{"_id":"5b8c51ce42c792465f7d022c","slug":"201535922638-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब राफेल विमान मुद्दे को गांव-गांव ले जाएगी कांग्रेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब राफेल विमान मुद्दे को गांव-गांव ले जाएगी कांग्रेस
Updated Mon, 03 Sep 2018 02:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। मोदी सरकार को घेरने में जुटी कांग्रेस लोकसभा चुनाव तक राफेल प्रकरण को गरमाए रखना चाहती है। 100 शहरों में प्रेस कांफ्रेंस कर पोल खोल कार्यक्रम के तहत सौदे में हुए कथित भ्रष्टाचार की जानकारी दे रही कांग्रेस अब गांव-गांव तक पहुंचकर इस मुद्दे को उठाएगी।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल मुद्दे को लेकर सीधे पीएम को घेरने में लगें है। उनके निर्देश पर ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देश के 100 बड़े शहरों में पहुंचकर प्रेस कांफ्रेंस के जरिये इस सौदे की जानकारी दे रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि संप्रग सरकार के समय 126 राफेल विमानों का सौदा हुआ था। उस समय एक विमान की कीमत 520 करोड़ रुपये रखी गई थी। लेकिन मोदी सरकार ने वर्ष 2016 में इस सौदे को बदलकर विमान की कीमत 1670 करोड़ कर दी और विमानों की संख्या घटाकर 36 कर दी। इसके साथ ही विमानों को बनाने का ठेका सौदे से 12 दिन पहले बनी कंपनी रिलायंस डिफेंस को दे दिया। जबकि संप्रग सरकार ने ये ठेका सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड को दिया था। इस सौदे में एक लाख 30 हजार करोड़ का भ्रष्टाचार किया गया है। इस बारे में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शकील अहमद प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगा चुके हैं। अब पार्टी इसे गांव-गांव लेकर जाने की तैयारी में जुट गई हैं। प्रभारी जिलाध्यक्ष विनोद मोघा और जिला प्रवक्ता अखिल कौशिक ने बताया कि इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। ब्लॉक व तहसील स्तर के पदाधिकारियों को इससे अवगत करा दिया गया है। गांवों में जाकर नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से केंद्र सरकार के काले कारनामों की पोल खोली जाएगी।
विज्ञापन
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल मुद्दे को लेकर सीधे पीएम को घेरने में लगें है। उनके निर्देश पर ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देश के 100 बड़े शहरों में पहुंचकर प्रेस कांफ्रेंस के जरिये इस सौदे की जानकारी दे रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि संप्रग सरकार के समय 126 राफेल विमानों का सौदा हुआ था। उस समय एक विमान की कीमत 520 करोड़ रुपये रखी गई थी। लेकिन मोदी सरकार ने वर्ष 2016 में इस सौदे को बदलकर विमान की कीमत 1670 करोड़ कर दी और विमानों की संख्या घटाकर 36 कर दी। इसके साथ ही विमानों को बनाने का ठेका सौदे से 12 दिन पहले बनी कंपनी रिलायंस डिफेंस को दे दिया। जबकि संप्रग सरकार ने ये ठेका सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड को दिया था। इस सौदे में एक लाख 30 हजार करोड़ का भ्रष्टाचार किया गया है। इस बारे में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शकील अहमद प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगा चुके हैं। अब पार्टी इसे गांव-गांव लेकर जाने की तैयारी में जुट गई हैं। प्रभारी जिलाध्यक्ष विनोद मोघा और जिला प्रवक्ता अखिल कौशिक ने बताया कि इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। ब्लॉक व तहसील स्तर के पदाधिकारियों को इससे अवगत करा दिया गया है। गांवों में जाकर नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से केंद्र सरकार के काले कारनामों की पोल खोली जाएगी।
विज्ञापन