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गोवंश का संवर्धन ही गोवर्धन पूजा है: शांडिल्य
Updated Fri, 16 Nov 2018 02:39 AM IST
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गोवंश का संवर्धन ही गोवर्धन पूजा है: शांडिल्य
कंकरखेड़ा। सुरेश्वरी गोपीठ पुण्यार्थ न्यास के तत्वावधान में रोहटा रोड स्थित राधे मोहन सत्संग भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को कथा व्यास पंडित कृष्णप्रीत शांडिल्य द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। उन्होंने भक्तों को पूतना उद्धार, माखन चोरी, चीर हरण, गोवर्णन लीला आदि का मधुर व्याख्यान किया। उन्होंने भक्तों को बताया कि प्रकृति तथा गोवंश का संवर्धन ही गोवर्धन पूजा है। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि देवी-देवताओं की पूजा से भी अधिक जरूरी नदी, पर्वत, वृक्ष तथा गायों का सरंक्षण, संवर्धन तथा सुचिता ही मनुष्य के लिए सबसे बड़ा अनुष्ठान है। यह सब पूजनीय है। अत: हम इनके सदैव ऋणी हैं। महंत विनोद दास, शेर सिंह, राजेंद्र सिंह, चेतन गर्ग, कुबेर पांडे, पुष्पेंद्र सिरोही, बिजेंद्र सिसौदिया, सुरेंद्र चौहान, पं. विष्णु दत्त शर्मा आदि मौजूद रहे।
कंकरखेड़ा। सुरेश्वरी गोपीठ पुण्यार्थ न्यास के तत्वावधान में रोहटा रोड स्थित राधे मोहन सत्संग भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को कथा व्यास पंडित कृष्णप्रीत शांडिल्य द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। उन्होंने भक्तों को पूतना उद्धार, माखन चोरी, चीर हरण, गोवर्णन लीला आदि का मधुर व्याख्यान किया। उन्होंने भक्तों को बताया कि प्रकृति तथा गोवंश का संवर्धन ही गोवर्धन पूजा है। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि देवी-देवताओं की पूजा से भी अधिक जरूरी नदी, पर्वत, वृक्ष तथा गायों का सरंक्षण, संवर्धन तथा सुचिता ही मनुष्य के लिए सबसे बड़ा अनुष्ठान है। यह सब पूजनीय है। अत: हम इनके सदैव ऋणी हैं। महंत विनोद दास, शेर सिंह, राजेंद्र सिंह, चेतन गर्ग, कुबेर पांडे, पुष्पेंद्र सिरोही, बिजेंद्र सिसौदिया, सुरेंद्र चौहान, पं. विष्णु दत्त शर्मा आदि मौजूद रहे।