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सहारनपुर के जेपी की साउथ अफ्रीका में हत्या
Updated Fri, 07 Dec 2018 12:55 AM IST
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गुप्ता बंधुओं की खनन कंपनी के सीईओ जेपी अरोड़ा की जोहान्सबर्ग में हत्या
सहारनपुर। साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में जेआईसी माइनिंग कंपनी के सीईओ जगन्नाथ प्रसाद अरोड़ा उर्फ जेपी की फिल्मी स्टाइल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। शनिवार को हुई थी, इस घटना की जानकारी होने के बाद सहारनपुर में उनके परिचित और रिश्तेदार स्तब्ध है। माइनिंग कंपनी दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्पति जैकब जुमा से नजदीकियों को लेकर सुर्खियों में रहे सहारनपुर निवासी गुप्ता बंधुओं की बताई जा रही है। ननौता कस्बे में पैदा हुए जगन्नाथ प्रसाद (जेपी) अरोड़ा ने बैंक की नौकरी से की शुरुआत की थी और बाद में गुप्ता बंधुओं की जेआईसी माइनिंग कंपनी से जुड़ गए थे। हर किसी का कहना है कि जेपी मृदुभाषी थे और तरक्की पसंद थे।
सहारनपुर के गुप्ता बंधुओं की कंपनी जेआईसी माइनिंग में जेपी अरोड़ा बतौर चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) कार्य कर रहे थे। गत शनिवार को जोहान्सबर्ग में कार से जाते समय अज्ञात बदमाश ने गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी थी। गुप्ता बंधुओं के साथ नजदीकियों के चलते साउथ अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुबा विवादों में घिर गए थे और उन्हें त्यागपत्र देना पड़ गया था।
जेपी अरोड़ा की मौत की सूचना सहारनपुर भी पहुंच गई, जिसे सुनकर लोग हैरान हैं। जेपी अरोड़ा और गुप्ता बंधुओं के नजदीकी जावेद साबरी ने बताया कि जेपी अरोड़ा बहुत शालीन व्यक्ति थे, उन्होंने कभी किसी का बुरा नहीं किया। जावेद साबरी ने बताया कि अजय गुप्ता ने इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग जोहान्सबर्ग पुलिस से की है। ताकि यह पता चल सके कि जेपी अरोड़ा की हत्या क्यों हुई और किसने की। जावेद साबरी ने बताया कि सहारनपुर में सुशील सडाना से जेपी अरोड़ा की अच्छी दोस्ती थी। वह भी जोहान्सबर्ग गए हुए हैं।
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जेपी अरोड़ा का प्रोफाइल
जेपी अरोड़ा पुत्र चरणदास अरोड़ा मूलरूप से ननौता के मोहल्ला चहमंजिली कोट के रहने वाले थे। उनकी प्रारंभिक पढ़ाई ननौता से हुई। उन्होंने ननौता स्थित किसान सेवक इंटर कॉलेज से 10 वीं कक्षा की पढ़ाई की, इंटरमीडिएट की पढ़ाई रामपुर मनिहारन स्थित गोचर कृषि इंटर कॉलेज से की। ग्रेजुएट करने के बाद उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक में नौकरी ज्वाइन की और कुछ समय तक रामपुर मनिहारन शाखा में रहे। बाद में बैंक ऑफ बड़ौदा में नौकरी की और 1992 में सहारनपुर के हकीकतनगर स्थित शाखा के पहले प्रबंधक रहे। यहां वह 1998 तक बतौर शाखा प्रबंधक रहे। इसके बाद उनका तबादला रुड़की और फिर बरेली हो गया था। इसी बीच वह सहारनपुर के गुप्ता बंधु के संपर्क में आ गए थे और उनकी कंपनी सहारा कंप्यूटर्स ज्वाइन कर ली थी। तब से वह गुप्ता बंधु की कंपनी से जुड़े रहे और फिर साउथ अफ्रीका चले गए थे। उन्होंने अपना परिवार नोएडा शिफ्ट कर लिया था।
जेपी के सहपाठियों को लगा झटका
ननौता निवासी अरविंद नामदेव, मनोहरलाल अरोड़ा और मनोज कुमार जैन भी जेपी अरोड़ा के साथ पढ़े हैं। अरविंद नामदेव ने बताया कि जेपी मृदुभाषी और व्यवहार कुशल थे। शुरुआत से ही पढ़ाई में अच्छे और तकनीक के साथ तरक्की करने का पक्षधर थे। उन्होंने बताया कि जेपी को बैडमिंटन खेलने का भी शौक था और वह बैडमिंटन के भी अच्छे खिलाड़ी थे।
मामा के परिवार ने जताया दुख
ननौता में जेपी अरोड़ा के मामा सोहनलाल गुंबर का परिवार रहता है। उनकी मामी सत्यवंती और ममेरे भाई नरेश अरोड़ा को जब जेपी की मौत की खबर मिली, तो वह दुखी हो गए। ममेरे भाई नरेश अरोड़ा ने बताया कि काफी साल से जेपी अरोड़ा ननौता नहीं आए। उन्होंने बताया कि जेपी चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनके बड़े भाई पाल्ली की हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई थी, जबकि यशपाल और कृष्णगोपाल अरोड़ा की बीमारी के कारण पूर्व में मौत हो चुकी है। जेपी के दूसरे मामा भगतराम गुंबर ने बताया कि ननौता में जेपी का आना जाना काफी कम हो गया था, यहां तक कि वह शादी समारोह में भी कम ही आते थे। जेपी अरोड़ा की मौत से परिवार के लोग दुखी हैं।
कारोबारी रंजिश या लूट के लिए हो सकती है हत्या
सहारनपुर। जेपी अरोड़ा के करीबी दोस्त मेरठ निवासी अधिवक्ता रामकुमार शर्मा की मानें, तो साउथ अफ्रीका में सत्ता परिवर्तन होने के बाद गुप्ता बंधु तो वहां से दुबई शिफ्ट हो गए थे, लेकिन उनका कारोबार जेपी अरोड़ा देख रहे थे। गुप्ता बंधुओं के शिफ्ट होने के बाद उनके कारोबार को तबाह करने की साजिशें चल रही थीं। रामकुमार शर्मा ने बताया कि बीते वर्ष वह साउथ अफ्रीका गए थे और करीब 22 दिन तक जेपी अरोड़ा के साथ रहे थे। साउथ अफ्रीका में कारोबार संभालने में जेपी अरोड़ा के सामने काफी मुश्किलें भी पैदा हो रही थीं। उन्होंने बताया कि कारोबारी रंजिश या लूट के लिए जेपी की हत्या हो सकती है। 15 दिन पूर्व जेपी अरोड़ा नोएडा आए हुए थे। तब उनसे फोन पर बातचीत हुई थी। वह कह रहे थे कि जल्दी ही साउथ अफ्रीका से लौटने पर बैठकर बात करेंगे। अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने बताया कि जेपी अरोड़ा का परिवार सी-50 सेक्टर 27 नोएडा में रहता है।
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सहारनपुर। साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में जेआईसी माइनिंग कंपनी के सीईओ जगन्नाथ प्रसाद अरोड़ा उर्फ जेपी की फिल्मी स्टाइल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। शनिवार को हुई थी, इस घटना की जानकारी होने के बाद सहारनपुर में उनके परिचित और रिश्तेदार स्तब्ध है। माइनिंग कंपनी दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्पति जैकब जुमा से नजदीकियों को लेकर सुर्खियों में रहे सहारनपुर निवासी गुप्ता बंधुओं की बताई जा रही है। ननौता कस्बे में पैदा हुए जगन्नाथ प्रसाद (जेपी) अरोड़ा ने बैंक की नौकरी से की शुरुआत की थी और बाद में गुप्ता बंधुओं की जेआईसी माइनिंग कंपनी से जुड़ गए थे। हर किसी का कहना है कि जेपी मृदुभाषी थे और तरक्की पसंद थे।
सहारनपुर के गुप्ता बंधुओं की कंपनी जेआईसी माइनिंग में जेपी अरोड़ा बतौर चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) कार्य कर रहे थे। गत शनिवार को जोहान्सबर्ग में कार से जाते समय अज्ञात बदमाश ने गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी थी। गुप्ता बंधुओं के साथ नजदीकियों के चलते साउथ अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुबा विवादों में घिर गए थे और उन्हें त्यागपत्र देना पड़ गया था।
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जेपी अरोड़ा की मौत की सूचना सहारनपुर भी पहुंच गई, जिसे सुनकर लोग हैरान हैं। जेपी अरोड़ा और गुप्ता बंधुओं के नजदीकी जावेद साबरी ने बताया कि जेपी अरोड़ा बहुत शालीन व्यक्ति थे, उन्होंने कभी किसी का बुरा नहीं किया। जावेद साबरी ने बताया कि अजय गुप्ता ने इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग जोहान्सबर्ग पुलिस से की है। ताकि यह पता चल सके कि जेपी अरोड़ा की हत्या क्यों हुई और किसने की। जावेद साबरी ने बताया कि सहारनपुर में सुशील सडाना से जेपी अरोड़ा की अच्छी दोस्ती थी। वह भी जोहान्सबर्ग गए हुए हैं।
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जेपी अरोड़ा का प्रोफाइल
जेपी अरोड़ा पुत्र चरणदास अरोड़ा मूलरूप से ननौता के मोहल्ला चहमंजिली कोट के रहने वाले थे। उनकी प्रारंभिक पढ़ाई ननौता से हुई। उन्होंने ननौता स्थित किसान सेवक इंटर कॉलेज से 10 वीं कक्षा की पढ़ाई की, इंटरमीडिएट की पढ़ाई रामपुर मनिहारन स्थित गोचर कृषि इंटर कॉलेज से की। ग्रेजुएट करने के बाद उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक में नौकरी ज्वाइन की और कुछ समय तक रामपुर मनिहारन शाखा में रहे। बाद में बैंक ऑफ बड़ौदा में नौकरी की और 1992 में सहारनपुर के हकीकतनगर स्थित शाखा के पहले प्रबंधक रहे। यहां वह 1998 तक बतौर शाखा प्रबंधक रहे। इसके बाद उनका तबादला रुड़की और फिर बरेली हो गया था। इसी बीच वह सहारनपुर के गुप्ता बंधु के संपर्क में आ गए थे और उनकी कंपनी सहारा कंप्यूटर्स ज्वाइन कर ली थी। तब से वह गुप्ता बंधु की कंपनी से जुड़े रहे और फिर साउथ अफ्रीका चले गए थे। उन्होंने अपना परिवार नोएडा शिफ्ट कर लिया था।
जेपी के सहपाठियों को लगा झटका
ननौता निवासी अरविंद नामदेव, मनोहरलाल अरोड़ा और मनोज कुमार जैन भी जेपी अरोड़ा के साथ पढ़े हैं। अरविंद नामदेव ने बताया कि जेपी मृदुभाषी और व्यवहार कुशल थे। शुरुआत से ही पढ़ाई में अच्छे और तकनीक के साथ तरक्की करने का पक्षधर थे। उन्होंने बताया कि जेपी को बैडमिंटन खेलने का भी शौक था और वह बैडमिंटन के भी अच्छे खिलाड़ी थे।
मामा के परिवार ने जताया दुख
ननौता में जेपी अरोड़ा के मामा सोहनलाल गुंबर का परिवार रहता है। उनकी मामी सत्यवंती और ममेरे भाई नरेश अरोड़ा को जब जेपी की मौत की खबर मिली, तो वह दुखी हो गए। ममेरे भाई नरेश अरोड़ा ने बताया कि काफी साल से जेपी अरोड़ा ननौता नहीं आए। उन्होंने बताया कि जेपी चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनके बड़े भाई पाल्ली की हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई थी, जबकि यशपाल और कृष्णगोपाल अरोड़ा की बीमारी के कारण पूर्व में मौत हो चुकी है। जेपी के दूसरे मामा भगतराम गुंबर ने बताया कि ननौता में जेपी का आना जाना काफी कम हो गया था, यहां तक कि वह शादी समारोह में भी कम ही आते थे। जेपी अरोड़ा की मौत से परिवार के लोग दुखी हैं।
कारोबारी रंजिश या लूट के लिए हो सकती है हत्या
सहारनपुर। जेपी अरोड़ा के करीबी दोस्त मेरठ निवासी अधिवक्ता रामकुमार शर्मा की मानें, तो साउथ अफ्रीका में सत्ता परिवर्तन होने के बाद गुप्ता बंधु तो वहां से दुबई शिफ्ट हो गए थे, लेकिन उनका कारोबार जेपी अरोड़ा देख रहे थे। गुप्ता बंधुओं के शिफ्ट होने के बाद उनके कारोबार को तबाह करने की साजिशें चल रही थीं। रामकुमार शर्मा ने बताया कि बीते वर्ष वह साउथ अफ्रीका गए थे और करीब 22 दिन तक जेपी अरोड़ा के साथ रहे थे। साउथ अफ्रीका में कारोबार संभालने में जेपी अरोड़ा के सामने काफी मुश्किलें भी पैदा हो रही थीं। उन्होंने बताया कि कारोबारी रंजिश या लूट के लिए जेपी की हत्या हो सकती है। 15 दिन पूर्व जेपी अरोड़ा नोएडा आए हुए थे। तब उनसे फोन पर बातचीत हुई थी। वह कह रहे थे कि जल्दी ही साउथ अफ्रीका से लौटने पर बैठकर बात करेंगे। अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने बताया कि जेपी अरोड़ा का परिवार सी-50 सेक्टर 27 नोएडा में रहता है।