{"_id":"612a9a958ebc3e79d53b2fbf","slug":"30-thousands-exit-in-account-meerut-news-mrt5538049160","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिश्तेदार बनकर साइबर ठग ने 30 हजार रुपये उड़ाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिश्तेदार बनकर साइबर ठग ने 30 हजार रुपये उड़ाए
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिश्तेदार बनकर साइबर ठग ने 30 हजार रुपये उड़ाए
मेरठ। साइबर अपराधी ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ताजा मामला टीपीनगर क्षेत्र का है। एक व्यक्ति का रिश्तेदार बनकर उसके अकाउंट से 30 हजार रुपये उड़ा दिए गए। पीड़ित की ओर से साइबर सेल में शिकायत की गई है।
नई बस्ती निवासी राजकुमार पेशे से दर्जी हैं। उनकी रघुकुल विहार में दुकान है। 24 अगस्त को वह दुकान पर थे, तभी अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने चुलबुले अंदाज में बात करनी शुरू कर दी। उन्होंने पहचानने से इंकार किया तो वह और ज्यादा मजाकिया अंदाज में बोलने लगा। तभी राजकुमार के मुंह से निकला कि क्या प्रधान जी बोल रहे हो। यह सुनकर कालर ने हामी भर दी। दोनों के बीच बात शुरू हो गई।
राजकुमार को बातों में उलझाकर कॉलर बोला कि उसके कहीं से एलआईसी के पैसे आने हैं। अगर उसे बुरा न लगे तो वह उसके अकाउंट में डलवा दे। वह कल आकर उससे ले लेगा। राजकुमार पहले तो हिचकिचाया, लेकिन रुपये आने की बात सुनकर अनुमति दे दी। अकाउंट में पहले दो रुपये भेजे गए। राजकुमार के पास वह नहीं पहुंचे तो उसने राजकुमार से दो रुपये मंगा लिये। उसने फिर चार रुपये राजकुमार की ओर ट्रांसफर कर दिए। इसी दौरान राजकुमार के मोबाइल पर 29990 रुपये कटने का संदेश आया। यह संदेश पेय करने का था, साइबर अपराधी ने बातों में उलझाए रखा और राजकुमार से पेय करा लिया।
विज्ञापन
कुछ ही देर में खाते से 29990 रुपये की धनराशि निकल गई। उसने वापस उस मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो वह 24 घंटे में रुपये अकाउंट में आने का भरोसा दिलाता रहा। कई दिन निकलने के बाद भी पैसे नहीं पहुंचे तो शनिवार को वह साइबर सेल पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि लापरवाही से लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। अंजान नंबर से काल आने पर ही सजग हो जाना चाहिए था लेकिन लोग इसी में फंस जाते हैं। उन्होंने जांच किये जाने की बात कही है।
विज्ञापन
मेरठ। साइबर अपराधी ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ताजा मामला टीपीनगर क्षेत्र का है। एक व्यक्ति का रिश्तेदार बनकर उसके अकाउंट से 30 हजार रुपये उड़ा दिए गए। पीड़ित की ओर से साइबर सेल में शिकायत की गई है।
नई बस्ती निवासी राजकुमार पेशे से दर्जी हैं। उनकी रघुकुल विहार में दुकान है। 24 अगस्त को वह दुकान पर थे, तभी अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने चुलबुले अंदाज में बात करनी शुरू कर दी। उन्होंने पहचानने से इंकार किया तो वह और ज्यादा मजाकिया अंदाज में बोलने लगा। तभी राजकुमार के मुंह से निकला कि क्या प्रधान जी बोल रहे हो। यह सुनकर कालर ने हामी भर दी। दोनों के बीच बात शुरू हो गई।
विज्ञापन
राजकुमार को बातों में उलझाकर कॉलर बोला कि उसके कहीं से एलआईसी के पैसे आने हैं। अगर उसे बुरा न लगे तो वह उसके अकाउंट में डलवा दे। वह कल आकर उससे ले लेगा। राजकुमार पहले तो हिचकिचाया, लेकिन रुपये आने की बात सुनकर अनुमति दे दी। अकाउंट में पहले दो रुपये भेजे गए। राजकुमार के पास वह नहीं पहुंचे तो उसने राजकुमार से दो रुपये मंगा लिये। उसने फिर चार रुपये राजकुमार की ओर ट्रांसफर कर दिए। इसी दौरान राजकुमार के मोबाइल पर 29990 रुपये कटने का संदेश आया। यह संदेश पेय करने का था, साइबर अपराधी ने बातों में उलझाए रखा और राजकुमार से पेय करा लिया।
विज्ञापन
कुछ ही देर में खाते से 29990 रुपये की धनराशि निकल गई। उसने वापस उस मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो वह 24 घंटे में रुपये अकाउंट में आने का भरोसा दिलाता रहा। कई दिन निकलने के बाद भी पैसे नहीं पहुंचे तो शनिवार को वह साइबर सेल पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि लापरवाही से लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। अंजान नंबर से काल आने पर ही सजग हो जाना चाहिए था लेकिन लोग इसी में फंस जाते हैं। उन्होंने जांच किये जाने की बात कही है।