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एमआइइटी में आयोजन
Updated Sat, 09 Jun 2018 12:45 AM IST
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छात्रों को सिखाई नेतृत्व कौशल क्षमता
मेरठ। एमआईईटी के एमबीए विभाग में दो दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का आयोजन आईसीटी एकेडमी के सहयोग से हुआ। इस दौरान शिक्षकों और छात्रों में नेतृत्व कौशल को विकसित करने के गुर सिखाए। आईसीटी एकेडमी की ओर से मुख्य वक्ता के. शिम्माचलम ने बताया कि नेतृत्व गुण किसी भी कंपनी या संस्थान में आवश्यक है। क्योंकि वे नकारात्मक परिस्थितियों के प्रभाव से बाहर निकलने अपने जीवन से प्रेम करने और इसमें निर्णय करने के लिए शक्ति व कौशल और अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने बताया कि अत्यधिक सक्रियता सीखें, अपने आप निर्णय लें और उनके लिए जिम्मेदार रहें।
सही ढ़ंग से लक्ष्य निर्धारित करें, वे महत्वाकांक्षी लेकिन साध्य होने चाहिए। अपने आप को चुनौती दें, यह करें जिससे आप डरते हैं। यह डर को दबाने का एकमात्र तरीका है।
दोनों सिद्धांत और व्यवहार लगातार पढ़ें। दूसरों के अनुभव को अपनाएं। इस दौरान शिक्षकों और छात्रों के लिए विभिन्न प्रकार के गेम्स और एक्टिविटी करवाई गई। नेतृत्व कौशल क्षमता की विस्तार से जानकारी दी गई और व्यवसायिक शिष्टाचार का भी पाठ पढ़ाया गया। जिससे नेतृत्व क्षमता विकसित हो सके। इस दौरान वीडियो के माध्यम से भी लीडरशिप की विशेषताएं बताई गई ।
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इस अवसर पर संस्थान के उपाध्यक्ष पुनीत अग्रवाल, महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल जे.एम गर्ग, निदेशक डॉ. मयंक गर्ग, विभागाध्यक्ष डॉ. वैशाली गोयल मौजूद रहे ।
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मेरठ। एमआईईटी के एमबीए विभाग में दो दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का आयोजन आईसीटी एकेडमी के सहयोग से हुआ। इस दौरान शिक्षकों और छात्रों में नेतृत्व कौशल को विकसित करने के गुर सिखाए। आईसीटी एकेडमी की ओर से मुख्य वक्ता के. शिम्माचलम ने बताया कि नेतृत्व गुण किसी भी कंपनी या संस्थान में आवश्यक है। क्योंकि वे नकारात्मक परिस्थितियों के प्रभाव से बाहर निकलने अपने जीवन से प्रेम करने और इसमें निर्णय करने के लिए शक्ति व कौशल और अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने बताया कि अत्यधिक सक्रियता सीखें, अपने आप निर्णय लें और उनके लिए जिम्मेदार रहें।
सही ढ़ंग से लक्ष्य निर्धारित करें, वे महत्वाकांक्षी लेकिन साध्य होने चाहिए। अपने आप को चुनौती दें, यह करें जिससे आप डरते हैं। यह डर को दबाने का एकमात्र तरीका है।
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दोनों सिद्धांत और व्यवहार लगातार पढ़ें। दूसरों के अनुभव को अपनाएं। इस दौरान शिक्षकों और छात्रों के लिए विभिन्न प्रकार के गेम्स और एक्टिविटी करवाई गई। नेतृत्व कौशल क्षमता की विस्तार से जानकारी दी गई और व्यवसायिक शिष्टाचार का भी पाठ पढ़ाया गया। जिससे नेतृत्व क्षमता विकसित हो सके। इस दौरान वीडियो के माध्यम से भी लीडरशिप की विशेषताएं बताई गई ।
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इस अवसर पर संस्थान के उपाध्यक्ष पुनीत अग्रवाल, महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल जे.एम गर्ग, निदेशक डॉ. मयंक गर्ग, विभागाध्यक्ष डॉ. वैशाली गोयल मौजूद रहे ।