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देश में निचले स्तर का नेतृत्व करने वाले हैं जाहिल
Updated Tue, 24 Apr 2018 02:52 AM IST
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निचले स्तर का नेतृत्व करने वाले नेता अज्ञानी: डॉ. सत्यपाल
मेरठ। देश में निचले स्तर पर जो नेता नेतृत्व कर रहे हैं वो अज्ञानी और इतिहास को न जानने वाले लोग हैं। दो अप्रैल और दस अप्रैल को देश में जो उपद्रव, हिंसा एससी, एसटी आयोग में संशोधन के नाम पर हुआ वो इसी का परिणाम है। उपद्रव की घटना की निंदा करते हुए यह बात बिहार के राज्यपाल डॉ. सत्यपाल मलिक ने कही।
सोमवार को सुभारती विवि के दीक्षांत समारोह में बिहार के राज्यपाल मुख्य अतिथि थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि दो अप्रैल को होने के बाद उस हिंसा को 10 अप्रैल को भी दोहराया गया। जो था नहीं उसे समझा गया, ऐसे नेता पहले इतिहास पढ़ें, हमारे महापुरुषों को जानें। पूना पैक्ट इस देश का सबसे पवित्र कागजात है। जिसके एक ओर डॉ. भीमराव आंबेडकर व दूसरी ओर सवर्णों की ओर से डॉ. मदन मोहन मालवीय के दस्तखत हैं। जो पूरे देश को एक सूत्र में बांधते हैं। देश में बेटियों की सुरक्षा पर राज्यपाल ने कहा कि उत्तर भारत के पुरुष जानवर हैं। पॉक्सो में संशोधन हुआ वो बेटियों के लिए बहुत ही अच्छा कदम है। पश्चिमी उप्र राजनीति की भूमि रहा है। देश को शिक्षित युवाओं की जरुरत है। बड़ी गाड़ी या अट्टालिकाएं देश का विकास नहीं करती। वर्तमान नेताओं पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि आज जिला बोर्ड का सदस्य बनते ही नेता 30 लाख की गाड़ी और महंगे मकान में नजर आता है। विदेशों में ऐसा नहीं हैं। राजनीति का मतलब देश में आज लग्जरी है। देश को नेशनल कैरेक्टर बिल्डिंग की जरूरत है। युवाओं को पढ़ने व बढ़ने का संदेश दिया।
खास बातें:
दो अप्रैल की घटना पर बोले बिहार के राज्यपाल, ऐसे नेता विरोध से पहले पढें इतिहास
सुभारती विवि में आयोजित दीक्षांत समारोह में पहुंचे बिहार के राज्यपाल
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मेरठ। देश में निचले स्तर पर जो नेता नेतृत्व कर रहे हैं वो अज्ञानी और इतिहास को न जानने वाले लोग हैं। दो अप्रैल और दस अप्रैल को देश में जो उपद्रव, हिंसा एससी, एसटी आयोग में संशोधन के नाम पर हुआ वो इसी का परिणाम है। उपद्रव की घटना की निंदा करते हुए यह बात बिहार के राज्यपाल डॉ. सत्यपाल मलिक ने कही।
सोमवार को सुभारती विवि के दीक्षांत समारोह में बिहार के राज्यपाल मुख्य अतिथि थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि दो अप्रैल को होने के बाद उस हिंसा को 10 अप्रैल को भी दोहराया गया। जो था नहीं उसे समझा गया, ऐसे नेता पहले इतिहास पढ़ें, हमारे महापुरुषों को जानें। पूना पैक्ट इस देश का सबसे पवित्र कागजात है। जिसके एक ओर डॉ. भीमराव आंबेडकर व दूसरी ओर सवर्णों की ओर से डॉ. मदन मोहन मालवीय के दस्तखत हैं। जो पूरे देश को एक सूत्र में बांधते हैं। देश में बेटियों की सुरक्षा पर राज्यपाल ने कहा कि उत्तर भारत के पुरुष जानवर हैं। पॉक्सो में संशोधन हुआ वो बेटियों के लिए बहुत ही अच्छा कदम है। पश्चिमी उप्र राजनीति की भूमि रहा है। देश को शिक्षित युवाओं की जरुरत है। बड़ी गाड़ी या अट्टालिकाएं देश का विकास नहीं करती। वर्तमान नेताओं पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि आज जिला बोर्ड का सदस्य बनते ही नेता 30 लाख की गाड़ी और महंगे मकान में नजर आता है। विदेशों में ऐसा नहीं हैं। राजनीति का मतलब देश में आज लग्जरी है। देश को नेशनल कैरेक्टर बिल्डिंग की जरूरत है। युवाओं को पढ़ने व बढ़ने का संदेश दिया।
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