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झटका लगा, गाड़ी घूमी और खाई में जा गिरे
Updated Fri, 16 Mar 2018 01:56 AM IST
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ऐसा लगा मानो सांसे थम जाएंगी
मेरठ। सड़क दुर्घटना में घायल यात्रियों ने मौत को बेहद नजदीक से देखा है। उन्होंने बताया कि बस की रफ्तार तेज थी। अचानक बस में झटका लगा और वह पलट गई। जिला अस्पताल में भर्ती बस में सवार सरधना निवासी शहनाज ने बताया कि वे मेरठ से सरधना जा रही थी। बस काफी तेज चल रही थी। बस के पलटते ही चीख पुकार मच गई। लग रहा था कि सांस रुक जाएगी, लेकिन तभी कुछ लोग पहुंचे और घायलों को बाहर निकाला। वहीं शाहनवाज ने बताया कि हादसे से पहले बस सड़क पर लगभग पूरी घूम गई। बस के गिरते ही उसका सिर सीट से टकराया। उसे लगा कि अब वह नहीं बच पाएगा। लेकिन ग्रामीणों पहुंचे और उन्होंने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला।
अपनों को तलाशते हुए अस्पताल पहुंचे परिजन
हादसे में घायल हुए लोगों को जिला अस्पताल लाया गया। उनके परिजनों को पता चला तो वे जिला अस्पताल दौडे़ पड़े। भीड़ को देख अपनों का नाम लेकर पूछ रहे थे। मृतक सिद्धार्थ के परिजन उसे तलाश रहे थे, लेकिन किसी की हिम्मत ये बताने की नहीं हुई कि सिद्धार्थ की मौत हो चुकी है। बाद में वहां पहुंचे रोडवेज के कुछ स्टाफ कर्मियों ने उन्हें बताया।
बस चालक का पता नहीं चला
बस को कौन चला रहा था, इसका पता नहीं चल रहा था। बाद में जिला अस्पताल पहुंचे भैसाली डिपो के कर्मचारियों ने बताया कि जितेंद्र पुत्र सोहनबीर निवासी छुर बस चालक था। वह करीब एक बजे बस को लेकर गया था, लेकिन घटना के बाद वो सामने नहीं आया। स्टाफ का कहना था कि हो सकता है वो किसी अस्पताल में चला गया हो, लेकिन रात तक भी पता नहीं चला था कि वो कहीं भर्ती है या नहीं। रोडवेज अधिकारियों द्वारा पुलिस को दी गई घटना की रिपोर्ट में जितेंद्र को ही चालक बताया गया है। ये भी बताया गया है कि परिचालक की ईटीएम और टिकट का कैश नहीं मिला।
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बस के नीचे घुसे लोग
फोटो
कंकरखेड़ा। हादसे के बाद एक युवक बस के अगले वाले हिस्से में नीचे फंसा हुआ था। उसे बचाने के लिए सैकड़ों लोग बस को उठाने का प्रयास करते रहे। बाद में जेसीबी से बस को उठाया गया तो लोग बस के नीचे घुस गए और किसी तरह युवक को बाहर निकाला। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
असामाजिक तत्वों को खदेड़ा
सरधना। दबथुवा के पास हुए हादसे में जहां दर्जनाें लोग शीशों को तोड़कर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में जुटे थे वहीं कु छ लोग वीडियो बना रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार कुछ लोग तो ऐसे भी थे जो यात्रियों का कीमती सामान उड़ाने के चक्कर में थे। ग्रामीणों ने शक होने पर कुछ लोगों को वहां से खदेड़ा। पुलिस के आने के बाद बस की तलाशी ली गई ताकि किसी यात्री का कोई कीमती सामान हो तो उसे जमा कर लिया जाए।
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मेरठ। सड़क दुर्घटना में घायल यात्रियों ने मौत को बेहद नजदीक से देखा है। उन्होंने बताया कि बस की रफ्तार तेज थी। अचानक बस में झटका लगा और वह पलट गई। जिला अस्पताल में भर्ती बस में सवार सरधना निवासी शहनाज ने बताया कि वे मेरठ से सरधना जा रही थी। बस काफी तेज चल रही थी। बस के पलटते ही चीख पुकार मच गई। लग रहा था कि सांस रुक जाएगी, लेकिन तभी कुछ लोग पहुंचे और घायलों को बाहर निकाला। वहीं शाहनवाज ने बताया कि हादसे से पहले बस सड़क पर लगभग पूरी घूम गई। बस के गिरते ही उसका सिर सीट से टकराया। उसे लगा कि अब वह नहीं बच पाएगा। लेकिन ग्रामीणों पहुंचे और उन्होंने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला।
अपनों को तलाशते हुए अस्पताल पहुंचे परिजन
हादसे में घायल हुए लोगों को जिला अस्पताल लाया गया। उनके परिजनों को पता चला तो वे जिला अस्पताल दौडे़ पड़े। भीड़ को देख अपनों का नाम लेकर पूछ रहे थे। मृतक सिद्धार्थ के परिजन उसे तलाश रहे थे, लेकिन किसी की हिम्मत ये बताने की नहीं हुई कि सिद्धार्थ की मौत हो चुकी है। बाद में वहां पहुंचे रोडवेज के कुछ स्टाफ कर्मियों ने उन्हें बताया।
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बस चालक का पता नहीं चला
बस को कौन चला रहा था, इसका पता नहीं चल रहा था। बाद में जिला अस्पताल पहुंचे भैसाली डिपो के कर्मचारियों ने बताया कि जितेंद्र पुत्र सोहनबीर निवासी छुर बस चालक था। वह करीब एक बजे बस को लेकर गया था, लेकिन घटना के बाद वो सामने नहीं आया। स्टाफ का कहना था कि हो सकता है वो किसी अस्पताल में चला गया हो, लेकिन रात तक भी पता नहीं चला था कि वो कहीं भर्ती है या नहीं। रोडवेज अधिकारियों द्वारा पुलिस को दी गई घटना की रिपोर्ट में जितेंद्र को ही चालक बताया गया है। ये भी बताया गया है कि परिचालक की ईटीएम और टिकट का कैश नहीं मिला।
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बस के नीचे घुसे लोग
फोटो
कंकरखेड़ा। हादसे के बाद एक युवक बस के अगले वाले हिस्से में नीचे फंसा हुआ था। उसे बचाने के लिए सैकड़ों लोग बस को उठाने का प्रयास करते रहे। बाद में जेसीबी से बस को उठाया गया तो लोग बस के नीचे घुस गए और किसी तरह युवक को बाहर निकाला। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
असामाजिक तत्वों को खदेड़ा
सरधना। दबथुवा के पास हुए हादसे में जहां दर्जनाें लोग शीशों को तोड़कर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में जुटे थे वहीं कु छ लोग वीडियो बना रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार कुछ लोग तो ऐसे भी थे जो यात्रियों का कीमती सामान उड़ाने के चक्कर में थे। ग्रामीणों ने शक होने पर कुछ लोगों को वहां से खदेड़ा। पुलिस के आने के बाद बस की तलाशी ली गई ताकि किसी यात्री का कोई कीमती सामान हो तो उसे जमा कर लिया जाए।