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सिद्धचक्र महामंडल विधान।

Thu, 26 Jul 2018 09:52 PM IST
Updated Thu, 26 Jul 2018 09:52 PM IST
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सिद्धचक्र महामंडल विधान।
अमर उजाला ब्यूरो
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हस्तिनापुर। दिगम्बर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के स्वर्णमयी त्रिमूर्ति जिनालय में चल रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान की बृहस्पतिवार को सप्त दिवसीय पूजा की गई।

आज की शांतिधारा करने का सौभाग्य नेहा जैन और से तरस कुमार को प्राप्त हुआ। तीर्थ क्षेत्र के मंत्री प्रद्युमन कुमार, महाप्रबन्धक मुकेश जैन व अन्य श्रद्धालुओं के साथ मुनि को चातुर्मास के लिए श्रीफल अर्पित किये। साथ ही चातुर्मास स्थापना के लिए निवेदन किया। मुनिश्री भावभूषण जी महाराज ने हस्तिनापुर क्षेत्र के प्राचीन बड़े मंदिर में चातुर्मास स्थापित करने की अपने मुखारबिंद से घोषणा की एवं पिच्छी परिवर्तन किया गया। नवीन पिच्छी देने एवं पुरानी पिच्छी लेने का सौभाग्य संजय जैन एवं प्रत्यक्ष जैन को प्राप्त हुआ। मुनिश्री ने कार्यक्रम को संचालित करते हुए चातुर्मास की महत्ता बताते हुए ने कहा कि जैन परंपरा में चातुर्मास करने का उल्लेख शास्त्रों में मिलता है। प्राचीन समय में भी ऋषि मुनि एक स्थान पर रहकर चातुर्मास किया करते थे। चातुर्मास का महत्ता के इस प्रसंग पर पांच भक्तियों के माध्यम से पं. आशीष जैन शास्त्री ने सभी क्रियाएं संपादित कीं। मुनिश्री भावभूषण जी चतुर्मास कलश स्थापित करने का सौभाग्य संजय जैन को प्राप्त हुआ। प्रथमानुयोग, चरणानुयोग, करणानुयोग तथा द्रव्यानुयोग जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथों की विजय कुमार, नरेन्द्र सिंह, शांति देवी, कृष्णा जैन, पुष्पा, विशाल जैन, विजय जैन आदि श्रद्धालुओं ने चातुर्मास हेतु चारों ग्रंथों की स्थापना की। तत्पश्चात मुनि के पाद प्रक्षालन करने का सौभाग्य सुभाष जैन को प्राप्त हुआ। मुनिश्री 108 भावभूषण महाराज ने अपनी गुरु आज्ञा प्राप्त कर चार माह तक इन ग्रंथों की आराधना, साधना करके तथा सरस्वती पूजन करके प्राणी मात्र के कल्याण की घोषणा की। चातुर्मास स्थापना के बाद जिनेंद्र भगवान के सम्मुख पंच परमेष्ठी के लक्षणों का वर्णन करते हुए समस्त पात्रों ने मांडले पर 512 अर्घ्य समर्पित किए। आज के समस्त कार्यक्रम में प्रमोद जैन, दिगम्बर जैन, मनमोहन जैन, महेश चन्द्र, रितेश जैन, वीरेंद्र जैन, गौरव जैन, अभिषेक जैन, इन्द्रसैन जैन जी के साथ अनेकों इन्द्राणियों ने सम्मलित होकर पुण्य का संचय किया। यहां महामंत्री मुकेश कुमार, कोषाध्यक्ष सुनील जैन, जितेन्द्र कुमार, विजय जैन, मुकेश कुमार, महाप्रबंधक उमेश जैन, अतुल जैन, कमल जैन, मणीचंद आदि सहयोग रहा।
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मुख्य बातें
सिद्धचक्र महामंडल विधान की बृहस्पतिवार को सप्त दिवसीय पूजा की गइ
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