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निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों पर कसेगा शिकंजा
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फिर से बनाई जाएगी पांच सदस्य टीम, जिलाधिकारी होंगे अध्यक्ष
एसएसपी और सीएमओ होंगे सदस्य, चिकित्सकों की विजिलेंस जांच भी होगी
मेरठ। निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों पर शिकंजा कसा जाएगा। इसकी कवायद फिर से की जा रही है। शासन ने इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में पांच सदस्य समिति बनाकर कार्रवाई करने की हिदायत दी है। ऐसे चिकित्सकों की विजिलेंस जांच भी कराई जा सकती है। इस संबंध में शासन ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा है।
उत्तर प्रदेश में राजकीय चिकित्सकों (एलोपैथी) की निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबंध पर लगाए जाने के संबंध में 15 फरवरी 2019 को फिर से विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें उत्तर प्रदेश के सरकारी चिकित्सक (एलोपैथिक) के प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगाने केलिए जनपद स्तर पर गठित सतर्कता समिति की त्रैमासिक बैठक कराई जाए। चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस से संबंधित प्राप्त शिकायतों का नियमित जांच कराई जाए।
सरकारी चिकित्सकों द्वारा की जा रही प्राइवेट प्रैक्टिस की शिकायतों की जांच के लिए शासन ने जो समिति गठित करने के लिए कहा है, उसकी जिलाधिकारी अध्यक्षता करेंगे। एसएसपी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिलाधिकारी द्वारा नामित अभिसूचना इकाई का सदस्य और जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी इसके सदस्य होंगे। यह समिति त्रैमासिक बैठक कर राजकीय चिकित्सकों द्वारा की जा रही प्राइवेट प्रैक्टिस की शिकायतों की समीक्षा करेगी। प्राइवेट प्रैक्टिस की शिकायत की पुष्टि अभिसूचना इकाई की रिपोर्ट के आधार पर टीम केअन्य सदस्यों द्वारा साक्ष्यों की प्रमाणिकता की पुष्टि केबाद की जाएगी। साथ ही समिति द्वारा लिए गए निर्णय को कमेटी केसंयोजक लिखित साक्ष्यों सहित चिकित्सक का पूरा विवरण व प्राइवेट प्रैक्टिस के साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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जनता की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया जाएगा
शासन प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक के संबंध में दिए शासनादेश के प्रावधानों का प्रचार-प्रसार करेगा। जनता को इस संबंध में बताएंगे। अगर जनता की तरफ से इस तरह की शिकायतें आती हैं तो इन्हें गंभीरता से लिया जाएगा और जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
निर्देशों का कराया जाएगा पालन
सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि शासन के जो भी निर्देश हैं, उनका अनुपालन कराया जाएगा। सरकारी चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस करने पर रोक है। ऐसे चिकित्सकों को चिह्नित कराया जाएगा।
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एसएसपी और सीएमओ होंगे सदस्य, चिकित्सकों की विजिलेंस जांच भी होगी
मेरठ। निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों पर शिकंजा कसा जाएगा। इसकी कवायद फिर से की जा रही है। शासन ने इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में पांच सदस्य समिति बनाकर कार्रवाई करने की हिदायत दी है। ऐसे चिकित्सकों की विजिलेंस जांच भी कराई जा सकती है। इस संबंध में शासन ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा है।
उत्तर प्रदेश में राजकीय चिकित्सकों (एलोपैथी) की निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबंध पर लगाए जाने के संबंध में 15 फरवरी 2019 को फिर से विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें उत्तर प्रदेश के सरकारी चिकित्सक (एलोपैथिक) के प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगाने केलिए जनपद स्तर पर गठित सतर्कता समिति की त्रैमासिक बैठक कराई जाए। चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस से संबंधित प्राप्त शिकायतों का नियमित जांच कराई जाए।
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सरकारी चिकित्सकों द्वारा की जा रही प्राइवेट प्रैक्टिस की शिकायतों की जांच के लिए शासन ने जो समिति गठित करने के लिए कहा है, उसकी जिलाधिकारी अध्यक्षता करेंगे। एसएसपी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिलाधिकारी द्वारा नामित अभिसूचना इकाई का सदस्य और जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी इसके सदस्य होंगे। यह समिति त्रैमासिक बैठक कर राजकीय चिकित्सकों द्वारा की जा रही प्राइवेट प्रैक्टिस की शिकायतों की समीक्षा करेगी। प्राइवेट प्रैक्टिस की शिकायत की पुष्टि अभिसूचना इकाई की रिपोर्ट के आधार पर टीम केअन्य सदस्यों द्वारा साक्ष्यों की प्रमाणिकता की पुष्टि केबाद की जाएगी। साथ ही समिति द्वारा लिए गए निर्णय को कमेटी केसंयोजक लिखित साक्ष्यों सहित चिकित्सक का पूरा विवरण व प्राइवेट प्रैक्टिस के साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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जनता की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया जाएगा
शासन प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक के संबंध में दिए शासनादेश के प्रावधानों का प्रचार-प्रसार करेगा। जनता को इस संबंध में बताएंगे। अगर जनता की तरफ से इस तरह की शिकायतें आती हैं तो इन्हें गंभीरता से लिया जाएगा और जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
निर्देशों का कराया जाएगा पालन
सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि शासन के जो भी निर्देश हैं, उनका अनुपालन कराया जाएगा। सरकारी चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस करने पर रोक है। ऐसे चिकित्सकों को चिह्नित कराया जाएगा।