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सीवर जेटिंग मशीनों के पाइप और बरनल खराब
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- अमर उजाला ने खोली पोल तो सामने आ गया सच
- सीवर जेटिंग मशीन में घोटाले की खुल रही परत
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। पौने दो करोड़ रुपये में खरीदी गईं छह सीवर जेटिंग मशीनों के पाइप और बर्नल चलने से पहले ही खराब हो गए। इसका खुलासा मंगलवार को मशीन के ट्रायल के समय हो गया। अपर नगरायुक्त ने सभी मशीनों का ट्रायल लेने के बाद ही भुगतान करने की चेतावनी दी है।
नगर निगम ने मार्च 2018 में छह सीवर जेटिंग मशीनें खरीदी थीं। गाड़ी के चेचिस खरीदने के बाद जलकल विभाग के अधिकारियों ने चेचिस पर टैंकर लगाने के लिए सहारनपुर भेज दिया था। गाड़ी इंजन की फ्री सर्विस सहारनपुर में ही खत्म हो गई। आरोप तो यह भी रहे कि जलकल विभाग ने पुराने मॉडल की गाड़ी के चेसिस खरीदे, जिनको छुपाने के लिए सहारनपुर भेज दिया। छह गाड़ियों के ऊपर सीवर टैंक बनाने में एक साल से अधिक समय लगाया गया। अब मशीनों को सीवर सफाई के लिए धरातल पर उतारा गया तो पोल खुलनी शुरू हो गयी। मशीनों ने काम करना ही बंद कर दिया। मंगलवार के अंक में अमर उजाला ने खुलासा किया तो जलकल विभाग ने सहारनपुर से कंपनी के लोगों को बुलाया। साथ ही सीवर जेटिंग मशीन का ट्रायल अपने सामने कराया। मशीन ने काम नहीं किया। जिसके कारण मशीन के पाइप और बर्नल बदलने पड़े।
सभी मशीनों का ट्रायल होगा
हमने सहारनपुर की कंपनी के मैकेनिकों को बुलवाकर सीवर जेटिंग मशीनों का ट्रायल शुरू करा दिया है। एक मशीन का ट्रायल हो पाया है। उसके पाइप और बर्नल में खराबी थी। जो ठीक कर दी गयी है। अन्य मशीनों का भी ट्रायल किया जाएगा। -सुनील कुमार, सहायक अभियंता
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- सीवर जेटिंग मशीन में घोटाले की खुल रही परत
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। पौने दो करोड़ रुपये में खरीदी गईं छह सीवर जेटिंग मशीनों के पाइप और बर्नल चलने से पहले ही खराब हो गए। इसका खुलासा मंगलवार को मशीन के ट्रायल के समय हो गया। अपर नगरायुक्त ने सभी मशीनों का ट्रायल लेने के बाद ही भुगतान करने की चेतावनी दी है।
नगर निगम ने मार्च 2018 में छह सीवर जेटिंग मशीनें खरीदी थीं। गाड़ी के चेचिस खरीदने के बाद जलकल विभाग के अधिकारियों ने चेचिस पर टैंकर लगाने के लिए सहारनपुर भेज दिया था। गाड़ी इंजन की फ्री सर्विस सहारनपुर में ही खत्म हो गई। आरोप तो यह भी रहे कि जलकल विभाग ने पुराने मॉडल की गाड़ी के चेसिस खरीदे, जिनको छुपाने के लिए सहारनपुर भेज दिया। छह गाड़ियों के ऊपर सीवर टैंक बनाने में एक साल से अधिक समय लगाया गया। अब मशीनों को सीवर सफाई के लिए धरातल पर उतारा गया तो पोल खुलनी शुरू हो गयी। मशीनों ने काम करना ही बंद कर दिया। मंगलवार के अंक में अमर उजाला ने खुलासा किया तो जलकल विभाग ने सहारनपुर से कंपनी के लोगों को बुलाया। साथ ही सीवर जेटिंग मशीन का ट्रायल अपने सामने कराया। मशीन ने काम नहीं किया। जिसके कारण मशीन के पाइप और बर्नल बदलने पड़े।
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सभी मशीनों का ट्रायल होगा
हमने सहारनपुर की कंपनी के मैकेनिकों को बुलवाकर सीवर जेटिंग मशीनों का ट्रायल शुरू करा दिया है। एक मशीन का ट्रायल हो पाया है। उसके पाइप और बर्नल में खराबी थी। जो ठीक कर दी गयी है। अन्य मशीनों का भी ट्रायल किया जाएगा। -सुनील कुमार, सहायक अभियंता
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