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बिजली के खंभे से टकराने से जवान की मौत
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बिजली के खंभे से टकराने से जवान की मौत
सरधना/बलरामपुर। चलती बस की खिड़की से पान थूकते समय सिर बिजली के खंभे से टकरा जाने से सीआरपीएफ के जवान की मौत हो गई। घटना के समय जवान चुनाव की ड्यूटी समाप्त कर लौट रहा था। उसकी वाराणसी में तैनाती थी। रविवार को देर रात सीआरपीएफ के हेडक्वार्टर से परिजनों को हादसे की सूचना मिली। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
चंद्रशेखर सिंह (35) पुत्र देवी सिंह मेरठ जिले के सरधना थाने के जुल्हेड़ा गांव का निवासी था। वर्ष 2006 में वह सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। वर्तमान समय में वह 95 सीआरपीएफ में तैनात था। रविवार को लोकसभा चुनाव के दौरान ड्यूटी लगने पर चंद्रशेखर सिंह भी साथियों संग जिले में आया था। उसकी ड्यूटी सगड़ी तहसील क्षेत्र के गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र में लगी थी। चुनाव की ड्यूटी समाप्त कर चंद्रशेखर रोडवेज की बस में बैठकर अपने अन्य साथियों के साथ जिला मुख्यालय लौट रहा था। रास्ते में बस रुकने पर चंद्रशेखर ने पान खाया। जहानागंज कस्बे में चंद्रशेखर ने पान की पीक थूकने के लिए बस की खिड़की खोलकर अपनी गर्दन बाहर निकाली। इस दौरान सिर सड़क के किनारे खड़े विद्युत पोल से टकरा जाने से घायल हो गया। आनन-फानन में चंद्रशेखर को जिला अस्पताल के लिए लेकर चल दिए। रास्ते में उसकी मौत हो गई।
जुल्हेड़ा गांव निवासी राजमिस्त्री देवी सिंह के पांच पुत्र हैं। जिसमें बड़ा बेटा राजू, दूसरा सुनील, तीसरा जल सिंह, चौथा पीतम तथा पांचवें नंबर पर चंद्रशेखर था। बीती देर रात करीब 12 बजे सोमवार देर शाम चंद्रशेखर का शव पहले दिल्ली तथा बाद में मेरठ आएगा। उसके बाद या तो रात में या फिर मंगलवार सुबह गांव पहुंचेगा। उधर, चंद्रशेखर के पिता देवी सिंह, मां मूर्ति देवी, पत्नी रूबी, बहन निसार व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चंदशेखर की मौत की सूचना पाकर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीण चंद्रशेखर के घर पहुंचे तथा परिजनों का ढांढ़स बंधाया। चंद्रशेखर के परिवार में पत्नी रूबी के साथ पांच वर्षीय पुत्र गगन एवं आठ माह की पुत्री लवी है।
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सरधना/बलरामपुर। चलती बस की खिड़की से पान थूकते समय सिर बिजली के खंभे से टकरा जाने से सीआरपीएफ के जवान की मौत हो गई। घटना के समय जवान चुनाव की ड्यूटी समाप्त कर लौट रहा था। उसकी वाराणसी में तैनाती थी। रविवार को देर रात सीआरपीएफ के हेडक्वार्टर से परिजनों को हादसे की सूचना मिली। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
चंद्रशेखर सिंह (35) पुत्र देवी सिंह मेरठ जिले के सरधना थाने के जुल्हेड़ा गांव का निवासी था। वर्ष 2006 में वह सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। वर्तमान समय में वह 95 सीआरपीएफ में तैनात था। रविवार को लोकसभा चुनाव के दौरान ड्यूटी लगने पर चंद्रशेखर सिंह भी साथियों संग जिले में आया था। उसकी ड्यूटी सगड़ी तहसील क्षेत्र के गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र में लगी थी। चुनाव की ड्यूटी समाप्त कर चंद्रशेखर रोडवेज की बस में बैठकर अपने अन्य साथियों के साथ जिला मुख्यालय लौट रहा था। रास्ते में बस रुकने पर चंद्रशेखर ने पान खाया। जहानागंज कस्बे में चंद्रशेखर ने पान की पीक थूकने के लिए बस की खिड़की खोलकर अपनी गर्दन बाहर निकाली। इस दौरान सिर सड़क के किनारे खड़े विद्युत पोल से टकरा जाने से घायल हो गया। आनन-फानन में चंद्रशेखर को जिला अस्पताल के लिए लेकर चल दिए। रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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जुल्हेड़ा गांव निवासी राजमिस्त्री देवी सिंह के पांच पुत्र हैं। जिसमें बड़ा बेटा राजू, दूसरा सुनील, तीसरा जल सिंह, चौथा पीतम तथा पांचवें नंबर पर चंद्रशेखर था। बीती देर रात करीब 12 बजे सोमवार देर शाम चंद्रशेखर का शव पहले दिल्ली तथा बाद में मेरठ आएगा। उसके बाद या तो रात में या फिर मंगलवार सुबह गांव पहुंचेगा। उधर, चंद्रशेखर के पिता देवी सिंह, मां मूर्ति देवी, पत्नी रूबी, बहन निसार व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चंदशेखर की मौत की सूचना पाकर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीण चंद्रशेखर के घर पहुंचे तथा परिजनों का ढांढ़स बंधाया। चंद्रशेखर के परिवार में पत्नी रूबी के साथ पांच वर्षीय पुत्र गगन एवं आठ माह की पुत्री लवी है।
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