फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   मेरठ कॉलेज में फर्जी एडमिशन प्रकरण को दबाने की कोशिश

मेरठ कॉलेज में फर्जी एडमिशन प्रकरण को दबाने की कोशिश

Fri, 29 Jun 2018 02:24 AM IST
Updated Fri, 29 Jun 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
मेरठ कॉलेज में फर्जी एडमिशन प्रकरण को दबाने की कोशिश
मेरठ कॉलेज में फर्जी एडमिशन को लेकर प्राचार्य ने बनाई समिति
विज्ञापन

मेरठ।
मेरठ कॉलेज में पिछले साल फर्जी मार्कशीट पर हुए 500 से ज्यादा एडमिशन के मामले में यूनिवर्सिटी से आदेश मिलने के बाद प्राचार्य ने जांच समिति बना दी है। तीन शिक्षकों की समिति जल्द से जल्द जांच कर प्राचार्य को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद इसे यूनिवर्सिटी भेजा जाएगा। फर्जी एडमिशन में कॉलेज की तरफ से रिपोर्ट दर्र्ज कराई जाएगी।
मेरठ कॉलेज में पिछले सत्र में बीए, बीकॉम, बीएससी और एलएलबी में फर्जी मार्कशीट और प्रमाण पत्रों से पांच सौ एडमिशन लेने की जानकारी सामने आई थी। मैनेजमेंट ने शनिवार को बीकॉम के फार्मों की जांच कराई तो उसमें 13 प्रवेश फार्मों में फर्जी मार्कशीट लगी होने की जानकारी कॉलेज के प्रेस प्रवक्ता ने बाकायदा प्रेस रिलीज जारी करके भी दी। इसके बाद सोमवार को दूसरे फॉर्मों की जांच और फर्जी एडमिशन को रद्द करने की बात कही गई। सोमवार को मैनेजमेंट से मुलाकात के बाद बी. कुमार को दोबारा से प्राचार्य का चार्ज दे दिया गया। इसके बाद न तो 13 एडमिशन रद्द हुए और न ही मुकदमा दर्ज कराया गया। उस दिन के बाद से बाकी फार्मों की जांच भी नहीं कराई गई।
विज्ञापन

पूरे प्रकरण में कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने रजिस्ट्रार ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव को जांच के आदेश दिए। रजिस्ट्रार ने मेरठ कॉलेज की प्राचार्य बी. कुमार को पत्र भेजकर एडमिशन को लेकर जवाब मांग लिया। बृहस्पतिवार को इस बारे में प्राचार्य बी. कुमार से बात करने पर उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में उनकी तरफ से तीन सदस्यीय जांच समिति बना दी गई है। इसमें डॉ. एके अग्रवाल, डॉ. अवधेश कुमार और डॉ. संतराम को रखा गया है। समिति से जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिक्षक बोले, राजनीति न करें, अपने भी काम होते हैं
डॉ अंकुर गुप्ता के बारे ये चर्चा फैला दी गई कि वे प्राचार्य बी कुमार के चार्ज लेने के बाद छुट्टी पर चले गए। वहीं डॉ. अंकुर गुप्ता ने बताया कि उनके बारे में छुट्टी पर जाने की बात जो लोग कर रहे हैं, उनको नहीं पता है कि वे अपना ऑपरेशन कराने के लिए छुट्टी पर हैं। दिल्ली में उनका इलाज चल रहा है, ऐसे में उन्हें छुट्टी लेनी ही थी। डॉ. अंजलि मित्तल यूनिवर्सिटी के आदेश पर लॉ के प्रैक्टिकल लेने गईं थीं। इसके बारे में उन्होंने कॉलेज को सूचना दे दी थी। पूरे प्रकरण में दूसरे शिक्षकों का कहना है कि कुछ लोग बेवजह राजनीति कर रहे हैं। मेरठ कॉलेज में शिक्षक जिम्मेदारियों से हाथ नहीं खींचते। ऐसे में यहां बाहरी लोग अपनी राजनीति की रोटियां न सेकें। वहीं, प्राचार्य बी. कुमार ने कॉलेज में उनकी अनुपस्थिति के दौरान डॉ. एके अग्रवाल, डॉ. भूपेंद्र सिंह और डॉ. संत कुमार को कार्य देखने का अधिकार दिया है। बता दें कि कैंपस और कॉलेजों में आजकल छह जुलाई तक गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं।


रजिस्ट्रार की तरफ से मेरठ कॉलेज में फर्जी एडमिशन पर जवाब मांगा गया है। जिन्होंने भी ये गड़बड़झाला किया है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। प्रो. एनके तनेजा, कुलपति
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed