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मुख्य कर निर्धारण अधिकारी व दो लिपिकों पर गाज
Updated Sat, 12 Aug 2017 02:55 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
हाउस टैक्स में हेराफेरी कर नामांतरण करना निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी और दो लिपिकों को भारी पड़ गया। कमिश्नर ने जांच के बाद निगम के अधिकारी और दो लिपिकों के खिलाफ निलंबन और एक प्राइवेट व्यक्ति सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी कर दिए हैं।
कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि कंकरखेड़ा आर्य नगर निवासी मधु भारद्वाज ने शासन में शिकायत की थी कि संपत्ति के नामांतरण में हेराफेरी की गई है। इसकी अपर आयुक्त मेरठ मंडल की जांच में नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी कुमार असीम रंजन, लिपिक विनोद कुमारी शर्मा और सुनील सैनी को धोखाधड़ी में संलिप्त पाया गया। मनमोहन भारद्वाज द्वारा बेची गई जमीन का नामांतरण अमित मोहन भारद्वाज के नाम पहले ही किया जा चुका था उसका नामांतरण निगम अधिकारी एवं लिपिकों ने फिर से मनमोहन भारद्वाज के पक्ष में करने का प्रयास किया। अपर आयुक्त ने जांच में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, दोनों लिपिक और मनमोहन भारद्वाज को दोषी माना। कमिश्नर का कहना है कि नगरायुक्त को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ निलंबन की कार्रवाई कर 12 अगस्त तक अवगत कराया जाए। इस संबंध में प्रभारी नगरायुक्त अलीहसन कर्नी का कहना है कि कमिश्नर के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई की जा रही है।
एक और जांच को पहुंचे एसडीएम
मेरठ। नगर निगम के हाउस टैक्स विभाग की एक और शिकायत पर शुक्रवार को एसडीएम सदर नगर निगम में जांच करने पहुंचे। एसडीएम ने लिपिक नवीन रस्तोगी सहित कई अधिकारी व कर्मचारियों से अपर नगरायुक्त कार्यालय में बैठकर बयान लिए। साथ ही पत्रावलियों की जांच की। हालांकि जांच किस शिकायत पर की जा रही है। इसको अभी गोपनीय रखा गया है। लेकिन जांच के बाद से नगर निगम के अन्य अधिकारी व लिपिकों के चेहरे की हवाइयां उड़ी हैं। क्योंकि कमिश्नर ऐसे ही प्रकरण में टैक्स विभाग के अधिकारी व लिपिकों के खिलाफ निलंबन के आदेश जारी कर चुके हैं।
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खास बातें..
- कमिश्नर की कार्रवाई के बाद निगम अधिकारियों के भी छूटे हैं पसीने
- भूमि नामांतरण में भ्रष्टाचार का है मामला
- मुख्य कर निर्धारण अधिकारी और दो लिपिकों की पायी गई संलिप्ता
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मेरठ।
हाउस टैक्स में हेराफेरी कर नामांतरण करना निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी और दो लिपिकों को भारी पड़ गया। कमिश्नर ने जांच के बाद निगम के अधिकारी और दो लिपिकों के खिलाफ निलंबन और एक प्राइवेट व्यक्ति सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी कर दिए हैं।
कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि कंकरखेड़ा आर्य नगर निवासी मधु भारद्वाज ने शासन में शिकायत की थी कि संपत्ति के नामांतरण में हेराफेरी की गई है। इसकी अपर आयुक्त मेरठ मंडल की जांच में नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी कुमार असीम रंजन, लिपिक विनोद कुमारी शर्मा और सुनील सैनी को धोखाधड़ी में संलिप्त पाया गया। मनमोहन भारद्वाज द्वारा बेची गई जमीन का नामांतरण अमित मोहन भारद्वाज के नाम पहले ही किया जा चुका था उसका नामांतरण निगम अधिकारी एवं लिपिकों ने फिर से मनमोहन भारद्वाज के पक्ष में करने का प्रयास किया। अपर आयुक्त ने जांच में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, दोनों लिपिक और मनमोहन भारद्वाज को दोषी माना। कमिश्नर का कहना है कि नगरायुक्त को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ निलंबन की कार्रवाई कर 12 अगस्त तक अवगत कराया जाए। इस संबंध में प्रभारी नगरायुक्त अलीहसन कर्नी का कहना है कि कमिश्नर के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई की जा रही है।
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एक और जांच को पहुंचे एसडीएम
मेरठ। नगर निगम के हाउस टैक्स विभाग की एक और शिकायत पर शुक्रवार को एसडीएम सदर नगर निगम में जांच करने पहुंचे। एसडीएम ने लिपिक नवीन रस्तोगी सहित कई अधिकारी व कर्मचारियों से अपर नगरायुक्त कार्यालय में बैठकर बयान लिए। साथ ही पत्रावलियों की जांच की। हालांकि जांच किस शिकायत पर की जा रही है। इसको अभी गोपनीय रखा गया है। लेकिन जांच के बाद से नगर निगम के अन्य अधिकारी व लिपिकों के चेहरे की हवाइयां उड़ी हैं। क्योंकि कमिश्नर ऐसे ही प्रकरण में टैक्स विभाग के अधिकारी व लिपिकों के खिलाफ निलंबन के आदेश जारी कर चुके हैं।
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खास बातें..
- कमिश्नर की कार्रवाई के बाद निगम अधिकारियों के भी छूटे हैं पसीने
- भूमि नामांतरण में भ्रष्टाचार का है मामला
- मुख्य कर निर्धारण अधिकारी और दो लिपिकों की पायी गई संलिप्ता