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सरकार को तलाश करने दिल्ली जा रहे किसान: राकेश टिकैत
Updated Sat, 29 Sep 2018 02:13 AM IST
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मेरठ। सरकार ने चुनाव से पहले किसानों के अच्छे दिन लाने का वादा किया था, लेकिन अब साढ़े चार साल से सरकार का पता नहीं है कि वह कहां है। सरकार की तलाश करने के लिए ही किसान पदयात्रा करते हुए दिल्ली जा रहे हैं। यह बातें भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने प्रेस से बात करते हुए कही।
राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों ने भाजपा को वोट देकर सत्ता सौंपी थी। लेकिन उन्होंने किसानों का काम नहीं किया। पिछले साढ़े चार साल से देश के किसान सरकार को ढूंढ रहे हैं। अब पता लगा है कि सरकार दिल्ली में एक गोल सी बिल्डिंग (संसद) में बैठती है। उस गोल बिल्डिंग का घेराव करने जाएंगे। टिकैत ने कहा कि सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करने की बात कही थी, लेकिन कुछ नहीं किया। डेढ़ गुणा एमएसपी देने का झूठा वादा किया जा रहा है। किसी भी मंडी में एमएसपी पर खरीद नहीं हो रही है। किसानों की बिजली की दरें दोगुना कर दी हैं। दस साल पुराने ट्रैक्टरों पर प्रतिबंध लगा दिया है। क्या इस देश में किसानों को जीने का अधिकार नहीं है। देश का अन्नदाता लोगों की भूख शांत करने के लिए अन्न उगाता है और उसका बेटा सरहद पर खड़ा होकर देश वासियों की रक्षा करता है। लेकिन सत्ता में बैठे लोग मलाई खाकर किसानों को भूल जाते हैं। ये किसान पदयात्रा अहंकारी और तानाशाह सरकार का गुरूर तोड़ने के लिए निकाली जा रही है। टिकैत ने कहा कि यात्रा में किसानों का इतना समर्थन मिलने की उम्मीद नहीं थी लेकिन इतनी भीड़ से साफ दिख रहा है कि किसान कितना बेहाल है और सरकार से कितना खफा है। दिल्ली में यूपी के अलावा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के किसान लाखों की संख्या में एकजुट होकर सरकार से अपना हक मांगेंगे।
डीएम के घर लेकर जाएंगे गन्न
राकेश टिकैत ने कहा कि अगर 15 अक्तूबर तक सरकार ने शुगर मिले नहीं चलवाई तो किसान अपना गन्ना डीएम के घर लेकर जाएंगे। किसानों का गन्ना पककर तैयार हो चुका है। सरकार ने अक्तूबर से पेराई सत्र शुरू करने का वादा किया है। अगर यह वादा झूठा निकला तो किसान सबक सिखाएंगे।
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राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों ने भाजपा को वोट देकर सत्ता सौंपी थी। लेकिन उन्होंने किसानों का काम नहीं किया। पिछले साढ़े चार साल से देश के किसान सरकार को ढूंढ रहे हैं। अब पता लगा है कि सरकार दिल्ली में एक गोल सी बिल्डिंग (संसद) में बैठती है। उस गोल बिल्डिंग का घेराव करने जाएंगे। टिकैत ने कहा कि सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करने की बात कही थी, लेकिन कुछ नहीं किया। डेढ़ गुणा एमएसपी देने का झूठा वादा किया जा रहा है। किसी भी मंडी में एमएसपी पर खरीद नहीं हो रही है। किसानों की बिजली की दरें दोगुना कर दी हैं। दस साल पुराने ट्रैक्टरों पर प्रतिबंध लगा दिया है। क्या इस देश में किसानों को जीने का अधिकार नहीं है। देश का अन्नदाता लोगों की भूख शांत करने के लिए अन्न उगाता है और उसका बेटा सरहद पर खड़ा होकर देश वासियों की रक्षा करता है। लेकिन सत्ता में बैठे लोग मलाई खाकर किसानों को भूल जाते हैं। ये किसान पदयात्रा अहंकारी और तानाशाह सरकार का गुरूर तोड़ने के लिए निकाली जा रही है। टिकैत ने कहा कि यात्रा में किसानों का इतना समर्थन मिलने की उम्मीद नहीं थी लेकिन इतनी भीड़ से साफ दिख रहा है कि किसान कितना बेहाल है और सरकार से कितना खफा है। दिल्ली में यूपी के अलावा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के किसान लाखों की संख्या में एकजुट होकर सरकार से अपना हक मांगेंगे।
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डीएम के घर लेकर जाएंगे गन्न
राकेश टिकैत ने कहा कि अगर 15 अक्तूबर तक सरकार ने शुगर मिले नहीं चलवाई तो किसान अपना गन्ना डीएम के घर लेकर जाएंगे। किसानों का गन्ना पककर तैयार हो चुका है। सरकार ने अक्तूबर से पेराई सत्र शुरू करने का वादा किया है। अगर यह वादा झूठा निकला तो किसान सबक सिखाएंगे।
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