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जयघोष और मंगल कामना के साथ महायज्ञ संपन्न
Updated Tue, 27 Mar 2018 01:28 AM IST
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मां की आराधना करने वालों को मिलती है शक्ति: डॉ. गुणप्रकाश
मेरठ। अयुतचंडी महायज्ञ का समापन सोमवार को जयघोष और मंगलकामना के साथ किया गया। इस दौरान जहां संतों ने महायज्ञ में आहुति दी। वहीं यज्ञशाला की परिक्रमा को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। अपार जनसमूह के सानिध्य में सभी साधु संतों एवं दंडी स्वामियों के समक्ष महाराज त्रयंबकेश्वर चैतन्य, डॉ. गुण प्रकाश के निर्देशन में पूर्ण आहुति हुई।
कथा व्यास डॉ. गुण प्रकाश चैतन्य ब्रह्मचारी ने श्रीमद् देवी भागवत कथा का समापन करते हुए माता महाकाली, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती के चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जो भक्त मां का स्मरण करते हैं उनके कल्याण को मां तुरंत चली आती है। आराधना करने वालों को शक्ति एवं मुक्ति दोनों ही प्रदान करती हैं। जगत गुरु शंकराचार्य दिव्यानंद तीर्थ महाराज ने सभी को आशीर्वाद दिया। महाराज त्रयंबकेश्वर चैतन्य ब्रह्मचारी ने श्रीराम कथा के प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए सभी को श्रीराम के ही आचरण का अनुकरण करने पर जोर दिया। मंच का संचालन पं. चरण दत्त कात्यायन ने किया।
नौ दिन में यज्ञ से पर्यावरण हो गया साफ
मेरठ। भैसाली मैदान में नौ दिन तक चले महायज्ञ में घी, जड़ी बूटियों की आहुति से पूरा वायुमंडल स्वच्छ हो गया। बताया जाता है कि पर्यावरण को स्वच्छ करने में महायज्ञ का बड़ा योगदान है। लगातार नौ दिन तक हवन कुंड में अग्नि प्रचंड की गई। जिसका असर महानगर में देखने को मिलेगा।
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स्मृति चिह्न और रुद्राक्ष की माला से किया सम्मान
अयुत चंडी महायज्ञ के समापन पर सम्मान समारोह में महाराज त्रयंबकेश्वर चैतन्य ब्रह्मचारी और डॉ. गुण प्रकाश चैतन्य महाराज ने सभी पदाधिकारी और सहयोगियों को स्मृति चिह्न और रुद्राक्ष की माला भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में ज्ञानेंद्र अग्रवाल, देवेंद्र कुमार माहेश्वरी, प्रवीण कुमार गुप्ता, गिरीश बंसल, अनिल मित्तल, भारत भूषण, रूपक अग्रवाल, प्रियांशु मांगलिक, आलोक गोयल, अंकित सिंहल, अरुण सिंह, बिजेंद्र कुमार सैन, ब्रजमोहन गर्ग, महेश सिंहल, अशोक चौधरी, पं. कलीराम धीमान, महेश श्रीवास्तव, कुलदीप श्रीवास्तव, राजेंद्र श्रीवास्तव, राजू शर्मा, दिनेश सिंहल, नीरज कुमार, मोहित शर्मा आदि मुख्य रहे।
खास बातें:
जयघोष और मंगलकामना के साथ महायज्ञ संपन्न
अंतिम दिन यज्ञशाला की परिक्रमा को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
मेरठ। अयुतचंडी महायज्ञ का समापन सोमवार को जयघोष और मंगलकामना के साथ किया गया। इस दौरान जहां संतों ने महायज्ञ में आहुति दी। वहीं यज्ञशाला की परिक्रमा को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। अपार जनसमूह के सानिध्य में सभी साधु संतों एवं दंडी स्वामियों के समक्ष महाराज त्रयंबकेश्वर चैतन्य, डॉ. गुण प्रकाश के निर्देशन में पूर्ण आहुति हुई।
कथा व्यास डॉ. गुण प्रकाश चैतन्य ब्रह्मचारी ने श्रीमद् देवी भागवत कथा का समापन करते हुए माता महाकाली, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती के चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जो भक्त मां का स्मरण करते हैं उनके कल्याण को मां तुरंत चली आती है। आराधना करने वालों को शक्ति एवं मुक्ति दोनों ही प्रदान करती हैं। जगत गुरु शंकराचार्य दिव्यानंद तीर्थ महाराज ने सभी को आशीर्वाद दिया। महाराज त्रयंबकेश्वर चैतन्य ब्रह्मचारी ने श्रीराम कथा के प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए सभी को श्रीराम के ही आचरण का अनुकरण करने पर जोर दिया। मंच का संचालन पं. चरण दत्त कात्यायन ने किया।
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नौ दिन में यज्ञ से पर्यावरण हो गया साफ
मेरठ। भैसाली मैदान में नौ दिन तक चले महायज्ञ में घी, जड़ी बूटियों की आहुति से पूरा वायुमंडल स्वच्छ हो गया। बताया जाता है कि पर्यावरण को स्वच्छ करने में महायज्ञ का बड़ा योगदान है। लगातार नौ दिन तक हवन कुंड में अग्नि प्रचंड की गई। जिसका असर महानगर में देखने को मिलेगा।
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स्मृति चिह्न और रुद्राक्ष की माला से किया सम्मान
अयुत चंडी महायज्ञ के समापन पर सम्मान समारोह में महाराज त्रयंबकेश्वर चैतन्य ब्रह्मचारी और डॉ. गुण प्रकाश चैतन्य महाराज ने सभी पदाधिकारी और सहयोगियों को स्मृति चिह्न और रुद्राक्ष की माला भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में ज्ञानेंद्र अग्रवाल, देवेंद्र कुमार माहेश्वरी, प्रवीण कुमार गुप्ता, गिरीश बंसल, अनिल मित्तल, भारत भूषण, रूपक अग्रवाल, प्रियांशु मांगलिक, आलोक गोयल, अंकित सिंहल, अरुण सिंह, बिजेंद्र कुमार सैन, ब्रजमोहन गर्ग, महेश सिंहल, अशोक चौधरी, पं. कलीराम धीमान, महेश श्रीवास्तव, कुलदीप श्रीवास्तव, राजेंद्र श्रीवास्तव, राजू शर्मा, दिनेश सिंहल, नीरज कुमार, मोहित शर्मा आदि मुख्य रहे।
खास बातें:
जयघोष और मंगलकामना के साथ महायज्ञ संपन्न
अंतिम दिन यज्ञशाला की परिक्रमा को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़