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ट्रेन से कटकर बच्ची की मौत
Updated Fri, 25 Aug 2017 02:35 AM IST
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ट्रेन की चपेट में आए दो मासूम, एक की मौत
मेरठ। मेरठ-हापुड़ रेलमार्ग के ततीना गांव में रेलवे ट्रैक पर खेल रहे दो बच्चे पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गए। इसमें एक बच्चे की अस्पताल ले जाते वक्त मौत हो गई, जबकि एक बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
परतापुर थाना क्षेत्र के ततीना गांव निवासी मनोज पाल का बेटा आर्यन (4) और देवेंद्र की बेटी अंशिका (3) बृहस्पतिवार सुबह करीब 10.15 बजे गांव में रेलवे ट्रैक के किनारे खेल रहे थे। इस दौरान मेरठ की ओर से पैसेंजर ट्रेन आ गई। ग्रामीणों के अनुसार ट्रेन के चालक ने बच्चों को ट्रैक पर खेलते देख लिया। उसने ब्रेक भी लगाए, लेकिन ट्रेन रुकने से पहले ही दोनों बच्चे उसकी चपेट में आ गए। अंशिका इंजन से टकराकर दूर जा गिरी उसके सिर और पैर में गंभीर चोट आई, जबकि आर्यन इंजन के नीचे आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में गहरी चोट आई।
ट्रेन में सवार कुछ यात्रियों ने नीचे उतरकर ट्रेन के नीचे से आर्यन को निकाला। सूचना पर दोनों बच्चों के परिजन और पुलिस मौके पर पहुंची। घायल बच्चों को हापुड़ रोड के निजी अस्पताल ले जाया गया ,जहां चिकित्सकों ने आर्यन को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल अंशिका की हालत गंभीर बनी हुई है। इंस्पेक्टर परतापुर दीपक शर्मा ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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खेत में काम कर रहे थे परिजन
रेलवे लाइन के किनारे पड़ने वाले गांवों में अक्सर बच्चे रेलवे ट्रैक के पास खेलते हैं और उनके परिजन खेतों में काम करते रहते हैं। बृहस्पतिवार को हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ। आर्यन की मां प्रमिला और अंशिका की मां गीता दोनों खेत में काम करने सुबह आठ बजे गई थीं और उनके पीछे ही दोनाें बच्चे चले गए।
परिवार में कोहराम, नहीं जले चूल्हे
आर्यन के पिता मनोज मजदूरी करते हैं। आर्थिक हालत भी कमजोर है। आर्यन की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। उसकी मां प्रमिला शव से लिपटकर बुरी तरह बिलख रही थी। उसकी दादी शकुंतला बार बार आर्यन को पुकार रही थी। आर्यन का एक छोटा भाई आदि है। वहीं बच्चे की अंतिम क्रिया के दौरान मुस्लिम समाज के काफी लोग शामिल हुए। गांव में कई घरों में दोपहर को चूल्हे भी नहीं जले।
खास बातें
मेरठ-हापुड़ रेलमार्ग के ततीना गांव में हुआ हादसा, चालक ने बच्चों कोदेख ब्रेक लगाए
ट्रेन रुकने से पहले ही दोनों मासूम आ गए चपेट में
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मेरठ। मेरठ-हापुड़ रेलमार्ग के ततीना गांव में रेलवे ट्रैक पर खेल रहे दो बच्चे पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गए। इसमें एक बच्चे की अस्पताल ले जाते वक्त मौत हो गई, जबकि एक बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
परतापुर थाना क्षेत्र के ततीना गांव निवासी मनोज पाल का बेटा आर्यन (4) और देवेंद्र की बेटी अंशिका (3) बृहस्पतिवार सुबह करीब 10.15 बजे गांव में रेलवे ट्रैक के किनारे खेल रहे थे। इस दौरान मेरठ की ओर से पैसेंजर ट्रेन आ गई। ग्रामीणों के अनुसार ट्रेन के चालक ने बच्चों को ट्रैक पर खेलते देख लिया। उसने ब्रेक भी लगाए, लेकिन ट्रेन रुकने से पहले ही दोनों बच्चे उसकी चपेट में आ गए। अंशिका इंजन से टकराकर दूर जा गिरी उसके सिर और पैर में गंभीर चोट आई, जबकि आर्यन इंजन के नीचे आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में गहरी चोट आई।
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ट्रेन में सवार कुछ यात्रियों ने नीचे उतरकर ट्रेन के नीचे से आर्यन को निकाला। सूचना पर दोनों बच्चों के परिजन और पुलिस मौके पर पहुंची। घायल बच्चों को हापुड़ रोड के निजी अस्पताल ले जाया गया ,जहां चिकित्सकों ने आर्यन को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल अंशिका की हालत गंभीर बनी हुई है। इंस्पेक्टर परतापुर दीपक शर्मा ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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खेत में काम कर रहे थे परिजन
रेलवे लाइन के किनारे पड़ने वाले गांवों में अक्सर बच्चे रेलवे ट्रैक के पास खेलते हैं और उनके परिजन खेतों में काम करते रहते हैं। बृहस्पतिवार को हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ। आर्यन की मां प्रमिला और अंशिका की मां गीता दोनों खेत में काम करने सुबह आठ बजे गई थीं और उनके पीछे ही दोनाें बच्चे चले गए।
परिवार में कोहराम, नहीं जले चूल्हे
आर्यन के पिता मनोज मजदूरी करते हैं। आर्थिक हालत भी कमजोर है। आर्यन की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। उसकी मां प्रमिला शव से लिपटकर बुरी तरह बिलख रही थी। उसकी दादी शकुंतला बार बार आर्यन को पुकार रही थी। आर्यन का एक छोटा भाई आदि है। वहीं बच्चे की अंतिम क्रिया के दौरान मुस्लिम समाज के काफी लोग शामिल हुए। गांव में कई घरों में दोपहर को चूल्हे भी नहीं जले।
खास बातें
मेरठ-हापुड़ रेलमार्ग के ततीना गांव में हुआ हादसा, चालक ने बच्चों कोदेख ब्रेक लगाए
ट्रेन रुकने से पहले ही दोनों मासूम आ गए चपेट में