{"_id":"597a58534f1c1b9f348b4625","slug":"161501190227-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा सदस्यों ने किया कुलविंदर को प्रत्याशी बनाने का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा सदस्यों ने किया कुलविंदर को प्रत्याशी बनाने का विरोध
Updated Fri, 28 Jul 2017 02:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुलविंदर के नाम पर सहमत नहीं भाजपाई
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव के प्रत्याशी चयन को लेकर कवायद शुरू कर दी है। बुधवार देर शाम गढ़ रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में भाजपा के 11 जिला पंचायत सदस्यों की बैठक हुई। इसमें जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारी ने एक-एक सदस्य से प्रत्याशी चयन पर चर्चा की। सूत्रों की मानें तो अधिकांश सदस्योें ने इस बार कुलविंदर के नाम पर ऐतराज जता दिया है। जिसे लेकर भाजपा नेता पशोपेश में हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष का उपचुनाव 22 अगस्त को होना है। चुनाव के लिए विपक्ष जहां संयुक्त मोर्चा गठित कर डॉ. मनोज अधाना को प्रत्याशी घोषित कर चुका है, तो भाजपा अभी तक प्रत्याशी चयन नहीं कर पाई है। क्याेंकि पिछला चुनाव लड़े कुलविंदर सिंह जहां पुरजोर दावेदारी कर रहे हैं, तो भाजपा के अधिकांश सदस्य इस बार उनके विरोध में है। इनके बीच डॉ. मीनाक्षी भराला और रोहताश पहलवान भाजपा से दावेदारी में है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के सामने फूट का संकट खड़ा हो रहा है।
बुधवार को जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, जिला प्रभारी केके शुक्ला और क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विमल शर्मा ने सभी 11 जिला पंचायत सदस्यों कुलविंदर सिंह, डॉ. मीनाक्षी भराला, रोहताश पहलवान, विक्की तनेजा, संत कुमार, सतपाल सिंह, अनुज वाल्मीकि, नितिन खटीक, ललित चौहान के साथ ही दो महिला सदस्यों के परिजन अजीत और राहुल मौजूद रहे। बैठक में तीनों पदाधिकारियों ने अब चुनाव जीतना पार्टी की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। इसलिए सभी एकजुट होकर रहें।
विज्ञापन
इसके बाद बैठक में एक-एक सदस्य से प्रत्याशी चयन पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार किसी एक नाम पर सदस्यों की आम राय नहीं बनी, लेकिन अधिकांश ने कुलविंदर सिंह को प्रत्याशी बनाने का विरोध जरूर दर्ज कराया। सभी सदस्यों ने इसके पीछे तमाम कारण भी गिनाये और स्पष्ट कर दिया कि कुलविंदर को छोड़ पार्टी के किसी भी सदस्य को प्रत्याशी बना दिया जाए।
कुलविंदर हो सकते हैं बागी
पार्टी सूत्रों की मानें तो कुलविंदर सिंह ने पिछला चुनाव काफी मेहनत से लड़ा था और अविश्वास प्रस्ताव लाने के पीछे भी कुलविंदर सिंह की मेहनत रही थी। ऐसे में यदि कुलविंदर सिंह को पार्टी प्रत्याशी नहीं बनाती है तो भाजपा के सामने परेशानी आ सकती है। क्योंकि इस स्थिति में कुलविंदर सिंह बागी होकर मैदान में उतर सकते हैं और विपक्ष भी उन्हें समर्थन दे सकता है। जो भाजपा के लिए खतरे की घंटी होगा।
खास बातें
बुधवार शाम को हुई जिलाध्यक्ष के साथ बैठक में भाजपा सदस्यों ने जताया विरोध
कहा कि कुलविंदर के अलावा किसी को भी बना दें प्रत्याशी
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव के प्रत्याशी चयन को लेकर कवायद शुरू कर दी है। बुधवार देर शाम गढ़ रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में भाजपा के 11 जिला पंचायत सदस्यों की बैठक हुई। इसमें जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारी ने एक-एक सदस्य से प्रत्याशी चयन पर चर्चा की। सूत्रों की मानें तो अधिकांश सदस्योें ने इस बार कुलविंदर के नाम पर ऐतराज जता दिया है। जिसे लेकर भाजपा नेता पशोपेश में हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष का उपचुनाव 22 अगस्त को होना है। चुनाव के लिए विपक्ष जहां संयुक्त मोर्चा गठित कर डॉ. मनोज अधाना को प्रत्याशी घोषित कर चुका है, तो भाजपा अभी तक प्रत्याशी चयन नहीं कर पाई है। क्याेंकि पिछला चुनाव लड़े कुलविंदर सिंह जहां पुरजोर दावेदारी कर रहे हैं, तो भाजपा के अधिकांश सदस्य इस बार उनके विरोध में है। इनके बीच डॉ. मीनाक्षी भराला और रोहताश पहलवान भाजपा से दावेदारी में है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के सामने फूट का संकट खड़ा हो रहा है।
विज्ञापन
बुधवार को जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, जिला प्रभारी केके शुक्ला और क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विमल शर्मा ने सभी 11 जिला पंचायत सदस्यों कुलविंदर सिंह, डॉ. मीनाक्षी भराला, रोहताश पहलवान, विक्की तनेजा, संत कुमार, सतपाल सिंह, अनुज वाल्मीकि, नितिन खटीक, ललित चौहान के साथ ही दो महिला सदस्यों के परिजन अजीत और राहुल मौजूद रहे। बैठक में तीनों पदाधिकारियों ने अब चुनाव जीतना पार्टी की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। इसलिए सभी एकजुट होकर रहें।
विज्ञापन
इसके बाद बैठक में एक-एक सदस्य से प्रत्याशी चयन पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार किसी एक नाम पर सदस्यों की आम राय नहीं बनी, लेकिन अधिकांश ने कुलविंदर सिंह को प्रत्याशी बनाने का विरोध जरूर दर्ज कराया। सभी सदस्यों ने इसके पीछे तमाम कारण भी गिनाये और स्पष्ट कर दिया कि कुलविंदर को छोड़ पार्टी के किसी भी सदस्य को प्रत्याशी बना दिया जाए।
कुलविंदर हो सकते हैं बागी
पार्टी सूत्रों की मानें तो कुलविंदर सिंह ने पिछला चुनाव काफी मेहनत से लड़ा था और अविश्वास प्रस्ताव लाने के पीछे भी कुलविंदर सिंह की मेहनत रही थी। ऐसे में यदि कुलविंदर सिंह को पार्टी प्रत्याशी नहीं बनाती है तो भाजपा के सामने परेशानी आ सकती है। क्योंकि इस स्थिति में कुलविंदर सिंह बागी होकर मैदान में उतर सकते हैं और विपक्ष भी उन्हें समर्थन दे सकता है। जो भाजपा के लिए खतरे की घंटी होगा।
खास बातें
बुधवार शाम को हुई जिलाध्यक्ष के साथ बैठक में भाजपा सदस्यों ने जताया विरोध
कहा कि कुलविंदर के अलावा किसी को भी बना दें प्रत्याशी