{"_id":"5b8d99da42c792463f7956ee","slug":"153600660410-kithor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश से मकान गिरा,एक बृद्वा की मौत,तीन किशोरी घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश से मकान गिरा,एक बृद्वा की मौत,तीन किशोरी घायल
Updated Tue, 04 Sep 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किठौर/मेरठ। किठौर के हसनपुर कला गांव में सोमवार रात बारिश से एक मकान गिर गया। मलबे में दबकर 70 साल की महिला सत्तो की मौके पर ही मौत हो गई। दो बच्चों सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मकान गिरने के बाद मोहल्ले में अफरातफरी मच गई। मौके पर पहुंचे एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव और एडीएम फाइनेंस ने मृतका के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
इंस्पेक्टर किठौर आनंद प्रकाश मिश्र के अनुसार हसनपुर कला गांव में यूनियन बैंक के पीछे रहने वाले मजदूर बेदू उर्फ वेदप्रकाश पुत्र रामप्रसाद के कच्चे मकान में कोठरा बना था। बेदू ने बताया कि दो दिन पूर्व बाबूगढ थाना क्षेत्र के मुदाफरा कोटा निवासी उसकी सास सत्तो (70) अपनी पुत्री सुमरती से मिलने आई थी। सोमवार को सत्तो को हापुड़ जाना था। लेकिन तेज बारिश होने के चलते वह सोमवार को नहीं जा पाई थी। उसने बताया कि शाम को वह और उसकी पत्नी सुमरती, पुत्री निशा (13) आशा (8) आपस में बात कर रहे थे। तभी कोठरे की छत कड़ी को तोड़ती हुई गिर गई। जिसके मलबे में सभी लोग दब गए। इस हादसे में वृद्धा सत्तो की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि बेदू की पुत्री निशा और आशा गंभीर रूप से घायल हो गई। पत्नी सुमरती चोटिल हो गई।
खुद बच गया बेदू
बेदू के अनुसार जैसे ही कड़ी टूटने की आवाज आई तो वह तुरंत चिल्लाते हुए बाहर आ गया था। जिससे वह बाल-बाल बच गया। उधर, पुलिस ने बताया कि एंबुलेंस की सहायता से घायलों को इलाज के लिए भेजा गया। जेसीबी से मलबा हटवाया गया। मकान गिरने की सूचना पर एसडीएम मवाना मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका घेराव कर पीड़ित परिवार की मदद कराने की मांग की। एसडीएम ने आपदा कोष के तहत पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये दिलाने, घायलों के इलाज में मदद करने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना से घर बनवाने का आश्वासन दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन
मकान बनवाने की मांग
ग्रामीणों ने एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव से गरीब और विकलांग लोगों के लिए मकान बनवाने की मांग की। जिससे आगे ऐसे हादसे का न हों। एसडीएम ने कानूनगो, लेखपाल और प्रधान को मौका मुआयना कर तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। एसडीएम के समझाने के बाद ही ग्रामीण शांत हुए।
मौत ने नहीं जाने दिया सत्तो को
बेदू ने बताया कि उसकी सास सुबह से ही अपने घर जाने के लिए कह रही थी। लेकिन अचानक बारिश शुरू होने पर उन्हें रोक लिया गया था। वह भी बारिश बंद होने की बात कहकर कहीं चला गया। जिसके बाद शाम हो गई। शाम को जब सास फिर जाने के लिए तैयार होने लगी तो फिर बारिश पड़ने लगी और उसकी सास फिर रुक गई। लेकिन उसके बाद ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर किठौर आनंद प्रकाश मिश्र के अनुसार हसनपुर कला गांव में यूनियन बैंक के पीछे रहने वाले मजदूर बेदू उर्फ वेदप्रकाश पुत्र रामप्रसाद के कच्चे मकान में कोठरा बना था। बेदू ने बताया कि दो दिन पूर्व बाबूगढ थाना क्षेत्र के मुदाफरा कोटा निवासी उसकी सास सत्तो (70) अपनी पुत्री सुमरती से मिलने आई थी। सोमवार को सत्तो को हापुड़ जाना था। लेकिन तेज बारिश होने के चलते वह सोमवार को नहीं जा पाई थी। उसने बताया कि शाम को वह और उसकी पत्नी सुमरती, पुत्री निशा (13) आशा (8) आपस में बात कर रहे थे। तभी कोठरे की छत कड़ी को तोड़ती हुई गिर गई। जिसके मलबे में सभी लोग दब गए। इस हादसे में वृद्धा सत्तो की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि बेदू की पुत्री निशा और आशा गंभीर रूप से घायल हो गई। पत्नी सुमरती चोटिल हो गई।
विज्ञापन
खुद बच गया बेदू
बेदू के अनुसार जैसे ही कड़ी टूटने की आवाज आई तो वह तुरंत चिल्लाते हुए बाहर आ गया था। जिससे वह बाल-बाल बच गया। उधर, पुलिस ने बताया कि एंबुलेंस की सहायता से घायलों को इलाज के लिए भेजा गया। जेसीबी से मलबा हटवाया गया। मकान गिरने की सूचना पर एसडीएम मवाना मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका घेराव कर पीड़ित परिवार की मदद कराने की मांग की। एसडीएम ने आपदा कोष के तहत पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये दिलाने, घायलों के इलाज में मदद करने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना से घर बनवाने का आश्वासन दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन
मकान बनवाने की मांग
ग्रामीणों ने एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव से गरीब और विकलांग लोगों के लिए मकान बनवाने की मांग की। जिससे आगे ऐसे हादसे का न हों। एसडीएम ने कानूनगो, लेखपाल और प्रधान को मौका मुआयना कर तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। एसडीएम के समझाने के बाद ही ग्रामीण शांत हुए।
मौत ने नहीं जाने दिया सत्तो को
बेदू ने बताया कि उसकी सास सुबह से ही अपने घर जाने के लिए कह रही थी। लेकिन अचानक बारिश शुरू होने पर उन्हें रोक लिया गया था। वह भी बारिश बंद होने की बात कहकर कहीं चला गया। जिसके बाद शाम हो गई। शाम को जब सास फिर जाने के लिए तैयार होने लगी तो फिर बारिश पड़ने लगी और उसकी सास फिर रुक गई। लेकिन उसके बाद ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।