{"_id":"5ca3b630bdec2214776101f0","slug":"201554232880-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रशासन लगा चुनाव में, धडल्ले से चल रहे हैं अवैध मीट प्लांट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रशासन लगा चुनाव में, धडल्ले से चल रहे हैं अवैध मीट प्लांट
विज्ञापन
आचार संहिता लगने के बाद से बंद पड़े मीट प्लांटों में भी शुरू हुआ काम
प्रशासनिक अफसरों की चुनाव में लगी ड्यूटी का फायदा उठा रहे संचालक
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा।
लोकसभा चुनाव के चलते क्षेत्र में लगी आचार संहिता का अवैध मीट प्लांट संचालक जमकर फायदा उठा रहे हैं। जांच के लिए पुलिस फोर्स और अधिकारी उपलब्ध न होने से जैसे संचालकों को खुली छूट मिल गई है। ऐसे में जो मीट और रैंडरिंग प्लांट वर्षों से बंद पड़े थे, उनकी भी चिमनियों से धुआं निकलता दिखाई दे रहा है।
प्रदेश में भाजपा की सरकार आते ही हापुड रोड़ पर अल्लीपुर में स्थित मीट फैक्टरी, रैंडरिंग प्लांट और इस व्यवसायों से जुडे़ करीब दर्जनभर फैक्टरी संचालकों पर कार्रवाई हुई थी। कुछ समय बाद अधिकारियों की सेटिंग से कई फैक्टरियों ने फिर काम शुरू कर दिया था। इस कारण क्षेत्र में प्रदूषण अपने अधिकतम स्तर पर पहुंच गया था। क्षेत्र के लोगों ने जब इसका विरोध किया तो प्रशासन की नींद टूटी। एक बार फिर से प्रशासन ने इन फैक्टरियों पर कार्रवाई शुरू की। इसके तहत एमडीए ने पूर्व मंत्री हाजी याकूब की फैक्टरी को बंद करा दिया था। चुनाव आचार संहिता लगने के बाद से मीट फैक्टरियों के साथ साथ क्षेत्र में बंद पडे़ कई रैंडरिंग व मुर्गी दाना प्लांट का संचालन शुरू हो गया है। कई अवैध मीट फैक्टरियां भी चालू हो गई है। यहां धड़ल्ले से पशुओं का कटान हो रहा है। जिन फैक्टरियों में प्रतिदिन 500 पशु काटे जाने की क्षमता है, वो फैक्टरियां एक-एक हजार पशु काट रही हैं। कई फैक्टरियों में दिन में बडे़ पशुओं को तो रात में प्रतिबंधित छोटे पशु भी काटे जा रहे हैं। इससे आसपास के क्षेत्रों में दुर्गंध फैल रही है।
छोटे पशुओं के मीट की विदेशों में मांग
जानकारों का कहना है कि विदेशों में बडे़ पशुओं की तुलना में छोटे पशुओं के मीट की अधिक मांग है। उनका मीट महंगा भी जाता है। ऐसे में इन कारोबारियों ने छोटे पशुओं को खरीद लिया है। दूर दूर के जिलों से इनकी खेप लाई जा रही है। इन पशुओं को रात में कंटेनरों में लाया जाता है।
विज्ञापन
वर्जन======
इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इस समय पशुओं की जनगणना चल रही है। चुनाव कार्य में भी ड्यूटी लगाई जा रही है। ग्रामीण मामले से डीएम को में सूचित करे। वहां से जो आदेश मिलेगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। -प्रवीन भारती, क्षेत्रीय पशु चिकित्सक।
हड्डियां गलाने की अवैध भट्टियां फैला रहीं दुर्गंध
मेरठ। मवाना क्षेत्र में जानवरों की हड्डियां गलाने की अवैध भट्टियों से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में भारतीय उद्योग विकास व्यापार मंडल ने पत्र भेजकर मुख्यमंत्री से शिकायत की है। प्रदेश अध्यक्ष काजी शादाब ने बताया कि मवाना रोड से करीब दो किलोमीटर पहले धर्मकांटे के पीछे अवैध भट्टियां संचालित हैं। इससे दुर्गंध और क्षेत्र में बीमारियां फैल रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के पत्र भेजकर तत्काल अवैध भट्टियों को बंद कराने की मांग की है।
विज्ञापन
प्रशासनिक अफसरों की चुनाव में लगी ड्यूटी का फायदा उठा रहे संचालक
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा।
लोकसभा चुनाव के चलते क्षेत्र में लगी आचार संहिता का अवैध मीट प्लांट संचालक जमकर फायदा उठा रहे हैं। जांच के लिए पुलिस फोर्स और अधिकारी उपलब्ध न होने से जैसे संचालकों को खुली छूट मिल गई है। ऐसे में जो मीट और रैंडरिंग प्लांट वर्षों से बंद पड़े थे, उनकी भी चिमनियों से धुआं निकलता दिखाई दे रहा है।
प्रदेश में भाजपा की सरकार आते ही हापुड रोड़ पर अल्लीपुर में स्थित मीट फैक्टरी, रैंडरिंग प्लांट और इस व्यवसायों से जुडे़ करीब दर्जनभर फैक्टरी संचालकों पर कार्रवाई हुई थी। कुछ समय बाद अधिकारियों की सेटिंग से कई फैक्टरियों ने फिर काम शुरू कर दिया था। इस कारण क्षेत्र में प्रदूषण अपने अधिकतम स्तर पर पहुंच गया था। क्षेत्र के लोगों ने जब इसका विरोध किया तो प्रशासन की नींद टूटी। एक बार फिर से प्रशासन ने इन फैक्टरियों पर कार्रवाई शुरू की। इसके तहत एमडीए ने पूर्व मंत्री हाजी याकूब की फैक्टरी को बंद करा दिया था। चुनाव आचार संहिता लगने के बाद से मीट फैक्टरियों के साथ साथ क्षेत्र में बंद पडे़ कई रैंडरिंग व मुर्गी दाना प्लांट का संचालन शुरू हो गया है। कई अवैध मीट फैक्टरियां भी चालू हो गई है। यहां धड़ल्ले से पशुओं का कटान हो रहा है। जिन फैक्टरियों में प्रतिदिन 500 पशु काटे जाने की क्षमता है, वो फैक्टरियां एक-एक हजार पशु काट रही हैं। कई फैक्टरियों में दिन में बडे़ पशुओं को तो रात में प्रतिबंधित छोटे पशु भी काटे जा रहे हैं। इससे आसपास के क्षेत्रों में दुर्गंध फैल रही है।
विज्ञापन
छोटे पशुओं के मीट की विदेशों में मांग
जानकारों का कहना है कि विदेशों में बडे़ पशुओं की तुलना में छोटे पशुओं के मीट की अधिक मांग है। उनका मीट महंगा भी जाता है। ऐसे में इन कारोबारियों ने छोटे पशुओं को खरीद लिया है। दूर दूर के जिलों से इनकी खेप लाई जा रही है। इन पशुओं को रात में कंटेनरों में लाया जाता है।
विज्ञापन
वर्जन======
इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इस समय पशुओं की जनगणना चल रही है। चुनाव कार्य में भी ड्यूटी लगाई जा रही है। ग्रामीण मामले से डीएम को में सूचित करे। वहां से जो आदेश मिलेगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। -प्रवीन भारती, क्षेत्रीय पशु चिकित्सक।
हड्डियां गलाने की अवैध भट्टियां फैला रहीं दुर्गंध
मेरठ। मवाना क्षेत्र में जानवरों की हड्डियां गलाने की अवैध भट्टियों से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में भारतीय उद्योग विकास व्यापार मंडल ने पत्र भेजकर मुख्यमंत्री से शिकायत की है। प्रदेश अध्यक्ष काजी शादाब ने बताया कि मवाना रोड से करीब दो किलोमीटर पहले धर्मकांटे के पीछे अवैध भट्टियां संचालित हैं। इससे दुर्गंध और क्षेत्र में बीमारियां फैल रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के पत्र भेजकर तत्काल अवैध भट्टियों को बंद कराने की मांग की है।