{"_id":"5b4911764f1c1b44748b47eb","slug":"201531515254-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरटीओ और भैसाली बस अड्डे पर औपचारिक निरीक्षण कर चलते बने मंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरटीओ और भैसाली बस अड्डे पर औपचारिक निरीक्षण कर चलते बने मंत्री
Updated Sat, 14 Jul 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरटीओ और भैसाली अड्डे पर औपचारिक छापामारी कर चलते बने मंत्री
वाहन चालकों ने की फर्स्ट एड बॉक्स के 250 रुपये वसूलने की शिकायत
शिकायत मिलने पर आरआई को फटकार, टेस्ट बाबू का लिखकर ले गए नाम
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
भ्रष्टाचार की शिकायत पर दलालों और अधिकारियों को रंगे हाथ पकड़ने आरटीओ पहुंचे प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र देव के हाथ कुछ नहीं लगा। बल्कि कई दलाल उनके साथ ही घूमते रहे। फर्स्ट एड बॉक्स के नाम पर हो रही अवैध वसूली की पोल खुलने पर दलाल भाग खड़े हुए, लेकिन उन्हेें पकड़वाने का प्रयास नहीं किया गया। लोगों ने फिटनेस के नाम पर अवैध वसूली और डीएल बनाने में परेशान करने की शिकायत की। मंत्री ने आरआई चंपक लाल निगम को तलब कर पूछताछ की और डीएल टेस्ट बाबू का नाम नोट किया।
शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र देव सिंह अचानक आरटीओ पहुंचे। यहां पहुंचते ही मंत्री ने कार्यालय के दोनों मेन गेट बंद करा दिए। इससे विभाग में हड़कंप मच गया। मंत्री ने गाड़ी से उतरते ही फिटनेस के लिए आए वाहनों के चालकों से पूछताछ शुरू कर दी। पूछा फिटनेस कराने में कोई दिक्कत तो नहीं हो रही। लोगों ने बताया कि 40 रुपये के फर्स्ट एड बॉक्स के 250 रुपये वसूले जा रहे हैं। बॉक्स पहले से होने के बावजूद जबरन थोपा जाता है। लोगों ने दलालों द्वारा आरटीओ के अंदर ही फर्स्ट एड बॉक्स व रिफ्लेक्टर टेप बेचने की शिकायत की। बताया कि आइसक्रीम बेचने वाला एक युवक फर्स्ट एड बॉक्स भी बेचता है। इस पर मंत्री ने आरआई चंपक लाल को तलब किया। दलालों की बाबत पूछा और कड़ी फटकार लगाई।
कैमरे में कैद हुआ दलाल
इस बीच मंत्री के काफिले में साथ चल रहा दलाल वहां से खिसकने लगा जो अमर उजाला के कैमरे में कैद हो गया। लेकिन उसे पकड़वाने की कोशिश तक नहीं हुई। सूचना पर पहुंचे आरटीओ डॉ. विजय कुमार और एआरटीओ श्वेता वर्मा से भी उन्होंने शिकायतों की बाबत जानकारी ली। यहां डीएल बनवाने आए लोगों से पूछताछ की तो लोगों ने बताया कि डीएल बनवाने में दिक्कत होती है। बेटी का डीएल बनवाने आई एक महिला ने ऑनलाइन डीएल की जानकारी नहीं होने की शिकायत की। इस पर मंत्री ने डीएल सेक्शन के बाबू का नाम नोट किया। करीब आधा घंटा निरीक्षण करने और तमाम दिशा निर्देश देेने के बाद मंत्री भैसाली बस अड्डे के निरीक्षण के लिए निकल गए।
विज्ञापन
गंदी बसें देखकर जताई नाराजगी
भैसाली बस अड्डे पर पहुंचे मंत्री ने यहां खड़ी गंदी बसों को देखकर कड़ी नाराजगी जाहिर की। इसके लिए केंद्र प्रभारी को तलब किया। केंद्र प्रभारी ने बारिश में बस गंदी होना बताया तो उन्होंने रोजाना बसों की धुलाई कराने के निर्देश दिए। बड़ौत जा रही बस के अंदर पहुंचकर फर्स्ट एड बॉक्स चेक किया तो वह खाली मिला। इस पर सभी बसों में फर्स्ट एड बॉक्स लगाने के निर्देश दिए। यात्रियों ने एसी बसों के समय से नहीं मिलने और शामली की बसों के लिए दो-दो घंटे इंतजार करने की शिकायत की। इस पर एआरएम मेरठ डिपो से हर हाल में समय सारिणी के अनुसार बस चलाने के निर्देश दिए।
15 दिन में पूरा कराएं काम
इसके बाद मंत्री ने निर्माणाधीन बस अड्डा परिसर और यात्री शेड का निरीक्षण किया। उन्होंने 15 दिन के अंदर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही यात्रियों के लिए शेड में पर्याप्त बेंच लगाने को कहा। सड़क पर बसों से लगने वाले जाम को खत्म करने के लिए दो कर्मचारी लगाने और अनुबंधित बसों की नियमित धुलाई कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर आरएम नीरज सक्सेना, एआरएम मेरठ डिपो मोहम्मद अजीम, एआरएम भैसाली डिपो अनिल अग्रवाल, जेई आरपी सिंह, राजेश त्यागी, सुहेल अहमद, वीरेंद्र सिंह, राजीव त्यागी, संजीव कुमार, अजय त्यागी, इसरार अहमद आदि मौजूद रहे।
पैर छूते ही काफूर हुआ मंत्री का गुस्सा
मेरठ। नौकरशाही ने विधायिका के सामने अपनी सेवा नियमावली के आदर्शों को किस कदर नतमस्तक कर रखा है, इसका उदाहरण शुक्रवार को आरटीओ में देखने को मिला। औचक निरीक्षण पर पहुंचे परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र देव के आने की सूचना पर आनन-फानन उनके पास पहुंचे आरआई चंपक लाल निगम ने उनके पैर छुए। उसके बाद पहुंचे आरटीओ डॉ विजय कुमार भी नतमस्तक हुए। मंत्री ने भी पैर छूने का कोई विरोध नहीं किया। जैसे ही अधिकारियों ने पैर छुए मंत्री जी का गुस्सा भी काफूर हो गया। इससे पहले लोगों से मिल रही वाहन फिटनेस और डीएल मामलों की शिकायतों से मंत्री का गुस्सा सातवें आसमान पर था। बाद में मंत्री जी दोनों अधिकारियों से एकांत में कुछ देर बात की।
डग्गामार बसों की शिकायत पर बगलें झांकने लगे मंत्री
मेरठ। डग्गामार बसों का संचालन बंद होेने की बात कहने वाले परिवहन मंत्री के सामने यात्रियों ने ही डग्गामारों की पोल खोलकर रख दी। गांव कैथवाड़ी निवासी दिव्यांग अजय कुमार ने मंत्री से कहा कि मंत्री जी डग्गामार बसों को बंद करो। रोडवेज के भ्रम में वे कई बार डग्गामार बस में बैठ जाते हैं तो डग्गामार बस वाले दिव्यांग कोटे का लाभ नहीं देते और पूरा किराया वसूलते हैं। डग्गामार बसों के संचालन होने की शिकायत सुनते ही मंत्री बगलें झांकने लगे। मीडिया ने डग्गामारी पर सवाल उठाया तो उन्होंने कमेंट करने से मना कर दिया।
...............................................
जाम में फंस गए मंत्री
भैसाली बस अड्डे के सामने रोडवेज बसों से लगने वाले जाम में शहरवासी रोजाना फंसकर परेशान होते हैं। शुक्रवार को इस जाम में खुद मंत्री फंसे तो अधिकारियों को फटकार लगाई और प्रवेश व निकासी द्वार पर दो-दो कर्मचारी लगाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
वाहन चालकों ने की फर्स्ट एड बॉक्स के 250 रुपये वसूलने की शिकायत
शिकायत मिलने पर आरआई को फटकार, टेस्ट बाबू का लिखकर ले गए नाम
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
भ्रष्टाचार की शिकायत पर दलालों और अधिकारियों को रंगे हाथ पकड़ने आरटीओ पहुंचे प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र देव के हाथ कुछ नहीं लगा। बल्कि कई दलाल उनके साथ ही घूमते रहे। फर्स्ट एड बॉक्स के नाम पर हो रही अवैध वसूली की पोल खुलने पर दलाल भाग खड़े हुए, लेकिन उन्हेें पकड़वाने का प्रयास नहीं किया गया। लोगों ने फिटनेस के नाम पर अवैध वसूली और डीएल बनाने में परेशान करने की शिकायत की। मंत्री ने आरआई चंपक लाल निगम को तलब कर पूछताछ की और डीएल टेस्ट बाबू का नाम नोट किया।
शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र देव सिंह अचानक आरटीओ पहुंचे। यहां पहुंचते ही मंत्री ने कार्यालय के दोनों मेन गेट बंद करा दिए। इससे विभाग में हड़कंप मच गया। मंत्री ने गाड़ी से उतरते ही फिटनेस के लिए आए वाहनों के चालकों से पूछताछ शुरू कर दी। पूछा फिटनेस कराने में कोई दिक्कत तो नहीं हो रही। लोगों ने बताया कि 40 रुपये के फर्स्ट एड बॉक्स के 250 रुपये वसूले जा रहे हैं। बॉक्स पहले से होने के बावजूद जबरन थोपा जाता है। लोगों ने दलालों द्वारा आरटीओ के अंदर ही फर्स्ट एड बॉक्स व रिफ्लेक्टर टेप बेचने की शिकायत की। बताया कि आइसक्रीम बेचने वाला एक युवक फर्स्ट एड बॉक्स भी बेचता है। इस पर मंत्री ने आरआई चंपक लाल को तलब किया। दलालों की बाबत पूछा और कड़ी फटकार लगाई।
विज्ञापन
कैमरे में कैद हुआ दलाल
इस बीच मंत्री के काफिले में साथ चल रहा दलाल वहां से खिसकने लगा जो अमर उजाला के कैमरे में कैद हो गया। लेकिन उसे पकड़वाने की कोशिश तक नहीं हुई। सूचना पर पहुंचे आरटीओ डॉ. विजय कुमार और एआरटीओ श्वेता वर्मा से भी उन्होंने शिकायतों की बाबत जानकारी ली। यहां डीएल बनवाने आए लोगों से पूछताछ की तो लोगों ने बताया कि डीएल बनवाने में दिक्कत होती है। बेटी का डीएल बनवाने आई एक महिला ने ऑनलाइन डीएल की जानकारी नहीं होने की शिकायत की। इस पर मंत्री ने डीएल सेक्शन के बाबू का नाम नोट किया। करीब आधा घंटा निरीक्षण करने और तमाम दिशा निर्देश देेने के बाद मंत्री भैसाली बस अड्डे के निरीक्षण के लिए निकल गए।
विज्ञापन
गंदी बसें देखकर जताई नाराजगी
भैसाली बस अड्डे पर पहुंचे मंत्री ने यहां खड़ी गंदी बसों को देखकर कड़ी नाराजगी जाहिर की। इसके लिए केंद्र प्रभारी को तलब किया। केंद्र प्रभारी ने बारिश में बस गंदी होना बताया तो उन्होंने रोजाना बसों की धुलाई कराने के निर्देश दिए। बड़ौत जा रही बस के अंदर पहुंचकर फर्स्ट एड बॉक्स चेक किया तो वह खाली मिला। इस पर सभी बसों में फर्स्ट एड बॉक्स लगाने के निर्देश दिए। यात्रियों ने एसी बसों के समय से नहीं मिलने और शामली की बसों के लिए दो-दो घंटे इंतजार करने की शिकायत की। इस पर एआरएम मेरठ डिपो से हर हाल में समय सारिणी के अनुसार बस चलाने के निर्देश दिए।
15 दिन में पूरा कराएं काम
इसके बाद मंत्री ने निर्माणाधीन बस अड्डा परिसर और यात्री शेड का निरीक्षण किया। उन्होंने 15 दिन के अंदर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही यात्रियों के लिए शेड में पर्याप्त बेंच लगाने को कहा। सड़क पर बसों से लगने वाले जाम को खत्म करने के लिए दो कर्मचारी लगाने और अनुबंधित बसों की नियमित धुलाई कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर आरएम नीरज सक्सेना, एआरएम मेरठ डिपो मोहम्मद अजीम, एआरएम भैसाली डिपो अनिल अग्रवाल, जेई आरपी सिंह, राजेश त्यागी, सुहेल अहमद, वीरेंद्र सिंह, राजीव त्यागी, संजीव कुमार, अजय त्यागी, इसरार अहमद आदि मौजूद रहे।
पैर छूते ही काफूर हुआ मंत्री का गुस्सा
मेरठ। नौकरशाही ने विधायिका के सामने अपनी सेवा नियमावली के आदर्शों को किस कदर नतमस्तक कर रखा है, इसका उदाहरण शुक्रवार को आरटीओ में देखने को मिला। औचक निरीक्षण पर पहुंचे परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र देव के आने की सूचना पर आनन-फानन उनके पास पहुंचे आरआई चंपक लाल निगम ने उनके पैर छुए। उसके बाद पहुंचे आरटीओ डॉ विजय कुमार भी नतमस्तक हुए। मंत्री ने भी पैर छूने का कोई विरोध नहीं किया। जैसे ही अधिकारियों ने पैर छुए मंत्री जी का गुस्सा भी काफूर हो गया। इससे पहले लोगों से मिल रही वाहन फिटनेस और डीएल मामलों की शिकायतों से मंत्री का गुस्सा सातवें आसमान पर था। बाद में मंत्री जी दोनों अधिकारियों से एकांत में कुछ देर बात की।
डग्गामार बसों की शिकायत पर बगलें झांकने लगे मंत्री
मेरठ। डग्गामार बसों का संचालन बंद होेने की बात कहने वाले परिवहन मंत्री के सामने यात्रियों ने ही डग्गामारों की पोल खोलकर रख दी। गांव कैथवाड़ी निवासी दिव्यांग अजय कुमार ने मंत्री से कहा कि मंत्री जी डग्गामार बसों को बंद करो। रोडवेज के भ्रम में वे कई बार डग्गामार बस में बैठ जाते हैं तो डग्गामार बस वाले दिव्यांग कोटे का लाभ नहीं देते और पूरा किराया वसूलते हैं। डग्गामार बसों के संचालन होने की शिकायत सुनते ही मंत्री बगलें झांकने लगे। मीडिया ने डग्गामारी पर सवाल उठाया तो उन्होंने कमेंट करने से मना कर दिया।
...............................................
जाम में फंस गए मंत्री
भैसाली बस अड्डे के सामने रोडवेज बसों से लगने वाले जाम में शहरवासी रोजाना फंसकर परेशान होते हैं। शुक्रवार को इस जाम में खुद मंत्री फंसे तो अधिकारियों को फटकार लगाई और प्रवेश व निकासी द्वार पर दो-दो कर्मचारी लगाने के निर्देश दिए।