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बहुमंजिला इमारतों का होगा परीक्षण
Updated Sat, 18 Aug 2018 02:20 AM IST
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चार मंजिल से ऊंची इमारतों का परीक्षण शुरू
मेरठ। शहर में चार मंजिल से ऊंची इमारतों का परीक्षण शुरू हो गया है। आयुक्त के निर्देश पर पहले चरण में इस तरह की इमारतों के मानचित्र स्वीकृत किए जाएंगे। जिस भवन का नक्शा स्वीकृत है, उस पर मानचित्र संख्या समेत पूरा ब्योरा बड़े बड़े शब्दों में अंकित करना होगा।
आयुक्त अनीता सी. मेश्राम ने अवैध निर्माणों के विरुद्ध प्लान तैयार किया है। योजना है वर्तमान में जो अवैध निर्माण हैं, उनका तो सत्यापन होगा ही साथ-साथ चार मंजिल से ऊंची प्रत्येक इमारत का परीक्षण होगा। बहु मंजिला इमारतों व अपार्टमेंट पर फोकस करने को कहा गया है। एमडीए पहले अपना रिकॉर्ड चेक करेगा। देखेगा कि किस इमारत का नक्शा स्वीकृत है और किसका नहीं। इसके बाद बिल्डर से पूछताछ की जाएगी। वैध और अवैध दोनों ही तरह की बिल्डिंगों पर यह सूचना जारी करने को कहा गया है। वैध बिल्डिंग की एक दीवार पर बड़े शब्दों में डेवलेपर लिखेगा कि इस भवन का नक्शा स्वीकृत है। मानचित्र संख्या, जमीन, फ्लैटों का विवरण, ओपन एरिया के साथ लेआउट भी प्रदर्शित करना होगा।
वहीं अवैध बिल्डिंग पर भी पेट से लिखा जाएगा कि यह इमारत अवैध है। निर्माण के समय भी प्रत्येक बिल्डर द्वारा नक्शा अनुमोदन के संबधित आदेश व दिनांक का विवरण बड़ा बोर्ड लगाकर प्रदर्शित करना होगा। जिस इमारत पर ऐसा नहीं होगा उसे अवैध समझा जाएगा। खरीदारों को भी जागरूक किया जाएगा ताकि वह इसका ध्यान रखें।
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समायोजन नहीं तो ध्वस्तीकरण
योजना है कि ऐसी इमारतों का समायोजन कर शमन शुल्क वसूला जाए, जो इस दायरे में आते हैं। जिन इमारतों का शमन नहीं हो सकता है उनका ध्वस्तीकरण किया जाएग। खास यह रहेगा कि जिन अवैध निर्माणों के संबंध में ध्वस्तीकरण के आदेश जारी हुए हैं तथा उसके बाद भी निर्माण कार्य किया जा रहा है, उनकी सूची अलग से तैयार होगी। ऐसे सभी बिल्डर तथा उस क्षेत्र के अधिकारियों के विरुद्घ एफआईआर होगी। जोनवार ऐसे निर्माण चिह्नित करने को कहा गया है।
वेबसाइट पर मिलेगी सारी जानकारी
एमडीए की वेबसाइट आम उपभोक्ताओं की मदद करेगी। इसे अपडेट किया जा रहा है। प्राधिकरण द्वारा जिन आवासीय बहुमंजिला इमारतों के मानचित्र स्वीकृत किए गए हैं उन्हें वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इसके अलावा अवैध कॉलोनियों की सूची भी अपलोड करने को कहा गया है।
पहले बहुमंजिला, खास तौर पर चार मंजिल से ऊपर की इमारतों का पूरा परीक्षण करने को कहा गया है। एमडीए टीम इनकी जांच करे और कार्रवाई करे। वैध इमारत पर भी पूरा ब्योरा अंकित कराया जाएगा। अनीता सी. मेश्राम, आयुक्त
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मेरठ। शहर में चार मंजिल से ऊंची इमारतों का परीक्षण शुरू हो गया है। आयुक्त के निर्देश पर पहले चरण में इस तरह की इमारतों के मानचित्र स्वीकृत किए जाएंगे। जिस भवन का नक्शा स्वीकृत है, उस पर मानचित्र संख्या समेत पूरा ब्योरा बड़े बड़े शब्दों में अंकित करना होगा।
आयुक्त अनीता सी. मेश्राम ने अवैध निर्माणों के विरुद्ध प्लान तैयार किया है। योजना है वर्तमान में जो अवैध निर्माण हैं, उनका तो सत्यापन होगा ही साथ-साथ चार मंजिल से ऊंची प्रत्येक इमारत का परीक्षण होगा। बहु मंजिला इमारतों व अपार्टमेंट पर फोकस करने को कहा गया है। एमडीए पहले अपना रिकॉर्ड चेक करेगा। देखेगा कि किस इमारत का नक्शा स्वीकृत है और किसका नहीं। इसके बाद बिल्डर से पूछताछ की जाएगी। वैध और अवैध दोनों ही तरह की बिल्डिंगों पर यह सूचना जारी करने को कहा गया है। वैध बिल्डिंग की एक दीवार पर बड़े शब्दों में डेवलेपर लिखेगा कि इस भवन का नक्शा स्वीकृत है। मानचित्र संख्या, जमीन, फ्लैटों का विवरण, ओपन एरिया के साथ लेआउट भी प्रदर्शित करना होगा।
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वहीं अवैध बिल्डिंग पर भी पेट से लिखा जाएगा कि यह इमारत अवैध है। निर्माण के समय भी प्रत्येक बिल्डर द्वारा नक्शा अनुमोदन के संबधित आदेश व दिनांक का विवरण बड़ा बोर्ड लगाकर प्रदर्शित करना होगा। जिस इमारत पर ऐसा नहीं होगा उसे अवैध समझा जाएगा। खरीदारों को भी जागरूक किया जाएगा ताकि वह इसका ध्यान रखें।
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समायोजन नहीं तो ध्वस्तीकरण
योजना है कि ऐसी इमारतों का समायोजन कर शमन शुल्क वसूला जाए, जो इस दायरे में आते हैं। जिन इमारतों का शमन नहीं हो सकता है उनका ध्वस्तीकरण किया जाएग। खास यह रहेगा कि जिन अवैध निर्माणों के संबंध में ध्वस्तीकरण के आदेश जारी हुए हैं तथा उसके बाद भी निर्माण कार्य किया जा रहा है, उनकी सूची अलग से तैयार होगी। ऐसे सभी बिल्डर तथा उस क्षेत्र के अधिकारियों के विरुद्घ एफआईआर होगी। जोनवार ऐसे निर्माण चिह्नित करने को कहा गया है।
वेबसाइट पर मिलेगी सारी जानकारी
एमडीए की वेबसाइट आम उपभोक्ताओं की मदद करेगी। इसे अपडेट किया जा रहा है। प्राधिकरण द्वारा जिन आवासीय बहुमंजिला इमारतों के मानचित्र स्वीकृत किए गए हैं उन्हें वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इसके अलावा अवैध कॉलोनियों की सूची भी अपलोड करने को कहा गया है।
पहले बहुमंजिला, खास तौर पर चार मंजिल से ऊपर की इमारतों का पूरा परीक्षण करने को कहा गया है। एमडीए टीम इनकी जांच करे और कार्रवाई करे। वैध इमारत पर भी पूरा ब्योरा अंकित कराया जाएगा। अनीता सी. मेश्राम, आयुक्त