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खेडा में बारिश के दौरान हई घटना की सूचना पर दौडे नेता व अधिकारी

Sun, 29 Jul 2018 02:08 AM IST
Updated Sun, 29 Jul 2018 02:08 AM IST
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खेडा में बारिश के दौरान हई घटना की सूचना पर दौडे नेता व अधिकारी
सरधना। खेड़ा गांव में शनिवार सुबह बारिश के दौरान किसान राजपाल का दो मंजिला मकान में दब जाने की सूचना मिली तो वे खुद को मौके पर जाने से रोक नहीं सका। सांसद संजीव बालियान, विधायक संगीत सोम, भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, जिला पंचायत सदस्य पति विनोद कालंदी, विनोद मैनेजर, सपना सोम, बजरंगदल के विभाग संयोजक मिलन सोम, भामौरी से पूर्व जिला पंचायत सदस्य ठा आनंद सिंह भामौरी, पूर्व प्रधान दिनेश, अक्खेपुर प्रधान सेतू, पूर्व जिला पंचायत लाखन सिंह, अक्खेपुर के पूर्व प्रधान सुनील कुमार, कुशावली प्रधान सुनील समेत तमाम लोग मौके पर पहुंचे और राहत बचाव कार्य में जुटे। वहीं जिले के आला अधिकारियों में खुद डीएम अनिल ढींगरा भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। एसडीएम अमित कुमार भारतीय, सीओ संतोष कुमार, तहसीलदार अश्वनी कुमार के साथ सीएचसी प्रभारी श्रीराम प्रेमी, एम्बूलेंस के जिला कोर्डिनेटर प्रवीण त्यागी, पारस भी मौके पर पहुंचे। राहत बचाव कार्य में जुटे। खेड़ा के ग्राम प्रधान पति ओमबीर सिंह ने बताया कि राजपाल के हिस्से में करीब चार बीघा भूमि आती हैं। उसके दो बेटे गांव से बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। जिसमें विक्की का परिवार तो बाहर रहता ही है, लेकिन कुलदीप भी बाहर रहता है। उसकी पत्नी विनीता व एक माह की बेटी घर पर थी। शनिवार को हुई घटना से कुछ देर पहले कुलदीप की पत्नी विनिता ने अपने पति कुलदीप से बात की और बताया कि बरसात में पशुओं की खोर ढह गई है। जिस जगह पर मकान के खाली हिस्से में जलभराव हो गया था। विनीता को क्या पता था कि मकान भी ढह जायेगा। वह पति से बात करने के बाद वह मकान की दूसरी मंजिल पर जाकर लेट गई। उसी समय हादसा हो गया। राजपाल रोते बिलखते बस यही कह रहा था कि आखिर उसके उपर भगवान ने गम का पहाड़ तोड़ दिया।
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बारिश में राहत कार्य में जुटे रहे ग्रामीण व अधिकारी
खेड़ा गांव में जिस समय हादसा हुआ उस समय बारिश पड़ रही थी। सूचना के घंटों बाद देरी से पुलिस व प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और राहत कार्य में जुटे। उन्हें ग्रामीणों का गुस्सा भी झेलना पड़ा। एसडीएम अमित कुमार भारतीय ने बताया कि जेसीबी से लिंटर को ज्यादा तेजी से इसलिये नहीं हटवाया गया कहीं दबे लोगों को ज्यादा नुकसान न हो जाये। इस दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे।
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