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अब नहीं रुकेगा गंगाजल, प्लांट संचालन को धन उपलब्ध
Updated Sun, 17 Sep 2017 02:51 AM IST
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मेरठ। भोला झाल पर गंगाजल प्लांट संचालकों को अब वेतन की दिक्कत नहीं आएगी। इससे यह भी साफ हो गया है कि अब कर्मचारी पानी नहीं रोकेंगे। कर्मचारियों के वेतन के लिए नगर निगम प्रशासन ने 10 लाख रुपये की व्यवस्था कर दी है। वहीं 15 लाख रुपये की शासन से मांग की जा रही है।
महानगर में भोला की झाल से गंगाजल की सप्लाई होती है। गंगाजल प्लांट का संचालन प्रतिभा कंपनी के कर्मचारी कर रहे हैं। छह माह से कर्मचारियों को वेतन हीं मिला है। कर्मचारी दो-तीन बार गंगाजल की सप्लाई रोक चुके हैं। 10 दिन पहले भी कर्मचारियों ने प्लांट पर ताला जड़कर तीन दिन तक गंगाजल रोक दिया था। जल निगम के मनाने पर कर्मचारी नहीं माने थे। उसके बाद भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और महापौर हरिकांत अहलुवालिया ने भोले की झाल पहुंचकर कर्मचारियों को शीघ्र वेतन का आश्वासन दिया था। एक दिन पहले भी डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने नगर निगम पहुंचकर अधिकारियों से शीघ्र ही कर्मचारियों को वेतन दिए जाने का दबाव बनाया। शनिवार को नगर निगम प्रशासन ने 10 लाख रुपये कर्मचारियों के वेतन के लिए स्वीकृत कर दिए हैं। 15 लाख रुपये की शासन से मांग की गई है। इस संबंध में डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि नगरायुक्त ने कर्मचारियों के वेतन के लिए धन स्वीकृत कर अच्छा कदम उठाया है। जो शासन से डिमांड की गई है उसके लिए अपने स्तर पर भी प्रयास करेंगे।
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महानगर में भोला की झाल से गंगाजल की सप्लाई होती है। गंगाजल प्लांट का संचालन प्रतिभा कंपनी के कर्मचारी कर रहे हैं। छह माह से कर्मचारियों को वेतन हीं मिला है। कर्मचारी दो-तीन बार गंगाजल की सप्लाई रोक चुके हैं। 10 दिन पहले भी कर्मचारियों ने प्लांट पर ताला जड़कर तीन दिन तक गंगाजल रोक दिया था। जल निगम के मनाने पर कर्मचारी नहीं माने थे। उसके बाद भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और महापौर हरिकांत अहलुवालिया ने भोले की झाल पहुंचकर कर्मचारियों को शीघ्र वेतन का आश्वासन दिया था। एक दिन पहले भी डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने नगर निगम पहुंचकर अधिकारियों से शीघ्र ही कर्मचारियों को वेतन दिए जाने का दबाव बनाया। शनिवार को नगर निगम प्रशासन ने 10 लाख रुपये कर्मचारियों के वेतन के लिए स्वीकृत कर दिए हैं। 15 लाख रुपये की शासन से मांग की गई है। इस संबंध में डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि नगरायुक्त ने कर्मचारियों के वेतन के लिए धन स्वीकृत कर अच्छा कदम उठाया है। जो शासन से डिमांड की गई है उसके लिए अपने स्तर पर भी प्रयास करेंगे।
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