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साहिबजादों का शहीदी दिवस मनाया
Updated Fri, 29 Dec 2017 02:22 AM IST
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मेरठ। सिख समाज ने थापरनगर स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में गुरु गोविंद सिंह के चार साहिबजादों और उनकी दादी मां गूजर कौर का शहीदी दिवस मनाया गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के जत्थे ने शबद कीर्तन एवं शहीदी इतिहास गायन कर सबको भाव विभोर कर दिया।
उन्होंने कहा कि नानक ऐसे मरनी जो मरे, ता सद जीवन होय, मरने ते सब जग डरे जीवन लोरै सब कोय, अति ही रण में तब जझ मरो, पहला मरण कबूल जीवन की छड़ आस, गुरु गोविंद दे चार दुलारे जिंद देश दी खातिर वार गए से सभी को झकझोर दिया। सभा उपाध्यक्ष सरदार रंजीत सिंह जस्सल ने महान शहीदों को नमन करते हुए कहा कि चारों साहिबजादों, दादी माता गूजर कौर एवं गुरु तेग बहादुर (दादा) के बलिदान की अनुपम गाथा इसकी साक्षी है कि इतने छोटे बच्चे भी देश धर्म के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा सकते हैं। सिख समाज ने प्रदेश सरकार से साहिबजादों के शहीदी दिवस को बाल दिवस घोषित करने की मांग की। अकाल प्रमुख की फौज मेरठ सर्किल के महासचिव परमजीत सिंह सहानी ने कार्यक्रम का संचालन किया। सरदार गुरविंदर सिंह सेठी, सरदार दविंदरजीत सिंह सेठी, जसबीर सिंह खालसा, सुरिंदर सिंह भाटिया, गुरमुख सिंह, तख्त सिंह, जसबीर सिंह नैयर, जसपाल सिंह जस्सी, आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि नानक ऐसे मरनी जो मरे, ता सद जीवन होय, मरने ते सब जग डरे जीवन लोरै सब कोय, अति ही रण में तब जझ मरो, पहला मरण कबूल जीवन की छड़ आस, गुरु गोविंद दे चार दुलारे जिंद देश दी खातिर वार गए से सभी को झकझोर दिया। सभा उपाध्यक्ष सरदार रंजीत सिंह जस्सल ने महान शहीदों को नमन करते हुए कहा कि चारों साहिबजादों, दादी माता गूजर कौर एवं गुरु तेग बहादुर (दादा) के बलिदान की अनुपम गाथा इसकी साक्षी है कि इतने छोटे बच्चे भी देश धर्म के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा सकते हैं। सिख समाज ने प्रदेश सरकार से साहिबजादों के शहीदी दिवस को बाल दिवस घोषित करने की मांग की। अकाल प्रमुख की फौज मेरठ सर्किल के महासचिव परमजीत सिंह सहानी ने कार्यक्रम का संचालन किया। सरदार गुरविंदर सिंह सेठी, सरदार दविंदरजीत सिंह सेठी, जसबीर सिंह खालसा, सुरिंदर सिंह भाटिया, गुरमुख सिंह, तख्त सिंह, जसबीर सिंह नैयर, जसपाल सिंह जस्सी, आदि मौजूद रहे।
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