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बिजली न आने के कारण तीन दिन से 22 फैक्टरियां बंद
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नगला शेखू में तारों के ऊपर से पेड़ हटाती विद्युत विभाग की टीम
मेरठ। बुधवार को आई तेज आंधी बारिश के बाद शुक्रवार को तीसरे दिन भी कई इलाकों में बिजली व्यवस्था ध्वस्त रही। परतापुर क्षेत्र के सरस्वती इंडस्ट्रीयल एरिया में 22 बड़ी फैक्टरियां बिजली न होने के कारण तीन दिन से बंद है। शुक्रवार देर शाम तक क्षेत्र में मरम्मत का कार्य किया जाता रहा। वहीं, मेरठ जोन के देहात क्षेत्र में भी विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से सुचारु नहीं हो सकी। वहां भी सुधार कार्य किया जा रहा है।
सरस्वती इंडस्ट्री एरिया एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने बताया कि उनके क्षेत्र में पिछले तीन दिन से 22 बड़ी फैक्टरियां बिजली न होने के कारण काम नहीं हो पा रहा है। इस कारण उद्यमियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है। महामंत्री संदीप वत्स ने भी इसे लेकर नाराजगी जताई है। अधिशासी अभियंता 11 केवी साउथ धर्मवीर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में पांच से अधिक पोल क्षतिग्रस्त हुए थे। 33 केवी की लाइन के पोल क्षतिग्रस्त होने के कारण यहां समस्या अधिक थी। इसका कार्य कराया जा रहा है। शुक्रवार शाम तक यहां भी आपूर्ति सुचारू हो जाएगी। इसके अलावा शताब्दीनगर सेक्टर 4 क्षेत्र में सेक्टर दो क्षेत्र से विद्युत आपूर्ति को सुचारू कराया गया।
साउथ क्षेत्र में 95 प्रतिशत क्षेत्र में बृहस्पतिवार दोपहर तक विद्युत आपूर्ति सुचारू करा दी गई थी। वहीं, जीआईसी फीडर क्षेत्र के बच्चा पार्क में शुक्रवार शाम को मरम्मत कार्य किया जाता रहा। इस कारण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ा। वहीं देहात क्षेत्र में मुख्य अभियंता यदुनाथ राम दिनभर मरम्मत कार्यों को कराने में जुटे रहे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम तक मेरठ जोन के 99 फीसदी फीडरों को सुचारू रूप से चालू कर दिया गया।
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वेदव्यासपुरी उपकेंद्र पर हंगामे के बाद आई बिजली
परतापुर बाईपास पर स्थित गायत्री स्टेट कॉलोनी में करीब 36 घंटों बाद बिजली आपूर्ति सुचारू हुई। कॉलोनी निवासी आकाश ने बताया कि कॉलोनी से लोग लगातार अफसरों, कर्मचारियों को कॉल करते रहे, लेकिन कॉल भी रिसीव नहीं हुई। अंत में लोगों ने आक्रोश होकर वेदव्यासपुरी बिजलीघर पर धरना दिया। इसके बाद अफसरों और कर्मचारियों ने फाल्ट ठीक कराए और शुक्रवार दोपहर में बिजली चालू हो पाई। शहर में बच्चा पार्क, रेलवे रोड के मकबरा, सिविल लाइन और मोदीपुरम में शुक्रवार को भी कार्य किया जाता रहा।
दिनभर जुटे रहे अधिकारी, ट्रांसफार्मर बदले
मेरठ। जिले के देहात इलाके में शुक्रवार को भी बिजली अधिकारी कर्मचारियों की टीम के साथ टूटे खंभे, तारों और आंधी-बारिश में क्षतिग्रस्त हुए ट्रांसफार्रमरों को बदलावकर बाधित बिजली आपूर्ति सुचारू कराने में जुटे रहे। मुख्य अभियंता मेरठ जोन द्वितीय यदुनाथ राम ने अधीक्षण अभियंताओं, अधिशासी अभियंताओं के साथ देहात क्षेत्र में निरीक्षण किया और युद्ध स्तर पर कार्य कराकर बाधित बिजली आपूर्ति सुचारू कराने में जुटे रहे। मुख्य अभियंता ने नंगला शेखू, किठौर, मवाना, सरधना, जानी, बागपत जिले के विभिन्न इलाकों में गए। सभी स्थानों पर टीम कार्य में जुटी मिली। अधिशासी अभियंताओं और एसडीओ को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं की आने वाली प्रत्येक कॉल रिसीव की जाए। छोटे पॉकेट में जहां भी खंभे-तार टूटे हैं और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हैं, वहां तेजी से कार्य कराते हुए बाधित बिजली आपूर्ति को सुचारू कराया जाए।
कासमपुर में बिजली-पानी संकट, लोगों का हंगामा
मेरठ। आंधी-बारिश के चलते कासमपुर, नंदपुरी क्षेत्र में टूटे बिजली के खंभों के कारण 40 घंटों बाद भी बिजली आपूर्ति चालू नहीं हो पाई। कासमपुर एवं नंदपुरी क्षेत्र के लोग बिजली के साथ पीने के पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस गए। वार्ड नंबर नौ की पार्षद रेशमा सोनकर ने नगर निगम के माध्यम से पानी के टैंकर मंगवाकर क्षेत्र की जनता के लिए पानी की व्यवस्था कराई। इलाके में बिजली नहीं होने के कारण घरों में बीमार महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों का गर्मी के कारण बुरा हाल रहा। पार्षद प्रतिनिधि शक्ति सोनकर, भाजपा नेता संजीव मंगवाना, कासमपुर व्यापार संघ अध्यक्ष सुरेश लोधी ने कैंट विधायक अमित अग्रवाल को क्षेत्र की समस्या के बारे में बताया। जिस पर बिजली विभाग के एसडीओ और जेई अपनी टीम के साथ कासमपुर पहुंचे और टूटे पड़े तीन खंभों को तुरंत ठीक कराकर बिजली आपूर्ति चालू कराने का आश्वासन दिया।
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सरस्वती इंडस्ट्री एरिया एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने बताया कि उनके क्षेत्र में पिछले तीन दिन से 22 बड़ी फैक्टरियां बिजली न होने के कारण काम नहीं हो पा रहा है। इस कारण उद्यमियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है। महामंत्री संदीप वत्स ने भी इसे लेकर नाराजगी जताई है। अधिशासी अभियंता 11 केवी साउथ धर्मवीर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में पांच से अधिक पोल क्षतिग्रस्त हुए थे। 33 केवी की लाइन के पोल क्षतिग्रस्त होने के कारण यहां समस्या अधिक थी। इसका कार्य कराया जा रहा है। शुक्रवार शाम तक यहां भी आपूर्ति सुचारू हो जाएगी। इसके अलावा शताब्दीनगर सेक्टर 4 क्षेत्र में सेक्टर दो क्षेत्र से विद्युत आपूर्ति को सुचारू कराया गया।
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साउथ क्षेत्र में 95 प्रतिशत क्षेत्र में बृहस्पतिवार दोपहर तक विद्युत आपूर्ति सुचारू करा दी गई थी। वहीं, जीआईसी फीडर क्षेत्र के बच्चा पार्क में शुक्रवार शाम को मरम्मत कार्य किया जाता रहा। इस कारण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ा। वहीं देहात क्षेत्र में मुख्य अभियंता यदुनाथ राम दिनभर मरम्मत कार्यों को कराने में जुटे रहे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम तक मेरठ जोन के 99 फीसदी फीडरों को सुचारू रूप से चालू कर दिया गया।
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वेदव्यासपुरी उपकेंद्र पर हंगामे के बाद आई बिजली
परतापुर बाईपास पर स्थित गायत्री स्टेट कॉलोनी में करीब 36 घंटों बाद बिजली आपूर्ति सुचारू हुई। कॉलोनी निवासी आकाश ने बताया कि कॉलोनी से लोग लगातार अफसरों, कर्मचारियों को कॉल करते रहे, लेकिन कॉल भी रिसीव नहीं हुई। अंत में लोगों ने आक्रोश होकर वेदव्यासपुरी बिजलीघर पर धरना दिया। इसके बाद अफसरों और कर्मचारियों ने फाल्ट ठीक कराए और शुक्रवार दोपहर में बिजली चालू हो पाई। शहर में बच्चा पार्क, रेलवे रोड के मकबरा, सिविल लाइन और मोदीपुरम में शुक्रवार को भी कार्य किया जाता रहा।
दिनभर जुटे रहे अधिकारी, ट्रांसफार्मर बदले
मेरठ। जिले के देहात इलाके में शुक्रवार को भी बिजली अधिकारी कर्मचारियों की टीम के साथ टूटे खंभे, तारों और आंधी-बारिश में क्षतिग्रस्त हुए ट्रांसफार्रमरों को बदलावकर बाधित बिजली आपूर्ति सुचारू कराने में जुटे रहे। मुख्य अभियंता मेरठ जोन द्वितीय यदुनाथ राम ने अधीक्षण अभियंताओं, अधिशासी अभियंताओं के साथ देहात क्षेत्र में निरीक्षण किया और युद्ध स्तर पर कार्य कराकर बाधित बिजली आपूर्ति सुचारू कराने में जुटे रहे। मुख्य अभियंता ने नंगला शेखू, किठौर, मवाना, सरधना, जानी, बागपत जिले के विभिन्न इलाकों में गए। सभी स्थानों पर टीम कार्य में जुटी मिली। अधिशासी अभियंताओं और एसडीओ को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं की आने वाली प्रत्येक कॉल रिसीव की जाए। छोटे पॉकेट में जहां भी खंभे-तार टूटे हैं और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हैं, वहां तेजी से कार्य कराते हुए बाधित बिजली आपूर्ति को सुचारू कराया जाए।
कासमपुर में बिजली-पानी संकट, लोगों का हंगामा
मेरठ। आंधी-बारिश के चलते कासमपुर, नंदपुरी क्षेत्र में टूटे बिजली के खंभों के कारण 40 घंटों बाद भी बिजली आपूर्ति चालू नहीं हो पाई। कासमपुर एवं नंदपुरी क्षेत्र के लोग बिजली के साथ पीने के पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस गए। वार्ड नंबर नौ की पार्षद रेशमा सोनकर ने नगर निगम के माध्यम से पानी के टैंकर मंगवाकर क्षेत्र की जनता के लिए पानी की व्यवस्था कराई। इलाके में बिजली नहीं होने के कारण घरों में बीमार महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों का गर्मी के कारण बुरा हाल रहा। पार्षद प्रतिनिधि शक्ति सोनकर, भाजपा नेता संजीव मंगवाना, कासमपुर व्यापार संघ अध्यक्ष सुरेश लोधी ने कैंट विधायक अमित अग्रवाल को क्षेत्र की समस्या के बारे में बताया। जिस पर बिजली विभाग के एसडीओ और जेई अपनी टीम के साथ कासमपुर पहुंचे और टूटे पड़े तीन खंभों को तुरंत ठीक कराकर बिजली आपूर्ति चालू कराने का आश्वासन दिया।