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बंद पडे उद्योग धंधों को फिर से चालू कराया जाएगा।
Updated Sat, 05 May 2018 10:12 PM IST
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हस्तिनापुर। महाभारतकालीन ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर में पुराने समय से बंद पड़े उद्योग धंधों को दोबारा से चालू कराने के लिए जिला उद्योग केंद्र की दो सदस्य टीम शनिवार को यहां पहुंची। टीम ने जहां फैक्ट्रियां स्थापित थीं उन स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इसकी रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश और केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
टीम में शामिल पर्सनल अस्सिटेंट एसके वर्मा एवं अस्सिटेंट मैनेजर प्रमोद कुमार ने नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के चेयरमैन प्रियंक भारती के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि प्रियंक भारती के पत्र के बाद पीएम और सीएम आफिस से हस्तिनापुर में बंद पड़े उद्योग धंधों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए कहा गया है। जिसके तहत वे यहां पहुंचे। उन्होंने हस्तिनापुर शुगर मिल, मदन इंडस्ट्रीज और स्वरूप फाइबर समेत अन्य फैक्ट्रियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि पंडित नेहरू ने हस्तिनापुर और चंडीगढ़ की नींव एक दिन रखी थी। चंडीगढ़ विकास के पथ पर बहुत आगे बढ़ गया परंतु हस्तिनापुर बहुत पीछे छूट गया है। हस्तिनापुर के विकास के लिए यहां उद्योगपतियों को फैक्ट्रियों के निशुल्क लाइसेंस देकर कम दाम में जमीन उपलब्ध कराई थी। जिनमें से कुछ तो धरातल पर चले तथा कुछ फाइलों में ही कैद हो गए। अब सरकार द्वारा इन उद्योग धंधों को चलाने के लिए उनके मालिकों से वार्ता की जाएगी। इसके पश्चात रिपोर्ट तैयार कर सरकार को प्रेषित कर दी जाएगी। यदि उद्योग धंधे दोबारा से स्थापित किए गए तो यहां के लोगों को रोजगार मिल सकेगा। उनका कहना है कि कस्बे में ही रोजगार मिलने से यहां चहुमुंखी विकास होगा।
मुख्य बातें
नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के चेयरमैन की शिकायत पर पहुंची टीम
टीम सर्वे रिपोर्ट केंद्र और प्रदेश सरकार को भेजेगी
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टीम में शामिल पर्सनल अस्सिटेंट एसके वर्मा एवं अस्सिटेंट मैनेजर प्रमोद कुमार ने नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के चेयरमैन प्रियंक भारती के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि प्रियंक भारती के पत्र के बाद पीएम और सीएम आफिस से हस्तिनापुर में बंद पड़े उद्योग धंधों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए कहा गया है। जिसके तहत वे यहां पहुंचे। उन्होंने हस्तिनापुर शुगर मिल, मदन इंडस्ट्रीज और स्वरूप फाइबर समेत अन्य फैक्ट्रियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि पंडित नेहरू ने हस्तिनापुर और चंडीगढ़ की नींव एक दिन रखी थी। चंडीगढ़ विकास के पथ पर बहुत आगे बढ़ गया परंतु हस्तिनापुर बहुत पीछे छूट गया है। हस्तिनापुर के विकास के लिए यहां उद्योगपतियों को फैक्ट्रियों के निशुल्क लाइसेंस देकर कम दाम में जमीन उपलब्ध कराई थी। जिनमें से कुछ तो धरातल पर चले तथा कुछ फाइलों में ही कैद हो गए। अब सरकार द्वारा इन उद्योग धंधों को चलाने के लिए उनके मालिकों से वार्ता की जाएगी। इसके पश्चात रिपोर्ट तैयार कर सरकार को प्रेषित कर दी जाएगी। यदि उद्योग धंधे दोबारा से स्थापित किए गए तो यहां के लोगों को रोजगार मिल सकेगा। उनका कहना है कि कस्बे में ही रोजगार मिलने से यहां चहुमुंखी विकास होगा।
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मुख्य बातें
नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के चेयरमैन की शिकायत पर पहुंची टीम
टीम सर्वे रिपोर्ट केंद्र और प्रदेश सरकार को भेजेगी