकम तीन किस्तों में पात्र महिला को मिलेगी। पहली किस्त एक हजार रुपये गर्भावस्था के पंजीकरण के समय, दूसरी किस्त दो हजार रुपये प्रसव पूर्व जांच के लिए तथा तीसरी किस्त शिशु के जन्म पंजीकरण के समय दी जाएगी।
मुख्य बातें
1892 महिलाएं अब भी जननी सुरक्षा योजना से वंचित
स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में हुआ खुलासा