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बिते दो दिनो मे हुई बारिश से किसान के चेहरे पर आयी चिंता की लकीरें।
Updated Mon, 04 Sep 2017 02:31 AM IST
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धान और गन्ने की फसल जमीन पर गिरने से हुई बर्बाद
अमर उजाला ब्यूरो
माछरा।
क्षेत्र में दो दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश से किसानों के चेहरे पर चिंता के बादल छा गए हैं। वजह बारिश से गन्ना और धान की फसल खेत में ही गिर गई है। खेतों में पानी भर जाने से उड़द, मूंग आदि की फसल की बुवाई नही हो पायी है। तेज हवा के गन्ने की फसल को भी भरी नुकसान हुआ है।
क्षेत्र के खंद्रावली, मुंडाली, जिसोरा, अजराडा, जिसोरी, अमरपुर, माछरा, नंगली अब्दुल्ला, नंगलामल, नंगली किठौर, भटीपुरा, मेघराजपुर, मऊखास, सिसौली, मुरलीपुर, आलमपुर, कुढला, रछौती, गोविन्दपुरी, रहदरा, कुआंखेडा आदि गांवों के किसानों ने बताया कि दो दिन की बारिश के साथ चली तेज हवा ने धान व गन्ने की फसल को जमीन पर गिरा दिया है। उड़द की बुवाई के लिए खेत तैयार किये थे। लेकिन बारिश के बाद दोबारा खेत तैयार करने होेंगे। उनकी लागत मिट्टी मे मिल गई।
माछरा के किसान जितेन्द्र त्यागी, प्रधान राकेश त्यागी, मुकेश त्यागी, प्रमोद, उत्तम चन्द, शिवकुमार, धर्मपाल, राजेश्वर, नरेश त्यागी, धर्मेश त्यागी, मनोज शोल्दा, इरफान राधना, आदि ने बताया कि काफी पैसा खर्च करके धान की फसल को कीटों से बचाया था। फसल की देखरेख पर भी पैसा खर्च हुआ था। लेकिन बारिश ने सब तबाह कर दिया। धान की फसल जमीन पर गिर चुकी है। इससे पैदावार पर प्रभाव पड़ेगा। गन्ने के पेड़ को बंधवाने मे काफी पैसा खर्च हुआ था। जमीन पर गिरने से गन्ने का वजन कम निकलेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
माछरा।
क्षेत्र में दो दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश से किसानों के चेहरे पर चिंता के बादल छा गए हैं। वजह बारिश से गन्ना और धान की फसल खेत में ही गिर गई है। खेतों में पानी भर जाने से उड़द, मूंग आदि की फसल की बुवाई नही हो पायी है। तेज हवा के गन्ने की फसल को भी भरी नुकसान हुआ है।
क्षेत्र के खंद्रावली, मुंडाली, जिसोरा, अजराडा, जिसोरी, अमरपुर, माछरा, नंगली अब्दुल्ला, नंगलामल, नंगली किठौर, भटीपुरा, मेघराजपुर, मऊखास, सिसौली, मुरलीपुर, आलमपुर, कुढला, रछौती, गोविन्दपुरी, रहदरा, कुआंखेडा आदि गांवों के किसानों ने बताया कि दो दिन की बारिश के साथ चली तेज हवा ने धान व गन्ने की फसल को जमीन पर गिरा दिया है। उड़द की बुवाई के लिए खेत तैयार किये थे। लेकिन बारिश के बाद दोबारा खेत तैयार करने होेंगे। उनकी लागत मिट्टी मे मिल गई।
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माछरा के किसान जितेन्द्र त्यागी, प्रधान राकेश त्यागी, मुकेश त्यागी, प्रमोद, उत्तम चन्द, शिवकुमार, धर्मपाल, राजेश्वर, नरेश त्यागी, धर्मेश त्यागी, मनोज शोल्दा, इरफान राधना, आदि ने बताया कि काफी पैसा खर्च करके धान की फसल को कीटों से बचाया था। फसल की देखरेख पर भी पैसा खर्च हुआ था। लेकिन बारिश ने सब तबाह कर दिया। धान की फसल जमीन पर गिर चुकी है। इससे पैदावार पर प्रभाव पड़ेगा। गन्ने के पेड़ को बंधवाने मे काफी पैसा खर्च हुआ था। जमीन पर गिरने से गन्ने का वजन कम निकलेगा।
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