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सरकारी जमीन पर बने कांप्लैक्स के ध्वस्तीकरण की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Updated Fri, 23 Jun 2017 12:52 PM IST
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हापुड़ अड्डा चौराहा स्थित सरकारी जमीन पर खड़े हुए अवैध कांप्लेक्स की 72 दुकानों पर मंडलायुक्त की सख्ती से प्रशासन और एमडीए में हड़कंप मचा है। दोनों ही विभाग इस मामले में एकजुट होकर अब ध्वस्तीकरण की रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इसके लिए नियमानुसार कार्रवाई जहां शुरू हो गयी है, वहीं माहौल को भांपने के लिए एलआईयू को भी सक्रिय कर दिया गया है।
अमर उजाला के 21 जून के अंक में ‘सरकारी जमीन पर करोड़ों का कांप्लेक्स’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें हापुड़ अड्डा चौराहे पर स्थित सरकारी भूमि पर 72 दुकानों के निर्माण का मामला प्रमुखता से उठाया गया था। जिस पर बुधवार को मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने संज्ञान लिया और एमडीए व जिला प्रशासन के अफसरों को तलब कर दो दिन में जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने इस मामले में एडीएम प्रशासन को भी निर्देश दिए कि वह अपने निर्देशन में इस पर काम करें।
100 साल का रिकॉर्ड खंगाल रहे
मंडलायुक्त के तेवर देख बुधवार दिन भर एमडीए और तहसील अधिकारी रिकॉर्ड खंगालने में जुटे रहे। इसके बाद शाम को फोर्स के साथ अवैध कांप्लेक्स का निरीक्षण किया गया। वापस आकर फिर इसी मुद्दे पर बैठक हुई। इसके बाद एसडीएम सदर को इस जमीन का पिछले 100 साल का रिकॉर्ड राजस्व विभाग से प्राप्त कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए। वहीं, एमडीए को अपने स्तर से प्राथमिक कार्रवाई के लिए कहा गया। सूत्राें के अनुसार जिला प्रशासन और एमडीए इस जमीन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर सकता है। लेकिन इससे पहले वह कांप्लेक्स पर सील लगाएगा और उसके बाद ध्वस्तीकरण करेगा।
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एलआईयू ने भांपा माहौल
सरकारी जमीन पर बनाया गया कांप्लेक्स शहर के संवेदनशील इलाके में है। ऐसे में बृहस्पतिवार को इस क्षेत्र में एलआईयू की टीम ने भी आसपास के लोगों से माहौल को भांपा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार रमजान और ईद के चलते फिलहाल कार्रवाई को स्थगित रखा जा रहा है। लेकिन इस बीच कागजी कार्रवाई को पुख्ता कर लिया जाएगा। ईद के तुरंत बाद ही इस कांप्लैक्स पर कार्रवाई की जायेगी।
एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश पटेल ने बताया कि इस जमीन के रिकॉर्ड को जुटाया जा रहा है। साथ ही पूर्व डीएम के आदेश, एमडीए द्वारा लगायी गयी सील और उसके बाद कांप्लेक्स निर्माण कैसे हुआ और एमडीए ने क्या कार्रवाई की, इसकी भी रिपोर्ट और दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। इस सबके बाद निश्चित रूप से कड़ी कार्रवाई तय होगी।
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अमर उजाला के 21 जून के अंक में ‘सरकारी जमीन पर करोड़ों का कांप्लेक्स’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें हापुड़ अड्डा चौराहे पर स्थित सरकारी भूमि पर 72 दुकानों के निर्माण का मामला प्रमुखता से उठाया गया था। जिस पर बुधवार को मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने संज्ञान लिया और एमडीए व जिला प्रशासन के अफसरों को तलब कर दो दिन में जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने इस मामले में एडीएम प्रशासन को भी निर्देश दिए कि वह अपने निर्देशन में इस पर काम करें।
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100 साल का रिकॉर्ड खंगाल रहे
मंडलायुक्त के तेवर देख बुधवार दिन भर एमडीए और तहसील अधिकारी रिकॉर्ड खंगालने में जुटे रहे। इसके बाद शाम को फोर्स के साथ अवैध कांप्लेक्स का निरीक्षण किया गया। वापस आकर फिर इसी मुद्दे पर बैठक हुई। इसके बाद एसडीएम सदर को इस जमीन का पिछले 100 साल का रिकॉर्ड राजस्व विभाग से प्राप्त कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए। वहीं, एमडीए को अपने स्तर से प्राथमिक कार्रवाई के लिए कहा गया। सूत्राें के अनुसार जिला प्रशासन और एमडीए इस जमीन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर सकता है। लेकिन इससे पहले वह कांप्लेक्स पर सील लगाएगा और उसके बाद ध्वस्तीकरण करेगा।
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एलआईयू ने भांपा माहौल
सरकारी जमीन पर बनाया गया कांप्लेक्स शहर के संवेदनशील इलाके में है। ऐसे में बृहस्पतिवार को इस क्षेत्र में एलआईयू की टीम ने भी आसपास के लोगों से माहौल को भांपा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार रमजान और ईद के चलते फिलहाल कार्रवाई को स्थगित रखा जा रहा है। लेकिन इस बीच कागजी कार्रवाई को पुख्ता कर लिया जाएगा। ईद के तुरंत बाद ही इस कांप्लैक्स पर कार्रवाई की जायेगी।
एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश पटेल ने बताया कि इस जमीन के रिकॉर्ड को जुटाया जा रहा है। साथ ही पूर्व डीएम के आदेश, एमडीए द्वारा लगायी गयी सील और उसके बाद कांप्लेक्स निर्माण कैसे हुआ और एमडीए ने क्या कार्रवाई की, इसकी भी रिपोर्ट और दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। इस सबके बाद निश्चित रूप से कड़ी कार्रवाई तय होगी।