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रामकथा सुनकर भक्ति में खो गए श्रोता
Updated Sat, 24 Jun 2017 01:47 AM IST
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मेरठ। रोहटा रोड स्थित राधे मोहन सत्संग भवन में श्रीराम कथा का आयोजन किया गया। जिसमें कथा व्यास शंकर स्वरूप महाराज ने केवट संवाद और भरत मिलाप की कथा सुनायी।
कथा व्यास ने कहा कि जो व्यक्ति सबरी जैसा प्रेम भगवान राम से करते हैं, उनके सदैव कार्य बनते हैं। राम नाम की माला जपने से मानव का कल्याण होता है। जो मनुष्य प्रभु भक्ति नहीं करता उसका जीवन भी व्यर्थ है। उन्होंने केवट संवाद कहते हुए कहा कि भगवान राम, सीता, लक्ष्मण वन को जाते समय जब सरयू किनारे पहुंचे तो वहां केवट ने सरयू पार करने के बदले भगवान राम से उनके चरण धोने का अवसर मांगा। उन्होंने कहा कि प्रभु की भक्ति मनुष्य के सदैव काम आती है। उन्होंने राम और भरत मिलाप की कथा सुनायी। इस अवसर पर आचार्य गया प्रसाद, पवन गुप्ता आदि का मुख्य सहयोग रहा।
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कथा व्यास ने कहा कि जो व्यक्ति सबरी जैसा प्रेम भगवान राम से करते हैं, उनके सदैव कार्य बनते हैं। राम नाम की माला जपने से मानव का कल्याण होता है। जो मनुष्य प्रभु भक्ति नहीं करता उसका जीवन भी व्यर्थ है। उन्होंने केवट संवाद कहते हुए कहा कि भगवान राम, सीता, लक्ष्मण वन को जाते समय जब सरयू किनारे पहुंचे तो वहां केवट ने सरयू पार करने के बदले भगवान राम से उनके चरण धोने का अवसर मांगा। उन्होंने कहा कि प्रभु की भक्ति मनुष्य के सदैव काम आती है। उन्होंने राम और भरत मिलाप की कथा सुनायी। इस अवसर पर आचार्य गया प्रसाद, पवन गुप्ता आदि का मुख्य सहयोग रहा।
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