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मेडिकल में चिकित्सकों की कमी का मुद्दा उठाया
Updated Sat, 29 Sep 2018 02:13 AM IST
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मेडिकल में चिकित्सकों की कमी का मुद्दा उठाया
मेरठ। जन चेतना समिति ने सांसद राजेंद्र अग्रवाल से मिलकर शुक्रवार को लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में चल रही चिकित्सकों की कमी का मुद्दा उठाया। समिति के अध्यक्ष सतीश चंद्र त्यागी का कहना था कि चिकित्सकों के स्थानांतरण के कारण कई महत्वपूर्ण विभाग खाली हो गए हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हायर सेंटर के रूप में पहचान रखता है। मगर पिछले कई सालों से इसकी तरह-तरह से उपेक्षा हो रही है। यहां लगातार चिकित्सकों और कर्मचारियों के पद खाली चल रहे हैं। बावजूद इसके शासन की ओर से इसकी सुध नहीं ली जा रही है। हाल ही में कुछ वरिष्ठ चिकित्सकों का शासन ने स्थानांतरण कर दिया, जिसके बाद हालात और भी खराब हो गए। मेडिकल कॉलेज का कार्डियोलॉजी, मेटावोलिक एंड ऐंडोक्राइनोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, नेफोलॉजी, न्यूरोलॉजी और रेडियोलॉजी पूरी तरह खाली है। चिकित्सकों के स्थानांतरण से शिक्षा व्यवस्था भी चरमरा गई है। पीजी छात्रों की थीसिस पूरी नहीं हो पा रही है। स्थानांतरण प्रक्रिया के बाद मेडिकल कॉलेज में करीब 40 से 45 चिकित्सकों की कमी हो गई है। उन्होंने सांसद राजेंद्र अग्रवाल से हस्तक्षेप कर चिकित्सकों और कर्मचारियों की कमी को जल्द से जल्द दूर कराने का आग्रह किया है। सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि शासन इस पर काम कर रहा है। जल्द कोई न कोई समाधान निकलकर आएगा। वह जल्द प्रभारी मंत्री के समक्ष भी मुद्दा रखेंगे।
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मेरठ। जन चेतना समिति ने सांसद राजेंद्र अग्रवाल से मिलकर शुक्रवार को लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में चल रही चिकित्सकों की कमी का मुद्दा उठाया। समिति के अध्यक्ष सतीश चंद्र त्यागी का कहना था कि चिकित्सकों के स्थानांतरण के कारण कई महत्वपूर्ण विभाग खाली हो गए हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हायर सेंटर के रूप में पहचान रखता है। मगर पिछले कई सालों से इसकी तरह-तरह से उपेक्षा हो रही है। यहां लगातार चिकित्सकों और कर्मचारियों के पद खाली चल रहे हैं। बावजूद इसके शासन की ओर से इसकी सुध नहीं ली जा रही है। हाल ही में कुछ वरिष्ठ चिकित्सकों का शासन ने स्थानांतरण कर दिया, जिसके बाद हालात और भी खराब हो गए। मेडिकल कॉलेज का कार्डियोलॉजी, मेटावोलिक एंड ऐंडोक्राइनोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, नेफोलॉजी, न्यूरोलॉजी और रेडियोलॉजी पूरी तरह खाली है। चिकित्सकों के स्थानांतरण से शिक्षा व्यवस्था भी चरमरा गई है। पीजी छात्रों की थीसिस पूरी नहीं हो पा रही है। स्थानांतरण प्रक्रिया के बाद मेडिकल कॉलेज में करीब 40 से 45 चिकित्सकों की कमी हो गई है। उन्होंने सांसद राजेंद्र अग्रवाल से हस्तक्षेप कर चिकित्सकों और कर्मचारियों की कमी को जल्द से जल्द दूर कराने का आग्रह किया है। सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि शासन इस पर काम कर रहा है। जल्द कोई न कोई समाधान निकलकर आएगा। वह जल्द प्रभारी मंत्री के समक्ष भी मुद्दा रखेंगे।
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