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निर्धारित सात दिन में नहीं मिल रहा लाइसेंस
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निर्धारित सात दिन में नहीं मिल रहा डीएल
परिवहन विभाग ने की है अभ्यर्थियों के घर डाक से डीएल भेजने की व्यवस्था
आउटसोर्स कंपनी को दिया गया है इस कार्य का ठेका
मेरठ। परिवहन विभाग द्वारा अभ्यर्थियों को सात दिन के अंदर ड्राइविंग लाइसेंस मुहैया कराने के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। आउटसोर्स कंपनी निर्धारित समय के अंदर अभ्यर्थियों के घर तक लाइसेंस नहीं भेज पा रही है। कंपनी के टोल फ्री नंबर पर भी कोई रिसपांस नहीं मिलने से अभ्यर्थी परेशान है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी। आरटीओ में सारथी-4 सॉफ्टवेयर सिस्टम लागू होने के बाद से लोगों के डीएल ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत बनाए जा रहे है। तमाम प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभ्यर्थी को सात दिन के अंदर डाक द्वारा घर पर ही डीएल भिजवाना सुनिश्चित किया गया है। पहले ये सुविधा आरटीओ स्तर से ही दी जाती थी। लेकिन इसमें महीनों की देरी होने की शिकायत पर शासन ने इसके लिए आउटसोर्स कंपनी मेसर्स स्मार्ट चिप प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंप दी है। अब इस कंपनी के माध्यम से प्रदेश भर के डीएल लखनऊ से ही प्रिंट होते है और यहीं से डिस्पैच कर डाक द्वारा लोगों के घर तक भेजे जाते है। नियम शर्तों के अनुसार सात दिन के अंदर अभ्यर्थी को डीएल प्राप्त कराना सुनिश्चित किया गया है। लेकिन कंपनी इसमें विफल है। किसी भी अभ्यर्थी को सात दिन के अंदर डीएल नहीं मिल पा रहा है। बताया जा रहा है कि डीएल के बारे में जानकारी करने के लिए चालू किया गया टोल फ्री 1800-1800-152 पर भी कोई रिस्पांस नहीं मिल पा रहा है। जबकि कंपनी ने दावा किया था कि अपने डीएल संबंधी जानकारी के लिए यह टोल फ्री नंबर चालू किया गया है। इस बारे में आरटीओ डॉ. विजय कुमार ने बताया कि डीएल निर्धारित समय के अंदर नहीं मिलने की जानकारी मिली है। वे इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करेंगे।
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परिवहन विभाग ने की है अभ्यर्थियों के घर डाक से डीएल भेजने की व्यवस्था
आउटसोर्स कंपनी को दिया गया है इस कार्य का ठेका
मेरठ। परिवहन विभाग द्वारा अभ्यर्थियों को सात दिन के अंदर ड्राइविंग लाइसेंस मुहैया कराने के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। आउटसोर्स कंपनी निर्धारित समय के अंदर अभ्यर्थियों के घर तक लाइसेंस नहीं भेज पा रही है। कंपनी के टोल फ्री नंबर पर भी कोई रिसपांस नहीं मिलने से अभ्यर्थी परेशान है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी। आरटीओ में सारथी-4 सॉफ्टवेयर सिस्टम लागू होने के बाद से लोगों के डीएल ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत बनाए जा रहे है। तमाम प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभ्यर्थी को सात दिन के अंदर डाक द्वारा घर पर ही डीएल भिजवाना सुनिश्चित किया गया है। पहले ये सुविधा आरटीओ स्तर से ही दी जाती थी। लेकिन इसमें महीनों की देरी होने की शिकायत पर शासन ने इसके लिए आउटसोर्स कंपनी मेसर्स स्मार्ट चिप प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंप दी है। अब इस कंपनी के माध्यम से प्रदेश भर के डीएल लखनऊ से ही प्रिंट होते है और यहीं से डिस्पैच कर डाक द्वारा लोगों के घर तक भेजे जाते है। नियम शर्तों के अनुसार सात दिन के अंदर अभ्यर्थी को डीएल प्राप्त कराना सुनिश्चित किया गया है। लेकिन कंपनी इसमें विफल है। किसी भी अभ्यर्थी को सात दिन के अंदर डीएल नहीं मिल पा रहा है। बताया जा रहा है कि डीएल के बारे में जानकारी करने के लिए चालू किया गया टोल फ्री 1800-1800-152 पर भी कोई रिस्पांस नहीं मिल पा रहा है। जबकि कंपनी ने दावा किया था कि अपने डीएल संबंधी जानकारी के लिए यह टोल फ्री नंबर चालू किया गया है। इस बारे में आरटीओ डॉ. विजय कुमार ने बताया कि डीएल निर्धारित समय के अंदर नहीं मिलने की जानकारी मिली है। वे इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करेंगे।