{"_id":"5a7f469b4f1c1b410b8b83f0","slug":"201518290587-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरनावा में मिले आठ कंकाल-BAGHPAT","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरनावा में मिले आठ कंकाल-BAGHPAT
Updated Sun, 11 Feb 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरनावा में उत्खनन: आठ नर कंकाल मिले
बिनौली (बागपत)। बरनावा लाक्षागृह के टीले के उत्खनन में आठ नर कंकाल मिले हैं। यह कंकाल 9वीं, 10वीं शताब्दी राजपूत काल के हो सकते हैं। हालांकि अभी इन्हें पूरी तरह बाहर नहीं निकाला जा सका है। एक-दो दिन के उत्खनन के बाद इन्हें बाहर निकला जा सकता है। इनमें एक बच्चे का कंकाल भी है। संभवत: इन कंकालों को एंथ्रोपोलोजी सर्वे ऑफ इंडिया को आगे के शोध के लिए दिया जा सकता है।
गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा यहां उत्खनन कराया जा रहा है। अब तक यहां बड़ा मात्रा में चित्रित धूसर मृदभांड, पशुओं की हड्डियां, ईंट की दीवारें और कई अन्य वस्तुएं मिल चुकी हैं। विस्तृत जांच और परीक्षण के बाद ही इनके बारे में विस्तृृत रूप से पता किया जा सकता है कि उस समय यहां रहने वाले लोगों का रहन-सहन कैसा था। यहां मिट्टी के कुछ खिलौने भी मिले हैं। उम्मीद है कि यहां चल रहे उत्खनन में कई पुरानी संस्कृितयों के फलने फूलने के साक्ष्य मिल सकते हैं। कंकालों में यदि कुछ डीएनए सैंपल मिल गए तो जांच और भी रोचक हो सकती है। हालांकि यह कंकाल बिल्कुल ऊपरी सतह पर मिले में हैं, इसलिए इनके डीएनए सैंपल को प्रदूषित होने की आशंका अधिक है।
विज्ञापन
बिनौली (बागपत)। बरनावा लाक्षागृह के टीले के उत्खनन में आठ नर कंकाल मिले हैं। यह कंकाल 9वीं, 10वीं शताब्दी राजपूत काल के हो सकते हैं। हालांकि अभी इन्हें पूरी तरह बाहर नहीं निकाला जा सका है। एक-दो दिन के उत्खनन के बाद इन्हें बाहर निकला जा सकता है। इनमें एक बच्चे का कंकाल भी है। संभवत: इन कंकालों को एंथ्रोपोलोजी सर्वे ऑफ इंडिया को आगे के शोध के लिए दिया जा सकता है।
गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा यहां उत्खनन कराया जा रहा है। अब तक यहां बड़ा मात्रा में चित्रित धूसर मृदभांड, पशुओं की हड्डियां, ईंट की दीवारें और कई अन्य वस्तुएं मिल चुकी हैं। विस्तृत जांच और परीक्षण के बाद ही इनके बारे में विस्तृृत रूप से पता किया जा सकता है कि उस समय यहां रहने वाले लोगों का रहन-सहन कैसा था। यहां मिट्टी के कुछ खिलौने भी मिले हैं। उम्मीद है कि यहां चल रहे उत्खनन में कई पुरानी संस्कृितयों के फलने फूलने के साक्ष्य मिल सकते हैं। कंकालों में यदि कुछ डीएनए सैंपल मिल गए तो जांच और भी रोचक हो सकती है। हालांकि यह कंकाल बिल्कुल ऊपरी सतह पर मिले में हैं, इसलिए इनके डीएनए सैंपल को प्रदूषित होने की आशंका अधिक है।
विज्ञापन