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मनुष्य कर्मों और शरीर के कारण दुखी
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मनुष्य कर्मों और शरीर के कारण दुखी
हस्तिनापुर। दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के भव्य त्रिमूर्ति जिनालय में विराजमान भगवान शांतिनाथ की भूगर्भ से प्राप्त बहुप्राचीन, मनोज्ञ, अतिश्यकारी, मनोकामना पूर्ण जिन प्रतिमा के प्रत्यक्ष के सामने 40 दिवसीय शांतिनाथ विधान बड़ी ही भक्ति एवं श्रद्धा के साथ चल रहा है।
आज की शांतिधारा करने का सौभाग्य अनिल जैन, संगीता जैन, आशीष जैन, नेहल जैन को प्राप्त हुआ। माता जी ने मंगल प्रवचन में जिनेंद्र भगवान की भक्ति की महिमा बताते हुए कहा कि हे भगवन! तुम्हारी और हमारी आत्मा के गुण समान हैैं। हम और उनमें कोई भेद है तो बस इतना है कि वे कर्मों से रहित हैं और हम कर्मों से सहित हैं। वे बैरागी हैं और हम रागी हैं। आप संसारिक दुखों से रहित है और हम संसार के दुख उठा रहे हैं। आप शरीर से संबंध छूटकर परमात्मा बन गए हैं। हम आज भी कर्मों और शरीर के कारण संसार के दुखों से दुखी हैं। हे जिनेंद्र भगवन! आपकी स्तुति एवं पूजन करके हम सबको आत्मबोध जागृत हो और हम भी आप जैसे आलौकिक परमार्थिक सुख को प्राप्त करें। कार्यक्रम को सफल बनाने में महामंत्री मुकेश कुमार जैन, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार जैन, उपाध्यक्ष सतेन्द्र कुमार जैन, अनिल जैन, राजेन्द्र जैन, विनय कुमार, वीरेन्द्र कुमार, कुणाल, अतुल जैन मेरठ, जितेन्द्र कुमार, मुकेश कुमार जैन (महाप्रबंधक), अशोक कुमार उपप्रबंधक, उमेश जैन, अतुल जैन, मणिचंद, कमल जैन, नवनीत आदि का सहयोग रहा।
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हस्तिनापुर। दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के भव्य त्रिमूर्ति जिनालय में विराजमान भगवान शांतिनाथ की भूगर्भ से प्राप्त बहुप्राचीन, मनोज्ञ, अतिश्यकारी, मनोकामना पूर्ण जिन प्रतिमा के प्रत्यक्ष के सामने 40 दिवसीय शांतिनाथ विधान बड़ी ही भक्ति एवं श्रद्धा के साथ चल रहा है।
आज की शांतिधारा करने का सौभाग्य अनिल जैन, संगीता जैन, आशीष जैन, नेहल जैन को प्राप्त हुआ। माता जी ने मंगल प्रवचन में जिनेंद्र भगवान की भक्ति की महिमा बताते हुए कहा कि हे भगवन! तुम्हारी और हमारी आत्मा के गुण समान हैैं। हम और उनमें कोई भेद है तो बस इतना है कि वे कर्मों से रहित हैं और हम कर्मों से सहित हैं। वे बैरागी हैं और हम रागी हैं। आप संसारिक दुखों से रहित है और हम संसार के दुख उठा रहे हैं। आप शरीर से संबंध छूटकर परमात्मा बन गए हैं। हम आज भी कर्मों और शरीर के कारण संसार के दुखों से दुखी हैं। हे जिनेंद्र भगवन! आपकी स्तुति एवं पूजन करके हम सबको आत्मबोध जागृत हो और हम भी आप जैसे आलौकिक परमार्थिक सुख को प्राप्त करें। कार्यक्रम को सफल बनाने में महामंत्री मुकेश कुमार जैन, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार जैन, उपाध्यक्ष सतेन्द्र कुमार जैन, अनिल जैन, राजेन्द्र जैन, विनय कुमार, वीरेन्द्र कुमार, कुणाल, अतुल जैन मेरठ, जितेन्द्र कुमार, मुकेश कुमार जैन (महाप्रबंधक), अशोक कुमार उपप्रबंधक, उमेश जैन, अतुल जैन, मणिचंद, कमल जैन, नवनीत आदि का सहयोग रहा।
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