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सरधना में श्री राम चरित्र प्रदर्शन उत्सव में ताड़का वध/अहिल्या उद्घार के प्रसंग का मंचन

Mon, 08 Oct 2018 02:00 AM IST
Updated Mon, 08 Oct 2018 02:00 AM IST
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सरधना में श्री राम चरित्र प्रदर्शन उत्सव में ताड़का वध/अहिल्या उद्घार के प्रसंग का मंचन
सरधना। श्रीराम चरित्र प्रदर्शन उत्सव में रविवार को श्री रामा मंडल के कलाकारों द्वारा ताड़का वध एवं अहिल्या उद्धार के प्रसंग का मंचन किया गया।
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राजा दशरथ के दरबार में गुरु विश्वामित्र पहुंचते हैं। वे कहते हैं कि सुंदर वन में राक्षस सुबाहु मारीच का बहुत आतंक है। ऋषि मुनियों को खा रहे हैं और यज्ञ में विघ्न डाल रहे हैं। इस पर राजा दशरथ की अनुमति पाकर श्री राम और लक्ष्मण को अपने साथ लेकर वन में चले जाते हैं। वहां पर उनका सामना ताड़का से होता है। जिसका वध श्रीराम करते हैं। आश्रम पहुंचकर विश्वामित्र जी यज्ञ करते हैं। जिसको भंग करने सुबाहु मारीच पहुंचते हैं। इस पर श्रीराम सुबाहु का वध कर देते हैं और अपने तीर के माध्यम से मारीच को आश्रम से दूर पहुँचा देते हैं। इसके उपरांत जनकपुरी में सीता स्वयंवर का निमंत्रण आश्रम पहुंचता है। श्रीराम और लक्ष्मण जनकपुरी देखने की जिद करते हैं। इस पर विश्वामित्र उन्हें साथ लेकर जनकपुरी के लिए चल देते हैं। रास्ते में एक सुनसान आश्रम मिलता है। उसमें अहिल्या की पत्थर की मूर्ति देखकर उसकी जानकारी विश्वामित्र से करते हैं। इसके उपरांत उनसे अनुमति लेकर अहिल्या उद्धार करते हैं। उसे वापस पत्थर से युवती बना देते हैं। कार्यक्रम में तेजस्वी भगवान, मूलचन्द सैनी, वीरेंद्र सैनी, सुभाष सभासद, महीपाल, शरद त्यागी, सचिन खटीक, राहुल, आशीष, सुमित, कर्णपाल कश्यप, प्रमोद सक्सेना, विक्की सैनी, मोहित बजरंगी, संजय प्रजापति, अनंत सैनी, ईश्वर दयाल आदि उपस्थित रहे।
मुख्य बातें
सरधना में श्री रामामंडल के कलाकारों द्वारा किया जा रहा श्री राम चरित्र प्रदर्शन उत्सव

किठौर। आदर्श रामलीला फरीदाबाद के कलाकारों ने सीता स्वयंवर प्रसंग का मंचन किया। इसमें श्रीराम अपने गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुर में प्रवेश करते हैं। उधर, सीता जी अपनी सखियों के साथ देवी पूजन के लिए गिरिजा मंदिर जाती हैं। वहीं, श्रीराम गुरु की पूजा के लिए फूल लेने आते हैं। जानकी उन्हें देख मन ही मन अपना पति मान लेती है। उधर, गुरु विश्वामित्र श्रीराम और लक्ष्मण के साथ राजा जनक द्वारा आयोजित स्वयंवर में पहुंचे। कई देशों के राजाओं ने धनुष को उठाने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी उसे हिला नहीं पाया। इसी बीच राजा जनक के वचन सुनकर लक्ष्मण क्रोधित हो उठे और अंत में लक्ष्मण के आग्रह और गुरु विश्वामित्र के कहने पर श्रीराम ने धनुष का खंडन कर दिया। इसके टूटने की गर्जना सुनकर परशुराम क्रोधित हो उठे और दरबार में आ पहुंचे। इसी दौरान लक्ष्मण-परशुराम संवाद हुआ। इस मौके अशोक गोयल, नरेश गोयल, मूलचंद बंसल, पुनीत सोनी, यश गोयल, अमन बंसल, विदित, नवीन, मयंक अग्रवाल शाहजहांपुर, मनोज प्रजापति, सोहित, उदित,सजल, संजय, अमित शर्मा, विवेक आदि मौजूद रहे।
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आज निकलेगी श्रीराम बारात
श्रीरामचंद्र की बारात सोमवार को धूमधाम के साथ निकाली जायेगी। रामलीला मंचन समिति के उपप्रधान मूलचंद बंसल ने बताया कि श्रीराम बारात दशहरा मैदान से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मोहल्लों से होती हुए रामलीला मैदान पहुंचकर संपन्न होगी।
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रामराज में रामलीला का शुभारंभ
बहसूमा। कस्बा बहसूमा और रामराज में रविवार को रामलीला मंचन से पहले शिव बारात निकाली गई। शिव बारात गली मोहल्ले से होते हुए रामलीला मैदान पर पहुंची। वहां श्रद्धालुओं ने बारात का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। शिव बारात का शुभारंभ मुख्य अतिथि चेयरमैन विनोद चाहल ने फीता काटकर किया। इसके बाद शिव बारात निकाली गई। बारात में झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बैंड-बाजों के साथ शिव बारात कस्बे के मंगल बाजार शिव मंदिर से आंरभ होकर, मुख्य मार्ग बाजार, कैलाशपुरी, रामकटोरी शिव मंदिर पहुंचकर मोहल्ला ठाकुरद्वारा, रानी की हवेली आदि स्थानों से होती हुई मंगल बाजार में संपन्न हुई। शिवभक्त बैंड-बाजे की धुन पर थिरक रहे थे। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह बारात का पुष्प वर्षा से स्वागत किया और शामिल कलाकारों व अन्य लोगों को जलपान कराया। इस अवसर पर बहसूमा रामलीला कमेटी के अध्यक्ष बिंदल चाहल, सदस्य विशाल, मोहित, बिजेंद्र, आशीष, इलम सिंह रहे। इस अवसर पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात रहा। उधर, रामराज में रामलीला मैदान में श्रीरामलीला का उद्घाटन ग्राम प्रधान पति डॉ. जितेंद्र कुमार ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विनोद पंवार, प्रबंधक डॉ. श्रीपाल कोहली, महामंत्री विनोद चाहान, कोषाध्यक्ष अमित बंसल, ब्रह्मचारी सिंह एवं सोमपाल, राजीव छाबड़ा, केपी धीमान, विपिन मनचंद, सौभागवीर मान आदि रहे।

श्रीराम के छूते ही स्त्री के रूप में प्रकट हो गईं अहिल्या
माछरा। आदर्श रामलीला माछरा के मंच पर कलाकारों द्वारा अहिल्या उद्धार का मंचन किया गया। इसमें आदर्श रामलीला मंच पर विश्वामित्र, श्रीराम, लक्ष्मण को वन में घूमाते हैं। इसी दौरान उन्हें अहिल्या की मूर्ति दिखाई देती है। इस पर विश्वामित्र श्रीराम से कहते हैं कि वह अपने चरण इस मूर्ति से लगाएं। इस पर श्रीराम के चरण छूते ही अहिल्या स्त्री रूप मे आ जाती है और श्रीराम एवं अन्य को श्रद्धापूर्वक प्रणाम करती है। रामलीला आयोजन में ताराचंद त्यागी, दिनेश त्यागी, विधिचंद सैनी, कल्लू सैनी, जोशील, लोमश त्यागी, विनोद कुमार, बॉबी त्यागी आदि का सहयोग रहा।

बुराई पर अच्छाई का प्रदर्शन है रामलीला
परीक्षितगढ़। नगर में रामलीला कमेटी के तत्वावधान में रामलीला मंचन का शुभारंभ शनिवार देर शाम चेयरमैन अमित मोहन टीपू एवं संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष सुधीर गर्ग ने भगवान गणेश के तिलक कर किया। इस अवसर पर चेयरमैन अमित मोहन टीपू ने कहा कि रामलीला में रामचरित्र मानस भगवान राम की रचना का ज्ञान मिलता है। भगवान राम ने बुराई पर अच्छाई की जीत दिलाई है। इस मौके पर कमेटी अध्यक्ष ब्रह्मजीत प्रजापति, तेजपाल नागर, सचिन अग्रवाल, गौरव गर्ग, मोनू राजवंशी, विनय राजवंशी, पंकज मित्तल, नागेश शर्मा, रणपाल गुर्जर, लोकेश गर्ग, डब्लू धारीवाल, विद्याभूषण, भरत अग्रवाल, गुल्लू प्रधान आदि का विशेष सहयोग रहा।

दौराला में रामलीला मंचन में दर्शकों की उमड़ी भीड़
दौराला। मटौर-दौराला रंगमंच कमेटी के तत्वावधान में आयोजित रामलीला मंचन में दूसरे दिन श्रद्धाुलओं की भीड़ उमड़ पड़ी। रामलीला मंचन में भगवान राम सहित चारों भाइयों के जन्म से लेकर अयोध्या में खुशी की लहर तक मनमोहक मंचन किया गया। अयोध्या में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत व श़त्रुघन के जन्म के बाद अयोध्या में जश्न का सुंदर मंचन किया गया। रामलीला का उद्घाटन दौराला रेलवे स्टेशन मास्टर दिनेश दास, ठेकेदार शाहिद एवं रेलवे कर्मचारी नेत्रपाल सिंह ने फीता काटकर एवं भगवान राम के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस मौके पर रामलीला कमेटी के संरक्षक पुरुषोत्तम उपाध्याय ने कहा कि रामलीला से हमें अध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त होता है, यह संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। कमेटी अध्यक्ष ठाकुर कृपाल सिंह ने कहा कि रामलीला हमें आदर्शों और संस्कारों से सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती है। मुख्य अतिथि स्टेशन मास्टर दिनेश दास ने कहा कि स्थानीय कलाकारों द्वारा दौराला कस्बे में रामलीला का मंचन किया जा रहा है। यह प्रशंसा के योग्य है। इस मौके पर ओमपाल सिंह, सुरेंद्र चौहान, आजाद चौधरी, तेजपाल कश्यप, प्रद्युमन जैन, मुकेश अहलावत, राकेश गुप्ता, लोकेश चौहान, इलम सिंह आदि मौजूद रहे।

नारद मोह व विष्णु भगवान प्रसंग का मंचन
मवाना। भगवान श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में रविवार को मंचन का शुभारंभ सपा के पूर्व विधायक ने किया। यहां कलाकारों ने नारद मोह व विष्णु भगवान प्रसंग का मंचन किया।

भगवान श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कैलाश चंद कौशिक ने बताया कि रविवार को रामलीला मंचन का शुभारंभ कर दिया गया। इसका शुभारंभ पूर्व विधायक प्रभुदयाल वाल्मीकि ने फीता काटकर किया। इसके बाद प्रभुदयाल वाल्मीकि ने रामलीला देखने पहुंचे। श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के जीवन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कलाकारों ने प्रथम दिन नारद मोह व भगवान विष्णु को श्राप देने के प्रसंग का मंचन किया। इसे देखने के लिए नगर और देहात से बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी। सुरक्षा दृष्टि से पुलिस बल तैनात किया गया। इस मौके पर सुशील कुमार दुबलिश, डा. ओमपाल चौहान, योगेंद्र रस्तोगी, संजय, सचिन गुर्जर, सगीर राजपूत, वसीम सैफी, आकाश कामिल, अरुण, जोनी, संजय कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।
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