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वैदिक मंत्रों के साथ आर्यजनों ने यज्ञ में आहूतियां डाली
Updated Mon, 05 Jun 2017 01:35 AM IST
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वैदिक मंत्रों के साथ यज्ञ में आहुतियां डालीं
बड़ौत (बागपत)। रेलवे रोड पर स्थित आर्य समाज मंदिर में वैदिक यज्ञ का आयोजन किया। इस अवसर पर राष्ट्र एवं समाज की समृद्धि के लिये आर्यजनों ने आहुति दी। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य समर भानु रहे। यज्ञमान रणतेज उज्ज्वल रहे। इसमें प्रीतम सिंह वर्मा ने कहा विश्व में पूर्ण सुख शांति प्राचीन भारतीय वैदिक शिक्षा से ही संभव हो सकती है। उन्होंने कहा वर्तमान में शिक्षा में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। यह वृद्धि केवल भौतिकवादी उद्देश्यों से हुई न की सुख-शांति के उद्देश्यों से।
इस भौतिकवादी शिक्षा की तुलना हमारी भारतीय प्राचीन वैदिक शिक्षा जहां उच्च कोटि का पदार्थ विज्ञान था। वहीं पर्यावरण तथा स्वास्थ्य का स्तर अति आदर्शमय था। उन्होंने कहा विश्व को ऐसी शिक्षा की आवश्यकता है जो संपूर्ण विश्व में सुख-शांति ला सके। इसमें डॉ. ओमवीर सिंह, विनोद भारद्वाज, हरपाल सिंह, राजकुमार आर्य, मित्रमुनि, अंग्रिस मुनि, इंद्रपाल, उपेंद्र आर्य, जयप्रकाश, रितिक, जैवेंद्र आर्य, मोहन पाल, सुनील आर्य, अरुणा आर्य, गुलाबचंद, सुखपाल आदि रहे।
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बड़ौत (बागपत)। रेलवे रोड पर स्थित आर्य समाज मंदिर में वैदिक यज्ञ का आयोजन किया। इस अवसर पर राष्ट्र एवं समाज की समृद्धि के लिये आर्यजनों ने आहुति दी। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य समर भानु रहे। यज्ञमान रणतेज उज्ज्वल रहे। इसमें प्रीतम सिंह वर्मा ने कहा विश्व में पूर्ण सुख शांति प्राचीन भारतीय वैदिक शिक्षा से ही संभव हो सकती है। उन्होंने कहा वर्तमान में शिक्षा में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। यह वृद्धि केवल भौतिकवादी उद्देश्यों से हुई न की सुख-शांति के उद्देश्यों से।
इस भौतिकवादी शिक्षा की तुलना हमारी भारतीय प्राचीन वैदिक शिक्षा जहां उच्च कोटि का पदार्थ विज्ञान था। वहीं पर्यावरण तथा स्वास्थ्य का स्तर अति आदर्शमय था। उन्होंने कहा विश्व को ऐसी शिक्षा की आवश्यकता है जो संपूर्ण विश्व में सुख-शांति ला सके। इसमें डॉ. ओमवीर सिंह, विनोद भारद्वाज, हरपाल सिंह, राजकुमार आर्य, मित्रमुनि, अंग्रिस मुनि, इंद्रपाल, उपेंद्र आर्य, जयप्रकाश, रितिक, जैवेंद्र आर्य, मोहन पाल, सुनील आर्य, अरुणा आर्य, गुलाबचंद, सुखपाल आदि रहे।
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