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कोली के दिमाग और रीढ़ की हड्डी का हुआ एमआरआई
Updated Thu, 21 Dec 2017 01:41 AM IST
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कोली के दिमाग और रीढ़ की हड्डी का हुआ एमआरआई
मेरठ/गाजियाबाद। निठारी कांड के नौ केसों में फांसी की सजा पा चुके सुरेंद्र कोली को बुधवार को डासना जेल से मेरठ मेडिकल कालेज लाया गया। जहां उसके दिमाग और रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) का एमआरआई हुआ। इसकी रिपोर्ट गोपनीय है। हालांकि मेडिकल सूत्रों का कहना है कि कोली को ज्यादा दिक्कत नहीं है।
मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी ने बताया कि निठारी कांड के अभियुक्त सुरेंद्र कोली को कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर करीब पौने दो बजे लाया गया था और करीब ढाई बजे एमआरआई के बाद पुलिस उसे वापस गाजियाबाद डासना जेल ले गई। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने बताया कि सुरेंद्र कोली ने पिछली कई तारीखों पर विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी की अदालत में अर्जी देकर शिकायत की थी कि जेल अस्पताल में उसका उचित इलाज नहीं किया जा रहा है। उसके दोनों हाथों और छाती में दर्द रहता है। कोर्ट ने जेल अधीक्षक व जेल सीएमओ को आदेश दिया था कि वह जेल के नियमानुसार सुरेंद्र कोली का उचित इलाज कराए। इसी के चलते बुधवार को कोली को मेडिकल कालेज लाया गया। इससे पूर्व भी फांसी दिए जाने से पहले कोली को मेरठ लाया गया था, तब उसकी जांच कराई गई थी, वह सामान्य निकला था। मनोचिकित्सकों की टीम ने उसकी जांच की थी।
क्या है एमआरआई
मैगनेटिक रिसोनैंस इमेजिंग (एमआरआई) इमेजिंग (तस्वीरें लेने) का एक आधुनिक तरीका है, जिसमें स्ट्रांग मैगनेटिक फील्ड (शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र), रेडियो तरंगों और एक कंप्यूटर की सहायता से शरीर की तस्वीरें ली जाती हैं। एमआरआई में एक्सरे का प्रयोग नहीं होता है। एमआरआई तस्वीरों में विस्तृत विवरण दिखता है। वे हड्डियां व टिश्यूस (ऊतकों) दोनों को दिखा सकती हैं।
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मेरठ/गाजियाबाद। निठारी कांड के नौ केसों में फांसी की सजा पा चुके सुरेंद्र कोली को बुधवार को डासना जेल से मेरठ मेडिकल कालेज लाया गया। जहां उसके दिमाग और रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) का एमआरआई हुआ। इसकी रिपोर्ट गोपनीय है। हालांकि मेडिकल सूत्रों का कहना है कि कोली को ज्यादा दिक्कत नहीं है।
मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी ने बताया कि निठारी कांड के अभियुक्त सुरेंद्र कोली को कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर करीब पौने दो बजे लाया गया था और करीब ढाई बजे एमआरआई के बाद पुलिस उसे वापस गाजियाबाद डासना जेल ले गई। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने बताया कि सुरेंद्र कोली ने पिछली कई तारीखों पर विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी की अदालत में अर्जी देकर शिकायत की थी कि जेल अस्पताल में उसका उचित इलाज नहीं किया जा रहा है। उसके दोनों हाथों और छाती में दर्द रहता है। कोर्ट ने जेल अधीक्षक व जेल सीएमओ को आदेश दिया था कि वह जेल के नियमानुसार सुरेंद्र कोली का उचित इलाज कराए। इसी के चलते बुधवार को कोली को मेडिकल कालेज लाया गया। इससे पूर्व भी फांसी दिए जाने से पहले कोली को मेरठ लाया गया था, तब उसकी जांच कराई गई थी, वह सामान्य निकला था। मनोचिकित्सकों की टीम ने उसकी जांच की थी।
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क्या है एमआरआई
मैगनेटिक रिसोनैंस इमेजिंग (एमआरआई) इमेजिंग (तस्वीरें लेने) का एक आधुनिक तरीका है, जिसमें स्ट्रांग मैगनेटिक फील्ड (शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र), रेडियो तरंगों और एक कंप्यूटर की सहायता से शरीर की तस्वीरें ली जाती हैं। एमआरआई में एक्सरे का प्रयोग नहीं होता है। एमआरआई तस्वीरों में विस्तृत विवरण दिखता है। वे हड्डियां व टिश्यूस (ऊतकों) दोनों को दिखा सकती हैं।
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