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दौड़कर आया और नाले में कूदकर दे दी जान

Thu, 09 Nov 2017 02:02 AM IST
Updated Thu, 09 Nov 2017 02:02 AM IST
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दौड़कर आया और नाले में कूदकर दे दी जान
मेरठ। ब्रह्मपुरी थाने से चंद कदम दूर बुधवार शाम एक युवक दौड़कर आया और करीब 10 फीट गहरे ओडियन नाले में कूद गया। भरे बाजार ये सब देखकर लोग दंग रह गए। बचाव के सही इंतजाम न होने से युवक को बचाया नहीं जा सकता।
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इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी सतीश राय के अनुसार युवक की शिनाख्त मोहल्ला भगवतपुरा अशोक वाली गली निवासी सतबीर उर्फ बनिया (45) पुत्र अमर सिंह के रूप में हुई। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि शाम करीब 5:30 बजे सतबीर अपने मोहल्ले की तरफ से दौड़ता हुआ आया और भूमिया पुल से थोड़ा पहले नाले में कूद गया। यह सब इतनी जल्दबाजी में हुआ कि कोई कुछ नहीं समझ सका। आसपास के कुछ लोग उसे बचाने नाले में उतरे। ब्रह्मपुरी पुलिस भी पहुुंच गई। करीब आधे घंटा प्रयास के बाद लोगों ने उसे नाले से निकाला। बकौल पुलिस तब तक सतबीर की मौत हो चुकी थी।
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इकलौता बेटा था सतबीर
सतबीर पांच बहनों में इकलौता भाई था। अभी तक उसका विवाह भी नहीं हुआ था। पिता अमर सिंह मजदूरी करते हैं। सतबीर की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंचीं महिलाएं उसके शव से लिपटकर रोने लगीं। मां इमरती देवी है। इंस्पेक्टर ने बताया कि परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम न कराने का अनुरोध किया। बताया कि उनके बेटे की मानसिक हालत कमजोर थी। दौरे भी पड़ते थे। संभवत: दौरा पड़ने की वजह से ही ऐसा हुआ है। परिजनों के अनुरोध पर पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम और लिखा पढ़ी किए शव परिजनों को सौंप दिया।
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जाल क्यों नहीं लगवाता नगर निगम
आसपास के लोगों ने बताया कि नाला करीब 10 फीट गहरा है। गहराई अधिक होने की वजह से लोग कोई हादसा या घटना होने पर इसमें उतरने से डरते हैं। हालांकि सतबीर को बचाने के लिए कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाई और नाले में उतरकर उसे बचाने की कोशिश करते रहे। लेकिन नगर निगम की ओर से कोई जेसीबी या बचाव दल मौके पर नहीं आया। अन्य किसी सरकारी स्तर से कोई मदद नहीं मिली। जिस वजह से उसे नाले से निकालने में करीब पौन घंटा लग गया। तब तक युवक की मौत हो चुकी थी। आए दिन घटनाएं होने के बावजूद भी नगर निगम इन पर जाल नहीं लगवाता।

पहले भी जान ले चुके नाले
ये कोई पहली घटना नही है कि जब नाले में डूबकर किसी की जान गई हो। कांच के पुल के पास नाले में गिरकर तीन साल की मासूम की मौत हो गई थी। कुछ माह पूर्व ब्रह्मपुरी थाने के सामने ही नाले में गिरकर एक बैंक के संविदा कर्मी की मौत हुई थी। नौचंदी क्षेत्र में भी नाले में गिरकर बच्चे की जान जा चुकी है। लिसाड़ी गेट, सद्दीकनगर ,थापर नगर और खुशहाल नगर में भी नालों में डूबकर लोगों की मौत हो चुकी है।
खास बात
- ब्रह्मपुरी थाने से चंद कदम दूर बुधवार शाम हुई घटना
- बचाव के इंतजाम न होने पर बचाया नहीं जा सका
- परिजनों ने बताया मानसिक रूप से कमजोर, नहीं कराया पोस्टमार्टम
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