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शहर की गलियों में ही घूम रहा आधे शहर का सीवर
Updated Tue, 04 Sep 2018 02:00 AM IST
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मेरठ। सोमवार की भारी बारिश ने जलकल विभाग की अव्यवस्था की भी पोल खोलकर रख दी है। शहर के काफी बड़े इलाकों के सीवर को काली नदी तक पहुंचाने का काम करने वाला पंपिंग स्टेशन ही बंद पड़ा है। नगर निगम का जलकल विभाग इनका संचालन करना ही भूल गया है। जिसके कारण शहर की गलियों का सीवर पंपिंग स्टेशनों से आगे जाने की बजाय शहर की सड़कों पर बह रहा है। इसके चलते जनता को जलभराव से जूझना पड़ रहा है।
1970 में हुआ था निर्माण
हापुड़ रोड पर पुराना कमेला पुलिस चौकी के पीछे सीवर पंपिंग स्टेशन का निर्माण वर्ष 1970 में किया गया था। जो नगर महापालिका को वर्ष 1972 में हैंडओवर कर दिया गया था। अब नगर निगम का जलकल विभाग सीवर पंपिंग स्टेशन का संचालन कर रहा है। लेकिन पंपिंग स्टेशन की स्थिति बेहद खराब है। जलकल विभाग इसका संचालन करना तो दूर इसे देखना ही भूल गया है।
बिजली बंबा नाले में जाता था सीवर
पुराना कमेला पर बने सीवर पंपिंग स्टेशन के कुओं में आने वाला सीवर सीधे हापुड़ रोड पर बिजली बंबा बाईपास से गुजर रहे गंदे नाले में डाला जाता था। जिसका इस्तेमाल खेतों की सिंचाई में किया जाता था। लेकिन पिछले 20 साल से यह व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी गयी। सीवर लाइन को भी नहीं देखा गया। अब पंपिंग स्टेशन के हालात यह हैं कि पूरा सीवर ओडियन नाले में डाला जाता है। वह भी अब बंद पड़ा हुआ है।
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कुओं में आता है सीवर
शहर के एक बड़े हिस्से यानी ब्रह्मपुरी, दिल्ली रोड तक का सीवर इसी पंपिंग स्टेशन पर पहुंचता है। लेकिन पंपिंग स्टेशन की देखरेख न होने के कारण सीवर कुओं से आगे नहीं बढ़ रहा है। जिसके कारण सीवर शहर की गलियों में ही बह रहा है।
केवल एक ही चलता है पंप
सीवर पंपिंग स्टेशन पर कहने को तो तीन पंप लगे हैं। लेकिन चलता एक ही है, वह भी कभी-कभी। शहर के एक बड़े हिस्से को सीवर से निजात दिलाने के लिए पंपिंग स्टेशन का इस्तेमाल किया जाना है। लेकिन पंपिंग स्टेशन का एक पंप भी जनरेटर से नहीं चलता है। पंपिंग स्टेशन बिजली के भरोसे है। बता दें कि जब बारिश होती है तो सीवर लाइन में अधिक पानी आ जाता है। शहर जलभराव की समस्या से जूझता है। उसी समय बिजली चली जाती है। जिसके कारण पंपिंग स्टेशन की मोटर नहीं चल पाती है।
जल्द करेंगे व्यवस्था दुरुस्त
पंपिंग स्टेशन की मोटर खराब हो गयी थी, जिसे पिछले सप्ताह ही लगवाया गया है। बाकी पंपिंग स्टेशन काफी पुराना हो गया है। जल निगम शीघ्र ही उस क्षेत्र में सीवर लाइन डालने का काम करेगा। पंपिंग स्टेशन का भी जीर्णोद्धार होगा। -सुनील सिंहल, अधिशासी अभियंता जलकल
खास बातें:
- हापुड़ रोड पर लगाए गए सीवर सिस्टम को नजरअंदाज किए बैठा है नगर निगम
- पंपिंग स्टेशन में तीन पंप लगे हैं, लेकिन एक ही कभी-कभी चलता है
- शहर की गलियों में ही घूम रहा आधे शहर का सीवर
- शहर के काफी बड़े इलाकों के सीवर को काली नदी तक पहुंचाने का करता था काम, अब बंद पड़ा है
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1970 में हुआ था निर्माण
हापुड़ रोड पर पुराना कमेला पुलिस चौकी के पीछे सीवर पंपिंग स्टेशन का निर्माण वर्ष 1970 में किया गया था। जो नगर महापालिका को वर्ष 1972 में हैंडओवर कर दिया गया था। अब नगर निगम का जलकल विभाग सीवर पंपिंग स्टेशन का संचालन कर रहा है। लेकिन पंपिंग स्टेशन की स्थिति बेहद खराब है। जलकल विभाग इसका संचालन करना तो दूर इसे देखना ही भूल गया है।
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बिजली बंबा नाले में जाता था सीवर
पुराना कमेला पर बने सीवर पंपिंग स्टेशन के कुओं में आने वाला सीवर सीधे हापुड़ रोड पर बिजली बंबा बाईपास से गुजर रहे गंदे नाले में डाला जाता था। जिसका इस्तेमाल खेतों की सिंचाई में किया जाता था। लेकिन पिछले 20 साल से यह व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी गयी। सीवर लाइन को भी नहीं देखा गया। अब पंपिंग स्टेशन के हालात यह हैं कि पूरा सीवर ओडियन नाले में डाला जाता है। वह भी अब बंद पड़ा हुआ है।
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कुओं में आता है सीवर
शहर के एक बड़े हिस्से यानी ब्रह्मपुरी, दिल्ली रोड तक का सीवर इसी पंपिंग स्टेशन पर पहुंचता है। लेकिन पंपिंग स्टेशन की देखरेख न होने के कारण सीवर कुओं से आगे नहीं बढ़ रहा है। जिसके कारण सीवर शहर की गलियों में ही बह रहा है।
केवल एक ही चलता है पंप
सीवर पंपिंग स्टेशन पर कहने को तो तीन पंप लगे हैं। लेकिन चलता एक ही है, वह भी कभी-कभी। शहर के एक बड़े हिस्से को सीवर से निजात दिलाने के लिए पंपिंग स्टेशन का इस्तेमाल किया जाना है। लेकिन पंपिंग स्टेशन का एक पंप भी जनरेटर से नहीं चलता है। पंपिंग स्टेशन बिजली के भरोसे है। बता दें कि जब बारिश होती है तो सीवर लाइन में अधिक पानी आ जाता है। शहर जलभराव की समस्या से जूझता है। उसी समय बिजली चली जाती है। जिसके कारण पंपिंग स्टेशन की मोटर नहीं चल पाती है।
जल्द करेंगे व्यवस्था दुरुस्त
पंपिंग स्टेशन की मोटर खराब हो गयी थी, जिसे पिछले सप्ताह ही लगवाया गया है। बाकी पंपिंग स्टेशन काफी पुराना हो गया है। जल निगम शीघ्र ही उस क्षेत्र में सीवर लाइन डालने का काम करेगा। पंपिंग स्टेशन का भी जीर्णोद्धार होगा। -सुनील सिंहल, अधिशासी अभियंता जलकल
खास बातें:
- हापुड़ रोड पर लगाए गए सीवर सिस्टम को नजरअंदाज किए बैठा है नगर निगम
- पंपिंग स्टेशन में तीन पंप लगे हैं, लेकिन एक ही कभी-कभी चलता है
- शहर की गलियों में ही घूम रहा आधे शहर का सीवर
- शहर के काफी बड़े इलाकों के सीवर को काली नदी तक पहुंचाने का करता था काम, अब बंद पड़ा है